{"_id":"5d94fef08ebc3e01740f6891","slug":"tickat-politcal-rewari-news-rtk5212369146","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेवाड़ी-कोसली में राव समर्थक को टिकट, विधायक के बगावती सुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेवाड़ी-कोसली में राव समर्थक को टिकट, विधायक के बगावती सुर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन की देरी से बुधवार को रेवाड़ी और कोसली विधानसभा सीट पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। रेवाड़ी सीट से केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत के कट्टर समर्थक सुनील मुसेपुर व कोसली से राव के साथ पांच सालों से हनुमान की तरह खड़े पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। बीजेपी जहां परिवारवाद के सामने नहीं झुकी, लेकिन इन दोनों सीटों पर राव की चली है। इधर रेवाड़ी विधायक ने बगावत करते हुए कहा मैं चुनाव लडू़ंगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत बेटी के लिए रेवाड़ी विधानसभा सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन भाजपा की ओर से राव को स्पष्ट कह दिया गया था कि सांसद के बेटा-बेटियों को टिकट नहीं मिलेगा। इसके चलते ही 30 सितंबर को भाजपा की ओर से जारी लिस्ट में रेवाड़ी व कोसली से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं हो पाई। राव किसी भी कीमत पर बेटी को रेवाड़ी से टिकट दिलाना चाहते थे। पहली सूची जारी होते ही राव का फोन बंद हो गया था।
कोसली में संगठन ने निकाला बीच का रास्ता
राव इंद्रजीत रेवाड़ी सीट से जहां बेटी आरती राव को टिकट दिलाना चाहते थे, वहीं कोसली सीट पर वह अपने निजी पीए रवि यादव को टिकट दिलाने के लिए अड़े हुए थे। बीजेपी प्रदेश व शीर्ष नेतृत्व भी उनके सामने झुकने को तैयार नहीं था, क्योंकि परिवारवार का हवाला देकर बेटी को टिकट देने से मना कर दिया गया था। रेवाड़ी सीट पर जहां पूरी तरह से राव की पसंद के उम्मीदवार को टिकट दी गई। वहीं कोसली में बीच का रास्ता निकाला गया। लक्ष्मण सिंह यादव बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे हैं। लेकिन 2014 के चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद से वह राव इंद्रजीत खेमे चले गए थे। बीते पांच साल से वह राव इंद्रजीत खेमे ही रहकर कोसली से अपनी दावेदारी पुख्ता कर रहे थे।
विज्ञापन
इधर बगावत शुरु:
मैं सुधारक, चुनाव लड़कर करुंगा भाजपा की भूल सुधार: रेवाड़ी विधायक
रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने टिकट कटने पर कहा कि हम भाजपा के सुधारक हैं, रेवाड़ी सीट से चुनाव लड़कर जीतेंगे और भाजपा की भूल सुधार करेंगे। उन्होंने कहा कि टिकट दिलाने वाला व लेना भाजपा का दस नंबरी है। हम भाजपा के एक नबरी हैं। असली बीजेेेपी के उम्मीदवार हम हैं। जो व्यक्ति पांच साल तक मुख्यमंत्री व भाजपा को कोसता रहा, उसने एक पोस्टर ब्वॉय को टिकट दिलाकर भाजपा की कबर खोदने का काम किया है।
कोसली सीट पर भी मचेगा घमासान
कोसली से भी विधायक बिक्रम ठेकेदार की टिकट काट दी गई है। वहीं कोसली मे चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री जगदीश यादव भी भजपा की टिकट मांग रहे थे। ऐसे में दोनों को ही टिकट नहीं मिलने से ये लोग निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। जगदीश यादव ने तो पहले ही चार अक्टूबर को समर्थकों की बैठक बुलाई हुई है। ऐसे में भाजपा में घमासान मचना तय है।
विज्ञापन
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत बेटी के लिए रेवाड़ी विधानसभा सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन भाजपा की ओर से राव को स्पष्ट कह दिया गया था कि सांसद के बेटा-बेटियों को टिकट नहीं मिलेगा। इसके चलते ही 30 सितंबर को भाजपा की ओर से जारी लिस्ट में रेवाड़ी व कोसली से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं हो पाई। राव किसी भी कीमत पर बेटी को रेवाड़ी से टिकट दिलाना चाहते थे। पहली सूची जारी होते ही राव का फोन बंद हो गया था।
विज्ञापन
कोसली में संगठन ने निकाला बीच का रास्ता
राव इंद्रजीत रेवाड़ी सीट से जहां बेटी आरती राव को टिकट दिलाना चाहते थे, वहीं कोसली सीट पर वह अपने निजी पीए रवि यादव को टिकट दिलाने के लिए अड़े हुए थे। बीजेपी प्रदेश व शीर्ष नेतृत्व भी उनके सामने झुकने को तैयार नहीं था, क्योंकि परिवारवार का हवाला देकर बेटी को टिकट देने से मना कर दिया गया था। रेवाड़ी सीट पर जहां पूरी तरह से राव की पसंद के उम्मीदवार को टिकट दी गई। वहीं कोसली में बीच का रास्ता निकाला गया। लक्ष्मण सिंह यादव बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे हैं। लेकिन 2014 के चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद से वह राव इंद्रजीत खेमे चले गए थे। बीते पांच साल से वह राव इंद्रजीत खेमे ही रहकर कोसली से अपनी दावेदारी पुख्ता कर रहे थे।
विज्ञापन
इधर बगावत शुरु:
मैं सुधारक, चुनाव लड़कर करुंगा भाजपा की भूल सुधार: रेवाड़ी विधायक
रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने टिकट कटने पर कहा कि हम भाजपा के सुधारक हैं, रेवाड़ी सीट से चुनाव लड़कर जीतेंगे और भाजपा की भूल सुधार करेंगे। उन्होंने कहा कि टिकट दिलाने वाला व लेना भाजपा का दस नंबरी है। हम भाजपा के एक नबरी हैं। असली बीजेेेपी के उम्मीदवार हम हैं। जो व्यक्ति पांच साल तक मुख्यमंत्री व भाजपा को कोसता रहा, उसने एक पोस्टर ब्वॉय को टिकट दिलाकर भाजपा की कबर खोदने का काम किया है।
कोसली सीट पर भी मचेगा घमासान
कोसली से भी विधायक बिक्रम ठेकेदार की टिकट काट दी गई है। वहीं कोसली मे चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री जगदीश यादव भी भजपा की टिकट मांग रहे थे। ऐसे में दोनों को ही टिकट नहीं मिलने से ये लोग निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। जगदीश यादव ने तो पहले ही चार अक्टूबर को समर्थकों की बैठक बुलाई हुई है। ऐसे में भाजपा में घमासान मचना तय है।