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अब पार्कों में कुत्तों को घुमाने और अनाज डालने वालों से वसूला जाएगा जुर्माना
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रेवाड़ी। पार्कों में कुत्तों को घुमाने और आटा, चीनी समेत अन्य अनाज डालने वालों से नगर परिषद द्वारा जुर्माना वसूला जाएगा। नगर परिषद की सोमवार को हुई बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास किया गया। एनडीसी यानी नो ड्यूज सर्टिफिकेट को नगर परिषद से ही जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा संपत्ति पहचान सर्वेक्षण के लिए याशी कंपनी का टेंडर रद्द करने पर भी सहमति बनी। बैठक में पार्षदों ने नाराजगी जताई कि शिकायत के बाद भी ठेकेदार स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं करता है। उसका टेंडर रद्द कर नए ठेकेदार को टेंडर दिया जाए। नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम यादव की अध्यक्षता वाली विशेष बैठक में सांसद, विधायक और दो पार्षदों को छोड़कर अधिकांश नप सदस्य शामिल हुए। बैठक में शहर से जुड़े 18 मुख्य बिंदुओं वाले कार्य मसौदे पर विचार हुआ। इसके अलावा दस अन्य मामले भी नप चेयरपर्सन की अनुमति से पेश हुए, उन्हें भी पार्षदों की स्वीकृति से पारित कर दिया।
बैठक में नप के राजस्व विभाग की तरफ बकाया 24 करोड़ वाले मामले में भी चुप्पी रही। उपायुक्त यशेंद्र सिंह का तबादला होने के बाद की स्थिति को भांपकर नप सदस्यों ने इस मामले में नई रणनीति बनाई है। इसमें नए उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग के पदभार संभालने के बाद उनसे मुलाकात करके उनके समक्ष यह मांग उठाई जाएगी। फिलहाल नप की इस विशेष बैठक में बकाया 24 करोड़ का मुद्दा गौण रहा। बैठक में पार्षद लोकेश यादव ने पूछा कि नप की जमीन कहां - कहां और कितनी है, उनकी सभी पार्षदों को जानकारी दी जाए और इन पर अवैध कब्जे नहीं हों, इसके लिए इनकी चहारदीवारी कराई जाए। शहर में बार - बार खराब होती स्ट्रीट लाइटों के मामले में पार्षद ने कहा कि यह बेहद गंभीर और जनहित से जुड़ा मुद्दा है। ठेकेदार बार - बार शिकायत करने के बाद स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं करता, इसका टेंडर रद्द करके नए ठेकेदार को टेंडर दिया जाए। उधर बीते साल दिसंबर माह से नगर परिषद के गले की फांस बने याशी कंपनी के सर्वेक्षण पर इस विशेष बैठक में एतराज जताया गया। पार्षदों ने कहा कि यह सर्वेक्षण पूरी तरह गलत हुआ है। अधिकांश लोग इससे नाखुश हैं, इसलिए जयपुर की याशी कंपनी का टेंडर रद्द करके किसी दूसरी कंपनी से संपत्ति पहचान सर्वेक्षण कार्य कराया जाए। इसके साथ ही इस कंपनी को आगामी भुगतान नहीं किए जाने का प्रस्ताव भी नगर पार्षदों ने इस बैठक में पारित किया।
एनडीसी के लिए शुक्ल हो निर्धारित
एनडीसी यानी नो ड्यूज सर्टिफिकेट को लेकर शहरवासियों से नगर परिषद के बाहर लूट होने की बात कहकर पार्षदों ने कहा कि एनडीसी जारी करने की व्यवस्था नगर परिषद में शुरू की जाए। इसके लिए नप की तरफ से शुल्क निर्धारित कर दिया जाए और लोगों को यहीं सुविधा मिले। नप अधिकारियों ने पार्षदों की यह मांग मान ली और यह प्रस्ताव भी पारित कर दिया। इस मामले में नगर पार्षदों की एक कमेटी गठित की गई है, जिसमें पार्षद मनीष गुप्ता, लोकेश यादव, सतेंद्र यादव और दो अन्य को सदस्य मनाया गया है। यह कमेटी ऐसे मामले देखेगी। रामसिंहपुरा में नगर निगम मानेसर क्षेत्र का कूड़ा फेंके जाने पर पार्षदों ने कड़ा एतराज जताकर कहा कि जिले को हम डंपिंग यार्ड नहीं बनने देंगे। ऐसा करने से जिला रेवाड़ी पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उधर सार्वजनिक पार्कों में पालतू कुत्ते घुमाने को लेकर नप पार्षदों ने इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि नप अधिकारी पार्कों के रख - रखाव से संबंधित ठेकेदार को यह सख्त हिदायत दे कि वह अपने कर्मचारियों के माध्यम से पार्कों में कुत्तों और आवारा जानवरों के घूमने पर रोक लगाए। पार्कों में अनाज या आटा डालने पर भी रोक लगाने की बात सामने आई है। अगर कोई व्यक्ति अपने पालतू के साथ पार्क में दिखाई दे या अनाज या आटा डालता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाए। इस संबंध में हर पार्क में सूचनाएं चस्पा कराई जाएं।
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मानसून से पहले होगी सफाई, खरीदी जाएंगी मशीनें
पार्षदों ने शहर में बरसाती पानी के भराव की समस्या को लेकर कहा कि नप अधिकारियों एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संयुक्त रूप से बैठक करके इस समस्या का मानसून आने से पहले समाधान किया जाए। सभी सीवरों की समुचित सफाई कराई जाए ताकि जल भराव नहीं हो। इस काम के लिए नप की इस विशेष बैठक में पार्षदों ने शहर की छोटी गलियों में सीवर सफाई के काम में इस्तेमाल होने वाली दो छोटी मशीनें खरीदने के प्रस्ताव पर भी अपनी मुहर लगा दी। इनके साथ ही शहर से जुड़े एक अहम मुद्दे पर भी पार्षद सहमत हुए, जिसमें शहर के सभी वार्डों के पार्षदों को यह अधिकार देने की बात कही गई, कि संबंधित पार्षद उनके वार्ड में कोई अवैध आवासीय कालोनी काटे जाने की सूचना मिलने पर खुद अपने स्तर पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई यानी एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकृत हो। नप सदन ने इस मांग को स्वीकार कर इसे मंजूर कर लिया। कुल मिलाकर इस बैठक में 18 बिंदुओं वाले कार्य एजेंडा पर चर्चा हुई। बैठक में नप चेयरपर्सन पूनम यादव ने नगर पार्षदों की तरफ से पेश सभी 18 बिंदुओं वाले चार पृष्ठ के कार्य मसौदे को अपनी ओर से मंजूरी देकर इसे सदन में पारित कर दिया। बैठक में 29 पार्षदगण, नप के कार्यकारी अधिकारी अभे सिंह, नप सचिव प्रवीन कुमार अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नगर परिषद की विशेष बैठक बुलाई गई थी। अधिकांश पार्षद शामिल हुए। मुख्य रूप से 18 मामलों पर विचार - विमर्श हुआ। संपत्ति पहचान सर्वेक्षण, अतिक्रमण, पार्कों में कुत्तों के घूमने, जल भराव सभी पर विचार हुआ। सभी को पारित कर दिया गया है। आगामी समय में इन पर काम होता नजर आएगा। - पूनम यादव, नप चेयरपर्सन।
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फोटो -
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बैठक में नप के राजस्व विभाग की तरफ बकाया 24 करोड़ वाले मामले में भी चुप्पी रही। उपायुक्त यशेंद्र सिंह का तबादला होने के बाद की स्थिति को भांपकर नप सदस्यों ने इस मामले में नई रणनीति बनाई है। इसमें नए उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग के पदभार संभालने के बाद उनसे मुलाकात करके उनके समक्ष यह मांग उठाई जाएगी। फिलहाल नप की इस विशेष बैठक में बकाया 24 करोड़ का मुद्दा गौण रहा। बैठक में पार्षद लोकेश यादव ने पूछा कि नप की जमीन कहां - कहां और कितनी है, उनकी सभी पार्षदों को जानकारी दी जाए और इन पर अवैध कब्जे नहीं हों, इसके लिए इनकी चहारदीवारी कराई जाए। शहर में बार - बार खराब होती स्ट्रीट लाइटों के मामले में पार्षद ने कहा कि यह बेहद गंभीर और जनहित से जुड़ा मुद्दा है। ठेकेदार बार - बार शिकायत करने के बाद स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं करता, इसका टेंडर रद्द करके नए ठेकेदार को टेंडर दिया जाए। उधर बीते साल दिसंबर माह से नगर परिषद के गले की फांस बने याशी कंपनी के सर्वेक्षण पर इस विशेष बैठक में एतराज जताया गया। पार्षदों ने कहा कि यह सर्वेक्षण पूरी तरह गलत हुआ है। अधिकांश लोग इससे नाखुश हैं, इसलिए जयपुर की याशी कंपनी का टेंडर रद्द करके किसी दूसरी कंपनी से संपत्ति पहचान सर्वेक्षण कार्य कराया जाए। इसके साथ ही इस कंपनी को आगामी भुगतान नहीं किए जाने का प्रस्ताव भी नगर पार्षदों ने इस बैठक में पारित किया।
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एनडीसी के लिए शुक्ल हो निर्धारित
एनडीसी यानी नो ड्यूज सर्टिफिकेट को लेकर शहरवासियों से नगर परिषद के बाहर लूट होने की बात कहकर पार्षदों ने कहा कि एनडीसी जारी करने की व्यवस्था नगर परिषद में शुरू की जाए। इसके लिए नप की तरफ से शुल्क निर्धारित कर दिया जाए और लोगों को यहीं सुविधा मिले। नप अधिकारियों ने पार्षदों की यह मांग मान ली और यह प्रस्ताव भी पारित कर दिया। इस मामले में नगर पार्षदों की एक कमेटी गठित की गई है, जिसमें पार्षद मनीष गुप्ता, लोकेश यादव, सतेंद्र यादव और दो अन्य को सदस्य मनाया गया है। यह कमेटी ऐसे मामले देखेगी। रामसिंहपुरा में नगर निगम मानेसर क्षेत्र का कूड़ा फेंके जाने पर पार्षदों ने कड़ा एतराज जताकर कहा कि जिले को हम डंपिंग यार्ड नहीं बनने देंगे। ऐसा करने से जिला रेवाड़ी पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उधर सार्वजनिक पार्कों में पालतू कुत्ते घुमाने को लेकर नप पार्षदों ने इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि नप अधिकारी पार्कों के रख - रखाव से संबंधित ठेकेदार को यह सख्त हिदायत दे कि वह अपने कर्मचारियों के माध्यम से पार्कों में कुत्तों और आवारा जानवरों के घूमने पर रोक लगाए। पार्कों में अनाज या आटा डालने पर भी रोक लगाने की बात सामने आई है। अगर कोई व्यक्ति अपने पालतू के साथ पार्क में दिखाई दे या अनाज या आटा डालता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाए। इस संबंध में हर पार्क में सूचनाएं चस्पा कराई जाएं।
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मानसून से पहले होगी सफाई, खरीदी जाएंगी मशीनें
पार्षदों ने शहर में बरसाती पानी के भराव की समस्या को लेकर कहा कि नप अधिकारियों एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संयुक्त रूप से बैठक करके इस समस्या का मानसून आने से पहले समाधान किया जाए। सभी सीवरों की समुचित सफाई कराई जाए ताकि जल भराव नहीं हो। इस काम के लिए नप की इस विशेष बैठक में पार्षदों ने शहर की छोटी गलियों में सीवर सफाई के काम में इस्तेमाल होने वाली दो छोटी मशीनें खरीदने के प्रस्ताव पर भी अपनी मुहर लगा दी। इनके साथ ही शहर से जुड़े एक अहम मुद्दे पर भी पार्षद सहमत हुए, जिसमें शहर के सभी वार्डों के पार्षदों को यह अधिकार देने की बात कही गई, कि संबंधित पार्षद उनके वार्ड में कोई अवैध आवासीय कालोनी काटे जाने की सूचना मिलने पर खुद अपने स्तर पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई यानी एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकृत हो। नप सदन ने इस मांग को स्वीकार कर इसे मंजूर कर लिया। कुल मिलाकर इस बैठक में 18 बिंदुओं वाले कार्य एजेंडा पर चर्चा हुई। बैठक में नप चेयरपर्सन पूनम यादव ने नगर पार्षदों की तरफ से पेश सभी 18 बिंदुओं वाले चार पृष्ठ के कार्य मसौदे को अपनी ओर से मंजूरी देकर इसे सदन में पारित कर दिया। बैठक में 29 पार्षदगण, नप के कार्यकारी अधिकारी अभे सिंह, नप सचिव प्रवीन कुमार अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नगर परिषद की विशेष बैठक बुलाई गई थी। अधिकांश पार्षद शामिल हुए। मुख्य रूप से 18 मामलों पर विचार - विमर्श हुआ। संपत्ति पहचान सर्वेक्षण, अतिक्रमण, पार्कों में कुत्तों के घूमने, जल भराव सभी पर विचार हुआ। सभी को पारित कर दिया गया है। आगामी समय में इन पर काम होता नजर आएगा। - पूनम यादव, नप चेयरपर्सन।
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