{"_id":"67fd5a24be7894427f01961f","slug":"there-will-be-relief-from-jam-now-traffic-will-be-more-smooth-in-the-city-rewari-news-c-198-1-rew1001-217931-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: जाम से मुक्ति मिलेगी, शहर में अब यातायात और सुगम होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: जाम से मुक्ति मिलेगी, शहर में अब यातायात और सुगम होगा
Tue, 15 Apr 2025 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
फोटो: 12रेवाड़ी। रेवाड़ी-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 से रेवाड़ी-रोहतक राष्ट्रीय रा
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। आउटर बाईपास शुरू होने से 3 नेशनल हाईवे की शहर के बाहर से सीधी कनेक्टिविटी हो गई है। इससे सर्कुलर रोड पर जाम की समस्या दूर होगी, साथ ही नारनौल और महेंद्रगढ़ के बीच का सफर 8 किलोमीटर तक कम हो जाएगा।
शहर में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए बाईपास निर्माण की घोषणा 2014 में तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने बावल अनाज मंडी में रैली के दौरान की थी, लेकिन राजनीतिक खींचतान के चलते निर्माण कार्य सिरे नहीं चढ़ सका था। वर्ष 2016 में रेवाड़ी-सीकर रोड को नेशनल हाईवे संख्या-11 का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सरकार ने इस बाईपास को भी एनएच-11 के हिस्से में ही शामिल कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की थी।
इसके लिए 12 दिसंबर 2018 को गांव बांबड़, मांढैया कलां, माजरा गुरदास, बैरियावास, शहबाजपुर खालसा, डवाना, छुरियावास, धामलाका, देवलावास, कमालपुर, भवाड़ी, भाड़ावास, जाटूवास, डालियाकी, हुसैनपुर, नारायणपुर व साहरणवास सहित 18 गांवों के 1274 किसानों की जमीन अधिगृहीत करने के लिए अंतिम अवाॅर्ड की घोषणा की गई थी। यह प्रक्रिया बीच में ही रुकने से किसानों ने संघर्ष किया था। इसको लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए गए। केंद्रीय मंत्रालय की मंजूरी के बाद किसानों को करीब 580 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। इसके बाद 2020 में बाईपास का कार्य शुरू किया गया था।
विज्ञापन
भारी वाहनों का शहर में प्रवेश होगा बंद
आउटर बाईपास शुरू होने से अब भारी वाहनों का शहर में प्रवेश बंद किया जाएगा। महेंद्रगढ़ से बावल व धारूहेड़ा की ओर जाने वाले वाहन झज्जर रोड बाईपास से नाईवाली चौक पर आने की बजाय नारनौल रोड की ओर टर्न लेंगे। नारनौल से बावल व धारूहेड़ा की ओर जाने वाले वाहन सीधे हरिनगर फ्लाईओवर से पहले नए बाईपास पर चढ़ जाएंगे। इसी तरह बावल और धारहेड़ा की ओर से नारनौल की ओर जाने वाले वाहन नए बाईपास से सीधे जैसलमेर हाईवे पर चढ़ जाएंगे, जबकि महेंद्रगढ़ की और जाने वाले वाहनों को झज्जर रोड बाईपास पर आना होगा। तीनों नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी आठ किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
बेलगाम ओवरलोड डंपर से मिली मुक्ति
आउटर बाइपास बनने से पूर्व दिल्ली की ओर से राजस्थान के बीकानेर, सीकर, झुंझुनू की ओर से जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरना पड़ता था। इसके अलावा हर रोज शहर के बीच नारनौल की ओर से आने वाले करीब एक हजार ओवरलोड डंपरों से शहर में जाम लग जाता था। शहर के बीच में शाम 8 बजते ही शहर में दौड़ते डंपर से कई बार हादसे हो चुके हैं। शहर के अंबेडकर चौक, नाईवाली चौक पर हादसे में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में जाम के साथ दुर्घटनाओं से भी मुक्ति मिल सकेगी।
तीन हाईवे के बीच विकसित होंगे सेक्टर
नगर योजनाकार विभाग की ओर से तैयार मास्टर प्लान 2031 में आगामी 10 वर्ष के दौरान करीब 30 सेक्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। बाईपास निर्माण से तीनों नेशनल हाईवे के बीच सेक्टर विकसित होने का रास्ता भी साफ हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली रोड के अलावा, भाड़ावास रोड, नारनौल रोड व बावल रोड की ओर से नए सेक्टर विकसित होने से शहर का अलग ही स्वरूप दिखाई देगा।
विज्ञापन
रेवाड़ी। आउटर बाईपास शुरू होने से 3 नेशनल हाईवे की शहर के बाहर से सीधी कनेक्टिविटी हो गई है। इससे सर्कुलर रोड पर जाम की समस्या दूर होगी, साथ ही नारनौल और महेंद्रगढ़ के बीच का सफर 8 किलोमीटर तक कम हो जाएगा।
शहर में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए बाईपास निर्माण की घोषणा 2014 में तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने बावल अनाज मंडी में रैली के दौरान की थी, लेकिन राजनीतिक खींचतान के चलते निर्माण कार्य सिरे नहीं चढ़ सका था। वर्ष 2016 में रेवाड़ी-सीकर रोड को नेशनल हाईवे संख्या-11 का दर्जा देने की घोषणा की गई थी। इसके बाद सरकार ने इस बाईपास को भी एनएच-11 के हिस्से में ही शामिल कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की थी।
विज्ञापन
इसके लिए 12 दिसंबर 2018 को गांव बांबड़, मांढैया कलां, माजरा गुरदास, बैरियावास, शहबाजपुर खालसा, डवाना, छुरियावास, धामलाका, देवलावास, कमालपुर, भवाड़ी, भाड़ावास, जाटूवास, डालियाकी, हुसैनपुर, नारायणपुर व साहरणवास सहित 18 गांवों के 1274 किसानों की जमीन अधिगृहीत करने के लिए अंतिम अवाॅर्ड की घोषणा की गई थी। यह प्रक्रिया बीच में ही रुकने से किसानों ने संघर्ष किया था। इसको लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए गए। केंद्रीय मंत्रालय की मंजूरी के बाद किसानों को करीब 580 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। इसके बाद 2020 में बाईपास का कार्य शुरू किया गया था।
विज्ञापन
भारी वाहनों का शहर में प्रवेश होगा बंद
आउटर बाईपास शुरू होने से अब भारी वाहनों का शहर में प्रवेश बंद किया जाएगा। महेंद्रगढ़ से बावल व धारूहेड़ा की ओर जाने वाले वाहन झज्जर रोड बाईपास से नाईवाली चौक पर आने की बजाय नारनौल रोड की ओर टर्न लेंगे। नारनौल से बावल व धारूहेड़ा की ओर जाने वाले वाहन सीधे हरिनगर फ्लाईओवर से पहले नए बाईपास पर चढ़ जाएंगे। इसी तरह बावल और धारहेड़ा की ओर से नारनौल की ओर जाने वाले वाहन नए बाईपास से सीधे जैसलमेर हाईवे पर चढ़ जाएंगे, जबकि महेंद्रगढ़ की और जाने वाले वाहनों को झज्जर रोड बाईपास पर आना होगा। तीनों नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी आठ किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
बेलगाम ओवरलोड डंपर से मिली मुक्ति
आउटर बाइपास बनने से पूर्व दिल्ली की ओर से राजस्थान के बीकानेर, सीकर, झुंझुनू की ओर से जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरना पड़ता था। इसके अलावा हर रोज शहर के बीच नारनौल की ओर से आने वाले करीब एक हजार ओवरलोड डंपरों से शहर में जाम लग जाता था। शहर के बीच में शाम 8 बजते ही शहर में दौड़ते डंपर से कई बार हादसे हो चुके हैं। शहर के अंबेडकर चौक, नाईवाली चौक पर हादसे में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में जाम के साथ दुर्घटनाओं से भी मुक्ति मिल सकेगी।
तीन हाईवे के बीच विकसित होंगे सेक्टर
नगर योजनाकार विभाग की ओर से तैयार मास्टर प्लान 2031 में आगामी 10 वर्ष के दौरान करीब 30 सेक्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। बाईपास निर्माण से तीनों नेशनल हाईवे के बीच सेक्टर विकसित होने का रास्ता भी साफ हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली रोड के अलावा, भाड़ावास रोड, नारनौल रोड व बावल रोड की ओर से नए सेक्टर विकसित होने से शहर का अलग ही स्वरूप दिखाई देगा।