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Rewari News: बास्केटबॉल कोर्ट में नहीं कोच, जालियां गायब, सतह भी टूट चुकी
Thu, 27 Nov 2025 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:32 AM IST
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जर्जर अवस्था में पड़ा बास्केटबॉल कोर्ट। संवाद
रेवाड़ी। शहर के दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम में बना बास्केटबॉल कोर्ट इन दिनों बदहाल है। आठ साल से प्रशिक्षक का पद खाली होने और रखरखाव की कमी के चलते मैदान की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। कोर्ट पर लगी गोल पोस्ट की जालियां गायब हैं।
कई स्थानों पर लाइनें भी लगभग मिट चुकी हैं। क्षेत्रीय निवासी राजन व सुरेंद्र का कहना है कि बिना कोच के न तो उचित दिशा मिल पा रही है और न ही तकनीकी प्रशिक्षण। इसके चलते उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। स्टेडियम में बास्केटबॉल का अभ्यास पहले नियमित रूप से होता था और कई खिलाड़ी यहां से जिला व राज्यस्तर तक खेल चुके हैं लेकिन लगभग आठ साल से प्रशिक्षक का पद खाली पड़ा है।
इस कारण कोर्ट पर पहले जैसा उत्साह नहीं दिखता। अब कभी-कभार ही कुछ खिलाड़ी स्वयं अभ्यास करते दिखाई देते थे। कहना है कि यदि प्रशिक्षक की नियुक्ति हो जाए तो न केवल अभ्यास की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि जिले के युवा फिर से इस खेल में अपना भविष्य बना सकेंगे।
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रखरखाव न होने से फर्श उखड़ गई है। उपकरणों की मरम्मत भी काफी समय से नहीं हुई। खिलाड़ी और स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मैदान की उपयोगहीन हो सकता है। जिला खेल विभाग जल्द से जल्द प्रशिक्षक की नियुक्ति कर कोर्ट को फिर से सक्रिय बनाए ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सके। बता दें कि राव तुलाराम स्टेडियम जैसे बड़े खेल परिसर में सुविधाओं की कमी नहीं है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण बास्केटबॉल कोर्ट अपनी पहचान खोता जा रहा है।
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कई स्थानों पर लाइनें भी लगभग मिट चुकी हैं। क्षेत्रीय निवासी राजन व सुरेंद्र का कहना है कि बिना कोच के न तो उचित दिशा मिल पा रही है और न ही तकनीकी प्रशिक्षण। इसके चलते उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। स्टेडियम में बास्केटबॉल का अभ्यास पहले नियमित रूप से होता था और कई खिलाड़ी यहां से जिला व राज्यस्तर तक खेल चुके हैं लेकिन लगभग आठ साल से प्रशिक्षक का पद खाली पड़ा है।
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इस कारण कोर्ट पर पहले जैसा उत्साह नहीं दिखता। अब कभी-कभार ही कुछ खिलाड़ी स्वयं अभ्यास करते दिखाई देते थे। कहना है कि यदि प्रशिक्षक की नियुक्ति हो जाए तो न केवल अभ्यास की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि जिले के युवा फिर से इस खेल में अपना भविष्य बना सकेंगे।
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रखरखाव न होने से फर्श उखड़ गई है। उपकरणों की मरम्मत भी काफी समय से नहीं हुई। खिलाड़ी और स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मैदान की उपयोगहीन हो सकता है। जिला खेल विभाग जल्द से जल्द प्रशिक्षक की नियुक्ति कर कोर्ट को फिर से सक्रिय बनाए ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सके। बता दें कि राव तुलाराम स्टेडियम जैसे बड़े खेल परिसर में सुविधाओं की कमी नहीं है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण बास्केटबॉल कोर्ट अपनी पहचान खोता जा रहा है।