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देश में चुनाव के बाद दूसरे बड़े किसान आंदोलन की जरूरत : टिकैत
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बावल में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव की मां की 13वीं पर पहुंचे राकेश टिकैत।
बावल (रेवाड़ी)। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू किया जा सकता है। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत बावल में यूनियन के प्रदेश सचिव रामकिशन महिलावत की मां की तेरहवीं पर शामिल होने आए थे। उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि देश में चुनाव के बाद दूसरे सबसे बड़े किसान आंदोलन की जरूरत है। जनता ईवीएम के खिलाफ आंदोलन कर रही है, लेकिन चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दल इसका विरोध नहीं कर रहे। वर्तमान में सरकार की ओर से देश की संवैधानिक संस्थाओं को बेचने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 10 साल में किसी भी वर्ग के लिए कोई काम नहीं हुआ। पूंजीपतियों के लिए नीतियां और योजनाएं बनी हैं। उन्होंने बताया कि जो पार्टी का घोषणा पत्र होता है उसे सरकार बनने पर लागू करना चाहिए तभी लोकतंत्र स्थापित किया जा सके। राजनीतिक दल चुनावी घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादे करते हैं और चुनाव जीतने के बाद उन्हें भूल जाते हैं और चुने हुए लोग जनता के खिलाफ ही कानून बनाते हैं।
किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं : टिकैत
टिकैट ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं हैं, लेकिन किसान आंदोलन का विरोध करने वाले और पहलवान बेटियों के साथ बदसलूकी करने वाले नेताओं से पार्टियों को दूरी बनानी चाहिए, जिसे जनता पसंद नहीं करती। उन्होंने कहा कि आज समय बदल रहा है। किसान जागृत हो रहे हैं कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
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किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं : टिकैत
टिकैट ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं हैं, लेकिन किसान आंदोलन का विरोध करने वाले और पहलवान बेटियों के साथ बदसलूकी करने वाले नेताओं से पार्टियों को दूरी बनानी चाहिए, जिसे जनता पसंद नहीं करती। उन्होंने कहा कि आज समय बदल रहा है। किसान जागृत हो रहे हैं कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
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