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Rewari News: इस माह आएगी स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम, फिर भी तैयारी अधूरी
Thu, 06 Mar 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 06 Mar 2025 11:53 PM IST
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फोटो: 01रेवाड़ी। शहर में एक स्थान पर पड़ा कूड़ा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में इसी माह स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आ सकती है। इसको लेकर नगर परिषद की ओर से सफाई को लेकर अपेक्षित तैयारी नहीं की जा सकी है। शहर में जगह-जगह पर कूड़े का ढेर नजर आ रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन की ओर से इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की टूलकिट में बदलाव किया गया है। पहले 9500 अंक का सर्वेक्षण था जो अब 12500 अंकों का हो गया है। इसके चलते पैरामीटर में भी बदलाव किया गया है। इसी के कारण सर्वेक्षण का मूल्यांकन लेट शुरू होगा। नई टूलकिट के अनुसार नगर परिषद की ओर से स्वच्छता से संबंधित कार्य, सिटी प्रोफाइल व सफाई संबंधित सभी संसाधन व सर्टिफिकेट स्वच्छतम पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
नई टूल किट के अनुसार स्वच्छता रैंकिंग में सबसे बड़ा प्रभाव आमजन के फीडबैक पर निर्भर करेगा। शहर के लोग स्वच्छता के बारे में अपनी राय क्या देते हैं, इसी पर अधिकांश सर्वेक्षण और उसके मूल्यांकन का फोकस रहेगा। अगर मूल्यांकन के दौरान पोर्टल पर अपलोड किए डेटा गलत मिले तो इस बार संबंधित निकाय को जुर्माना भी लगाया जाएगा। यह जुर्माना अंकों का होगा, जो संबंधित नगर निकाय को स्वच्छता रैंकिंग में पीछे धकेल देगा।
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गत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में 11वें नंबर पर था जिला
गत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में गत वर्ष जिला 11वें नंबर पर था। अभी जिस तरह से शहर की परिस्थितियां बनी हुई हैं, वह काफी खराब हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस बार भी स्वच्छ सर्वेक्षण में जिला पिछड़ सकता है। 2023 में रेवाड़ी की 258, बावल की 246, धारूहेड़ा की 186 रैंकिंग थी। 2021 में रेवाड़ी की रैंकिंग 190, बावल की 472 और धारूहेड़ा की 123 थी।
-
नई टूल किट में अंकों का विवरण
श्रेणी अंक
स्वच्छता तक पहुंच 1000
प्रयुक्त जल प्रबंधन 1000
मलनिकासी सेवाओं का मशीनीकरण 500
स्वच्छता की वकालत 1500
पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना और संस्थागत मानदंड 1000
सफाई कर्मचारियों का समग्र कल्याण 500
नागरिक प्रतिक्रिया एवं शिकायत निवारण 500
ओडीएफ / वाटर 1200
कचरा मुक्त शहर 1300
दृश्यमान स्वतंत्रता 1500
कचरे का पृथक्करण, संग्रहण और परिवहन 1000
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 1500
कुल अंक 12500
-
पहली टूल किट में ये था अंकों का विवरण
श्रेणी अंक
सर्विस लेवल प्रोग्रेस 5705
सर्टिफिकेशन 2500
जन आंदोलन 1295
कुल 9500
-
सर्वेक्षण टीम इन बिंदुओं पर करेगी जांच
स्वच्छता सर्वे के दौरान सर्वेक्षण टीम सफाई व्यवस्था कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक शौचालय और टॉयलेट की सफाई, ओडीएफ की स्थिति - सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की स्थिति, सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थल पर पान-गुटखा के दाग और सीवरेज या ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति की जांच करेगी।
-
वर्जन
शहर की सफाई का कार्य बेहतर तरीके से चल रहा है। जहां पर कूड़े का ढेर लगा था, वहां से उसे हटाया गया है। सफाई कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।- सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
वर्जन
स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सफाई को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि इस बार रेवाड़ी की रैंकिंग देश और प्रदेश में सुधरेगी। -प्रियंका यादव, ब्रांड अंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले में इसी माह स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम आ सकती है। इसको लेकर नगर परिषद की ओर से सफाई को लेकर अपेक्षित तैयारी नहीं की जा सकी है। शहर में जगह-जगह पर कूड़े का ढेर नजर आ रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन की ओर से इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की टूलकिट में बदलाव किया गया है। पहले 9500 अंक का सर्वेक्षण था जो अब 12500 अंकों का हो गया है। इसके चलते पैरामीटर में भी बदलाव किया गया है। इसी के कारण सर्वेक्षण का मूल्यांकन लेट शुरू होगा। नई टूलकिट के अनुसार नगर परिषद की ओर से स्वच्छता से संबंधित कार्य, सिटी प्रोफाइल व सफाई संबंधित सभी संसाधन व सर्टिफिकेट स्वच्छतम पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
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नई टूल किट के अनुसार स्वच्छता रैंकिंग में सबसे बड़ा प्रभाव आमजन के फीडबैक पर निर्भर करेगा। शहर के लोग स्वच्छता के बारे में अपनी राय क्या देते हैं, इसी पर अधिकांश सर्वेक्षण और उसके मूल्यांकन का फोकस रहेगा। अगर मूल्यांकन के दौरान पोर्टल पर अपलोड किए डेटा गलत मिले तो इस बार संबंधित निकाय को जुर्माना भी लगाया जाएगा। यह जुर्माना अंकों का होगा, जो संबंधित नगर निकाय को स्वच्छता रैंकिंग में पीछे धकेल देगा।
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गत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में 11वें नंबर पर था जिला
गत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में गत वर्ष जिला 11वें नंबर पर था। अभी जिस तरह से शहर की परिस्थितियां बनी हुई हैं, वह काफी खराब हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस बार भी स्वच्छ सर्वेक्षण में जिला पिछड़ सकता है। 2023 में रेवाड़ी की 258, बावल की 246, धारूहेड़ा की 186 रैंकिंग थी। 2021 में रेवाड़ी की रैंकिंग 190, बावल की 472 और धारूहेड़ा की 123 थी।
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नई टूल किट में अंकों का विवरण
श्रेणी अंक
स्वच्छता तक पहुंच 1000
प्रयुक्त जल प्रबंधन 1000
मलनिकासी सेवाओं का मशीनीकरण 500
स्वच्छता की वकालत 1500
पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना और संस्थागत मानदंड 1000
सफाई कर्मचारियों का समग्र कल्याण 500
नागरिक प्रतिक्रिया एवं शिकायत निवारण 500
ओडीएफ / वाटर 1200
कचरा मुक्त शहर 1300
दृश्यमान स्वतंत्रता 1500
कचरे का पृथक्करण, संग्रहण और परिवहन 1000
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 1500
कुल अंक 12500
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पहली टूल किट में ये था अंकों का विवरण
श्रेणी अंक
सर्विस लेवल प्रोग्रेस 5705
सर्टिफिकेशन 2500
जन आंदोलन 1295
कुल 9500
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सर्वेक्षण टीम इन बिंदुओं पर करेगी जांच
स्वच्छता सर्वे के दौरान सर्वेक्षण टीम सफाई व्यवस्था कचरा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक शौचालय और टॉयलेट की सफाई, ओडीएफ की स्थिति - सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की स्थिति, सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थल पर पान-गुटखा के दाग और सीवरेज या ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति की जांच करेगी।
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वर्जन
शहर की सफाई का कार्य बेहतर तरीके से चल रहा है। जहां पर कूड़े का ढेर लगा था, वहां से उसे हटाया गया है। सफाई कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।- सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
वर्जन
स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सफाई को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। उम्मीद है कि इस बार रेवाड़ी की रैंकिंग देश और प्रदेश में सुधरेगी। -प्रियंका यादव, ब्रांड अंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी।