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Rewari News: कोरोना काल में आया जज्बा...कोमल ने आर्मी में पाया कमीशन
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05jjrp15- अपने परिजनों के साथ कोमल। स्रोत-ग्रामीण
साल्हावास। क्षेत्र के अमादल शाहपुर गांव की 22 वर्षीय कोमल पुत्री कृष्ण कुमार अब अपने दादा हवलदार रणधीर के बाद देश सेवा करेंगी। उनके दादा रणधीर की बीमारी के दौरान कोमल को अपने पिता के साथ उनके इलाज के लिए दिल्ली आर्मी बेस अस्पताल जाना पड़ता था। इस दौरान वहां कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को देखकर उनके मन में भी जज्बा पैदा हुआ और उन्होंने कोरोना काल को अवसर में बदला और तैयारी के साथ जुट गई।
वे साल्हावास स्थित निजी स्कूल में बारहवीं की छात्रा रही है। पढ़ते-पढ़ते ही उन्होंने 2021 में उन्होंने आवेदन किया था और 9वां रैंक परीक्षा में हासिल कर गौरवान्वित किया। अब उन्हें ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कमीशनिंग प्राप्त हुई है। उनके पिता कृष्ण कुमार हरियाणा राज्य परिवहन निगम में परिचालक की पद पर कार्यरत हैं। मां सोमवती गृहिणी हैं। उनका भाई जितेश नीलोखेड़ी में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।
पिता से पहले पाई कोमल ने कामयाबी
कोमल ने अपने पिता से पहले सफलता अर्जित की है। उनके पिता 2012 की परिचालक सूची में शामिल रहे हैं, जिन्होंने मार्च 2025 में ही परिचालक के पद पर कार्यभार संभाला है जबकि कोमल 2021 में लेफ्टिनेंट के लिए परीक्षा उत्तीर्ण कर चार साल की ट्रेनिंग के लिए जा चुकी थी। अब उनकी ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। उन्हें कमीशनिंग प्राप्त हो चुकी है।
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वे साल्हावास स्थित निजी स्कूल में बारहवीं की छात्रा रही है। पढ़ते-पढ़ते ही उन्होंने 2021 में उन्होंने आवेदन किया था और 9वां रैंक परीक्षा में हासिल कर गौरवान्वित किया। अब उन्हें ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कमीशनिंग प्राप्त हुई है। उनके पिता कृष्ण कुमार हरियाणा राज्य परिवहन निगम में परिचालक की पद पर कार्यरत हैं। मां सोमवती गृहिणी हैं। उनका भाई जितेश नीलोखेड़ी में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।
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पिता से पहले पाई कोमल ने कामयाबी
कोमल ने अपने पिता से पहले सफलता अर्जित की है। उनके पिता 2012 की परिचालक सूची में शामिल रहे हैं, जिन्होंने मार्च 2025 में ही परिचालक के पद पर कार्यभार संभाला है जबकि कोमल 2021 में लेफ्टिनेंट के लिए परीक्षा उत्तीर्ण कर चार साल की ट्रेनिंग के लिए जा चुकी थी। अब उनकी ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। उन्हें कमीशनिंग प्राप्त हो चुकी है।
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