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बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना ही कार्यक्रम का मकसद : वर्षा जैन
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रेवाड़ी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वर्षा जैन की ओर से एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें बालिकाओं से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियों की लगभग हर क्षेत्र में हिस्सेदारी है, लेकिन ऐसे में कई परिवार हैं जो बेटियों को जन्म नहीं देना चाहते हैं। इसलिए उन्हें गर्भ में ही मार देते हैं। उन्होंने बताया कि यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लिंग आधारित चुनौतियों को समाप्त करता है, जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं।
अधिवक्ता सजीव गौतम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि लड़किया आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। उन्होंने कहा कि सृष्टि की शुरुआत से महिलाओं का सम्मान किया जाता रहा है। इस मौके पर न्यायालय के अधिकारी, जिला प्राधिकरण के अधिवक्ता, महिला पुलिसकर्मी व स्कूल के अध्यापकों ने वेबिनार में भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियों की लगभग हर क्षेत्र में हिस्सेदारी है, लेकिन ऐसे में कई परिवार हैं जो बेटियों को जन्म नहीं देना चाहते हैं। इसलिए उन्हें गर्भ में ही मार देते हैं। उन्होंने बताया कि यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लिंग आधारित चुनौतियों को समाप्त करता है, जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं।
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अधिवक्ता सजीव गौतम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि लड़किया आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। उन्होंने कहा कि सृष्टि की शुरुआत से महिलाओं का सम्मान किया जाता रहा है। इस मौके पर न्यायालय के अधिकारी, जिला प्राधिकरण के अधिवक्ता, महिला पुलिसकर्मी व स्कूल के अध्यापकों ने वेबिनार में भाग लिया।
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