फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   The problem of drinking water rationing will go away

Rewari News: खुबड़ू हेड से छोड़ा पानी, रविवार से नियमित होगी सप्लाई

Fri, 17 May 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 17 May 2024 12:56 AM IST
विज्ञापन
The problem of drinking water rationing will go away
रेवाड़ी। पानी नहीं आने से सूखी पड़ी जवाहर लाल नेहरू नहर। संवाद
रेवाड़ी। शहर के लोगों को पानी की राशनिंग से राहत मिलने वाली है। सोनीपत के खूबड़ू हेड से वीरवार सुबह जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ दिया गया है, जो शुक्रवार शाम तक रेवाड़ी पहुंच जाएगा। इसके बाद रविवार से 16 दिनों तक पानी आपूर्ति को नियमित कर दिया जाएगा। इससे शहर की 70 प्रतिशत आबादी को पानी मिल सकेगा।
विज्ञापन

21 अप्रैल को नहर में पानी आना बंद हुआ था तभी से जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी की परेशानी हो रही है। लोगों को कैंपर खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
विज्ञापन

आबादी के हिसाब से स्टारेज क्षमता कम
शहर में प्रतिदिन करीब 45 एमएलडी पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 35 एमएलडी और कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 9.8 एमएलडी पानी की खपत होती है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास कालाका वाटर वर्क्स में पांच और लिसाना में पानी के तीन स्टोरेज टैंक हैं। नहरी पानी के नियमित रूप से नहीं आने के कारण इन टैंकों की स्टोरेज क्षमता शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं दे पा रही। शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता है। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके है। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चार साल से संकट बरकरार

शहर में पेयजल राशनिंग करीब चार साल से चल रही है। नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। अब 2 साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। पिछले माह 21 अप्रैल को नहर में पानी आना बंद हुआ था। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के पास अब इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहर वासियों को हर दिन पानी की आपूर्ति दी जा सके, इसलिए हर माह पेयजल राशनिंग की जाती है।
पानी स्टोरेज करने की भारी कमी
विभाग के पानी स्टोर करने के लिए टैंकों की भारी कमी है। कालाका वाटर वर्क्स पर पांच और लिसाना में तीन वाटर टैंक हैं। लिसाना में एक वाटर टैंक का निर्माण होने से कुछ हद तक आधे शहर की समस्या दूर हुई है। दोनों वाटर वर्क्स प्लांटों की क्षमता को देखते हुए शहर में पानी की डिमांड पूरी करना आसान नहीं है। इसके लिए कम से कम चार वाटर टैंकों के साथ नए वाटर वर्क्स की आवश्यकता है। वाटर वर्क्स का निर्माण करने के लिए विभाग को कम से कम पांच एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग की ओर से लंबे समय से जमीन की खोज की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विनय चौहान ने बताया कि नया वाटर वर्क्स बनाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है, लेकिन जगह नहीं मिलने के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही। पिछले चार साल से जगह की तलाश की जा रही है।
50 करोड़ का तैयार किया था एस्टीमेट
जनस्वास्थ्य विभाग ने नया वाटर वर्क्स बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। सरकार इसके लिए पैसा जारी करने के लिए भी तैयार थी, परंतु शहर के आसपास पंचायती जमीन नहीं मिलने के कारण विभाग ने एस्टीमेट सरेंडर कर दिया। विभाग की ओर से गांव चांदावास सहित कई जगह जमीन भी देखी गई, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।

जवाहरलाल नेहरू नहर में खुबड़ू हेड से पानी छोड़ दिया गया है। अब नहर में पानी आज शाम तक आ जाएगा। इसके बाद शनिवार को पूरे दिन टैंकों को भरने का काम चलेगा। रविवार से पानी की नियमित अपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। लोगों से अपील की है कि पानी व्यर्थ न बहाएं।
- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed