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उमस भरी गर्मी में चर्म रोगियों की संख्या में इजाफा
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रेवाड़ी। उमस भरी गर्मी में चर्म रोगियों की संख्या बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल के साथ ही निजी चिकित्सकों के यहां भी रोगी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार सावधानी बरतेंगे तो त्वचा संबंधित परेशानी से काफी हद तक बचे रहेंगे। पिछले काफी दिनों से उमस भरी गर्मी का प्रकोप है। इसमें पसीना बहुत अधिक निकल रहा है।
नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि पसीने के कारण त्वचा में फंगल संक्रमण होता है। ऐसे में दाद, खाज-खुजली, शरीर में दाने निकलने जैसी समस्या से ग्रस्त मरीज अधिक आ रहे हैं। पसीना बहुत अधिक निकल रहा है। लोग सुबह काम पर निकल जाते हैं और दिनभर पसीना आता है और सूखता है। ऐसे में चर्म रोग की दिक्कत बढ़ जाती है। तेज धूप में त्वचा झुलसती है, जिसे सनबर्न कहते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि दिनभर अधिक पसीना आता है तो शाम को घर जाकर नहाएं और सभी अंगों की अच्छे से सफाई करें। त्वचा पर कोई दिक्कत है तो चिकित्सक को दिखाएं। लापरवाही से समस्या बढ़ सकती है।
अस्पताल में पहले जहां एक दिन में करीब 100 से लेकर 150 मरीज आते थे। वहीं अब गर्मियों की शुरुआत में ही इनकी संख्या 200 से लेकर 300 तक पहुंच गई है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज यादव की माने तो ज्यों-ज्यों गर्मी अपना रंग दिखाना शुरू करेगी त्यों-त्यों मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता चला जाएगा। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण चिकित्सको को भी ड्यूटी समय के बाद भी ओपीडी संभालनी पड़ रही है।
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फंगस के मरीज आ रहे सबसे ज्यादा
विशेषज्ञ मनोज यादव ने बताया कि चर्मरोग में विशेषकर फंगस नामक बीमारी के मरीज अधिक आ रहे हैं। इसके साथ-साथ धूप में स्किन का रंग बदलना, खाज-खुजली, धूल मिट्टी से एलर्जी, फसलों से कटाई व कढ़ाई से निकलने वाले धूलकणों से होने वाली एलर्जी के मरीज आ रहे है, लेकिन सबसे अधिक मरीजों की संख्या की बात की जाए तो वो फंगस नामक बीमारी के ही मरीज आ रहे है। सुबह ओपीडी खुलते ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग जाती है। अस्पताल में आलम यह रहता है कि मरीज को भीड़ के चलते चिकित्सक से सलाह लेने के लिए घंटेभर लाइनों में लगना पड़ता है।
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ऐसे करें बचाव
- सूती एवं हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
- अधिक पसीना आने पर कपड़े बदल लें।
- डस्टिंग पाउडर का इस्तेमाल करें।
- प्रतिदिन तीन से चार लीटर पानी पिएं।
- सभी अंगों की अच्छे से सफाई करें।
- प्रतिदिन नहाएं और हो सके तो शाम को भी नहा लें।
- मौसमी फल और सब्जियों का अधिक सेवन करें।
- तेज धूप में बाहर निकलने से बचाव करें।
- नहाते समय शरीर को ज्यादा ना रगड़े।
- ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करने से बचें।
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नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि पसीने के कारण त्वचा में फंगल संक्रमण होता है। ऐसे में दाद, खाज-खुजली, शरीर में दाने निकलने जैसी समस्या से ग्रस्त मरीज अधिक आ रहे हैं। पसीना बहुत अधिक निकल रहा है। लोग सुबह काम पर निकल जाते हैं और दिनभर पसीना आता है और सूखता है। ऐसे में चर्म रोग की दिक्कत बढ़ जाती है। तेज धूप में त्वचा झुलसती है, जिसे सनबर्न कहते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि दिनभर अधिक पसीना आता है तो शाम को घर जाकर नहाएं और सभी अंगों की अच्छे से सफाई करें। त्वचा पर कोई दिक्कत है तो चिकित्सक को दिखाएं। लापरवाही से समस्या बढ़ सकती है।
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अस्पताल में पहले जहां एक दिन में करीब 100 से लेकर 150 मरीज आते थे। वहीं अब गर्मियों की शुरुआत में ही इनकी संख्या 200 से लेकर 300 तक पहुंच गई है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज यादव की माने तो ज्यों-ज्यों गर्मी अपना रंग दिखाना शुरू करेगी त्यों-त्यों मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता चला जाएगा। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण चिकित्सको को भी ड्यूटी समय के बाद भी ओपीडी संभालनी पड़ रही है।
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फंगस के मरीज आ रहे सबसे ज्यादा
विशेषज्ञ मनोज यादव ने बताया कि चर्मरोग में विशेषकर फंगस नामक बीमारी के मरीज अधिक आ रहे हैं। इसके साथ-साथ धूप में स्किन का रंग बदलना, खाज-खुजली, धूल मिट्टी से एलर्जी, फसलों से कटाई व कढ़ाई से निकलने वाले धूलकणों से होने वाली एलर्जी के मरीज आ रहे है, लेकिन सबसे अधिक मरीजों की संख्या की बात की जाए तो वो फंगस नामक बीमारी के ही मरीज आ रहे है। सुबह ओपीडी खुलते ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग जाती है। अस्पताल में आलम यह रहता है कि मरीज को भीड़ के चलते चिकित्सक से सलाह लेने के लिए घंटेभर लाइनों में लगना पड़ता है।
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ऐसे करें बचाव
- सूती एवं हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
- अधिक पसीना आने पर कपड़े बदल लें।
- डस्टिंग पाउडर का इस्तेमाल करें।
- प्रतिदिन तीन से चार लीटर पानी पिएं।
- सभी अंगों की अच्छे से सफाई करें।
- प्रतिदिन नहाएं और हो सके तो शाम को भी नहा लें।
- मौसमी फल और सब्जियों का अधिक सेवन करें।
- तेज धूप में बाहर निकलने से बचाव करें।
- नहाते समय शरीर को ज्यादा ना रगड़े।
- ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करने से बचें।