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अधूरे पड़े अंडरपास को जल्द कराया जाएगा पूरा
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गोविंदपुरी में अधूरे पड़े अंडरपास को लेकर ग्रामीणों से बातचीत करते केंद्रीय मंत्री के सचिव नरेश
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। रेवाड़ी-नारनौल नेशनल हाईवे पर अधूरे पड़े गोविंदपुरी अंडरपास को लेकर परेशान ग्रामीणों के बीच केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के सचिव नरेश शर्मा व एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके कौशिक पहुंच कर उनसे बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द इस अधूरे पड़े कार्य को पूरा किया जाएगा। ग्रामीणों को हो रही परेशानी को खत्म किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री के सचिव ने बताया कि आसपास के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने अथक प्रयास कर गोविन्दपुरी अंडरपास को मुख्यमंत्री से पास करवाया था। इसके लिए अब तक हरियाणा सरकार 14 करोड़ की राशि खर्च कर चुकी है। बुधवार को एसडीएम रवींद्र यादव से मिलने पर ग्रामीणों को एक सप्ताह में कार्य को शुरू करने का आश्वासन मिला था। एनएचएआई के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री के सचिव नरेश शर्मा को तकनीकी रूप से दिखाया कि असपास के सभी गांवों के लोगों को इस अंडरपास से आने जाने में सुविधा होगी। बरसात के पानी की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि अंडरपास में वाटर ड्रेन में सिस्टम उच्च तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा।
बता दें कि 6 वर्षों से रेवाड़ी-नारनौल हाईवे स्थित गोविंदपुरी अंडरपास का कार्य अधूरा पड़ा है। इससे आए दिन कभी कोई ग्रामीण तो कभी पशु दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्राम गोविन्दपुरी जिले का यह पहला गांव है जिसका कोई सरकारी रास्ता नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ने, किसानों को खेतों में जाने व रोजगार के लिए लोगों को तीन रेलवे- लाइनों को पार करके शहर स्कूल व महिलाओं को पानी व हरा चारा लाने के लिये अपनी जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग छ वर्ष पहले खोल ब्लॉक के 58 गांवों की संघर्ष समिति ने 135 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने बावल रैली में गोविंदपुरी में अंडरपास बनाने की घोषणा की थी जो अभी तक पूरी नही हुई है।
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केंद्रीय मंत्री के सचिव ने बताया कि आसपास के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने अथक प्रयास कर गोविन्दपुरी अंडरपास को मुख्यमंत्री से पास करवाया था। इसके लिए अब तक हरियाणा सरकार 14 करोड़ की राशि खर्च कर चुकी है। बुधवार को एसडीएम रवींद्र यादव से मिलने पर ग्रामीणों को एक सप्ताह में कार्य को शुरू करने का आश्वासन मिला था। एनएचएआई के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री के सचिव नरेश शर्मा को तकनीकी रूप से दिखाया कि असपास के सभी गांवों के लोगों को इस अंडरपास से आने जाने में सुविधा होगी। बरसात के पानी की समस्या को लेकर भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि अंडरपास में वाटर ड्रेन में सिस्टम उच्च तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा।
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बता दें कि 6 वर्षों से रेवाड़ी-नारनौल हाईवे स्थित गोविंदपुरी अंडरपास का कार्य अधूरा पड़ा है। इससे आए दिन कभी कोई ग्रामीण तो कभी पशु दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्राम गोविन्दपुरी जिले का यह पहला गांव है जिसका कोई सरकारी रास्ता नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ने, किसानों को खेतों में जाने व रोजगार के लिए लोगों को तीन रेलवे- लाइनों को पार करके शहर स्कूल व महिलाओं को पानी व हरा चारा लाने के लिये अपनी जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग छ वर्ष पहले खोल ब्लॉक के 58 गांवों की संघर्ष समिति ने 135 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने बावल रैली में गोविंदपुरी में अंडरपास बनाने की घोषणा की थी जो अभी तक पूरी नही हुई है।
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