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Rewari News: पानी का बकाया बिल जमा करवाकर ही कटवाया जा सकता है कनेक्शन
Tue, 24 Feb 2026 02:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:46 AM IST
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समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंचे लोग। स्रोत : प्रशासन
- फोटो : सांकेतिक
कोसली। लघु सचिवालय कोसली में एसडीएम विजय कुमार यादव ने समाधान शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान घर में पानी के बिल एक से ज्यादा आने की समस्या को एक बार फिर से स्थानीय निवासियों ने शिविर में रखा। इस पर पता चला कि पानी का बकाया बिल जमा करवाकर ही कनेक्शन कटवाया जा सकता है।
एसडीएम विजय कुमार यादव ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। स्पष्ट रूप से सामने आया कि कुछ समय पहले रेगुलर फ्री कनेक्शन लेने के लिए कुछ लोगों ने स्वयं अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड सर्वे टीम को दिए थे।
यह सर्वे टीम जिला प्रशासन की ओर से कोसली भेजी गई थी, ताकि पानी के अवैध कनेक्शनों को नियमित कर सकें। इसके बदले उपभोक्ता से कोई फीस नहीं ली गई थी। उस समय कई लोगों ने टीम को पानी का वैध कनेक्शन लेने की खातिर अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड दे दिए।
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अब फ्लैट रेट पर उनके घरों में पानी के बिल आने शुरू हो गए हैं। इन्हीं घरों में एक-एक परिवार में इंदिरा गांधी पेयजल कनेक्शन योजना के दो या दो से अधिक राशन कार्ड पर 200-200 लीटर की टंकियां रखी हुई थीं। उन लाभार्थियों के नाम भी उपभोक्ता के तौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के रिकाॅर्ड में दर्ज हैं।
विभाग के एसडीओ अनिल कुमार ने बताया कि पानी के जिन कनेक्शनों पर बिल आ रहे हैं, उनको बिल की बकाया राशि देकर ही कटवाया जा सकता है। बगैर बिल जमा करवाए कोई कनेक्शन काटना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
यदि पानी की सप्लाई किसी ने खुद बंद भी कर ली तो कनेक्शन विभाग के रिकॉर्ड में चलता रहेगा और बिल पहले की तरह आएगा। एसडीओ ने बताया कि बिल भरने के बाद कनेक्शन कटवाने के लिए उपभोक्ता को आवेदन करना होगा।
उसके बाद उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसके बाद कनेक्शन नंबर को विभाग के रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार, एएसआई उपेंद्र सिंह, बीर सिंह, दल सिंह आर्य, एसइपीओ संजीव कुमार, संजय, रणधीर सिंह, पिंकी कुमारी आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम विजय कुमार यादव ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। स्पष्ट रूप से सामने आया कि कुछ समय पहले रेगुलर फ्री कनेक्शन लेने के लिए कुछ लोगों ने स्वयं अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड सर्वे टीम को दिए थे।
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यह सर्वे टीम जिला प्रशासन की ओर से कोसली भेजी गई थी, ताकि पानी के अवैध कनेक्शनों को नियमित कर सकें। इसके बदले उपभोक्ता से कोई फीस नहीं ली गई थी। उस समय कई लोगों ने टीम को पानी का वैध कनेक्शन लेने की खातिर अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड दे दिए।
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अब फ्लैट रेट पर उनके घरों में पानी के बिल आने शुरू हो गए हैं। इन्हीं घरों में एक-एक परिवार में इंदिरा गांधी पेयजल कनेक्शन योजना के दो या दो से अधिक राशन कार्ड पर 200-200 लीटर की टंकियां रखी हुई थीं। उन लाभार्थियों के नाम भी उपभोक्ता के तौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के रिकाॅर्ड में दर्ज हैं।
विभाग के एसडीओ अनिल कुमार ने बताया कि पानी के जिन कनेक्शनों पर बिल आ रहे हैं, उनको बिल की बकाया राशि देकर ही कटवाया जा सकता है। बगैर बिल जमा करवाए कोई कनेक्शन काटना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
यदि पानी की सप्लाई किसी ने खुद बंद भी कर ली तो कनेक्शन विभाग के रिकॉर्ड में चलता रहेगा और बिल पहले की तरह आएगा। एसडीओ ने बताया कि बिल भरने के बाद कनेक्शन कटवाने के लिए उपभोक्ता को आवेदन करना होगा।
उसके बाद उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसके बाद कनेक्शन नंबर को विभाग के रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार, एएसआई उपेंद्र सिंह, बीर सिंह, दल सिंह आर्य, एसइपीओ संजीव कुमार, संजय, रणधीर सिंह, पिंकी कुमारी आदि मौजूद रहे।