फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   The birth anniversary of the hero of the Gandhi Brigade of Azad Hind Fauj is October 30 and his death anniversary is January 30.

आजाद हिंद फौज के गांधी ब्रिगेड के नायक का जन्म दो अक्तूबर और पुण्यतिथि 30 जनवरी को

Sat, 29 Jan 2022 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
The birth anniversary of the hero of the Gandhi Brigade of Azad Hind Fauj is October 30 and his death anniversary is January 30.
रेवाड़ी। स्वतंत्रता सेनानी का जन्म तथा पुण्यतिथि दोनों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से मिलती हो इसे दुर्लभ संयोग ही कहा जाएगा। आजाद हिंद फौज के गांधी ब्रिगेड के नायक रहे रेवाड़ी शहर के स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण सिंह यादव की रोचक जीवनी में यह संयोग देखने को मिलता है। आगामी 30 जनवरी को उनकी 36वीं पुण्यतिथि पर कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए उनके पैतृक मकान (सेनानी परिवार भवन) में हवन का आयोजन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।
विज्ञापन

2 अक्तूबर 1918 में हुआ था लक्ष्मण सिंह का जन्म
आजाद हिंद फौज की गांधी ब्रिगेड के नायक लक्ष्मण सिंह यादव का जन्म 2 अक्तूबर 1918 को रेवाड़ी में हुआ। रेवाड़ी के साधारण परिवार में जन्मे इस नायक के पिता ताराचंद तथा माता चांदकौर देवी का साया मात्र 6 साल की अल्प आयु में सिर से उठ गया तथा इनका लालन पालन उनके ताऊ मुन्नीलाल तथा ताई अंगना देवी ने किया। इन्हीं से उन्हें सुसंस्कार प्राप्त हुए तथा देश भक्ति की भावना मिली। पंजाब विश्वविद्यालय से संबंध ब्रेन अहीर हाईस्कूल से सन 1937 में इन्होंने दसवीं की परीक्षा पास की। स्कूल स्तर पर हॉकी तथा क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी रहे। उसके बाद लक्ष्मण यादव फौज में भर्ती हो गए तथा दूसरे विश्व युद्ध में सिंगापुर लड़ाई में भाग लिया।
विज्ञापन

नेताजी के आह्वान पर आजाद हिंद फौज में हुए थे शामिल
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर आजाद हिंद फौज में शामिल हुए तथा गांधी ब्रिगेड में नायक के तौर पर उत्कृष्ट सेवाएं दीं। लड़ाई में एक गोली उनके माथे पर भी लगी, जिसकी पीड़ा वे आजीवन झेलते रहे। देश की आजादी के लिए सहयोगियों के साथ सिंगापुर तथा अन्य क्षेत्रों में सात साल तक जेलों में रहकर यातनाएं सहीं। जेल से रिहा होने पर जब वे देश पहुंचे तो गृह नगर रेवाड़ी के स्टेशन से उन्हें भव्य स्वागत के साथ घर लाया गया और सम्मान समारोह किया गया। समाजसेवी खुशीराम लोकसेवक ने उनकी आजादी प्राप्ति के प्रति बचपन से रही बेजोड़ ललक के अनेक मार्मिक किस्से सुनाए। आजादी प्राप्ति के बाद उन्होंने रेवाड़ी क्षेत्र के सामाजिक कार्यों में रचनात्मक योगदान दिया। जिला मुख्यालय स्थित हिंदू हाई स्कूल में कुछ समय शिक्षण कार्य भी किया। 30 जनवरी 1986 के दिन आजादी का दीवाने का स्वर्गवास हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को चिरस्थयी एवं प्रेरणापुंज बनाने के लिए गठित स्वतंत्रता सेना लक्ष्मण सिंह यादव मेमोरियल समिति प्रयासरत है। समिति के महासचिव सत्यवीर नहाड़िया ने बताया कि समिति हर वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले महानुभावों तथा जिले के स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करती है। इसके अलावा समिति मेधावी किंतु जरूरतमंद विद्यार्थियों के मार्ग दर्शन एवं प्रोत्साहन में जुटी है। समिति की देखरेख में अब तक करीब डेढ़ दर्जन प्रतिभा प्रोत्साहन, स्वतंत्रता सेनानी सम्मान समारोह तथा स्वतंत्रता संग्राम में रेवाड़ी क्षेत्र के योगदान को रेखांकित करते हुए अनेक समसामयिक विचार गोष्ठियां का आयोजन कर चुकी है। इसके साथ ही समिति के तत्वावधान में इनसे मिलिए मासिक कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसरों में किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed