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Rewari News: सांग सम्राट मास्टर नेकीराम के नाम पर हो पुरस्कार
Sun, 10 Mar 2024 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 10 Mar 2024 11:28 PM IST
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रेवाड़ी। प्रसिद्ध सांग सम्राट और लोक कवि मास्टर नेकीराम को राज्य सरकार की ओर से मान-सम्मान दिलवाने के लिए जिला मुख्यालय पर डॉ. बीआर आंबेडर पार्क स्थित लाइब्रेरी में रविवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में पूर्व मंत्री चौधरी जसवंत सिंह और पूर्व विधायक रामेश्वर दयाल ने कहा कि मास्टर नेकीराम प्रसिद्ध सांग सम्राट और लोक कवि थे। इन्होंने सांग कला के माध्यम से जन जागरण चलाया। कई दशकों तक जनहित के कार्य करते हुए हरियाणवी लोक संस्कृति और सांग कला को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए हरियाणा में अन्य लोक कवियों की भांति उनके नाम पर राज्यस्तरीय साहित्यिक पुरस्कार के लिए पिछले कई वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था के संस्थापक सदस्य और सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को भी कई बार मांग पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन वर्षों से लंबित मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई।
हास्य कवि आलोक भांडोरिया के संचालन में हुई गोष्ठी में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि साधू सिंह, डॉ. संजय मेहरा, राजपाल सिंह बावल, डॉ. चित्र कुमार सांभरवाल, कमल निंबल, रजवंत डहिनवाल, रेखा दहिया, अमृतकला टिकानियां, नगर पार्षद प्रवीण चौधरी, सरिता सैनी, रंजना भारद्वाज ने भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा सांग सम्राट मास्टर नेकीराम को अभी तक उचित सम्मान नहीं दिए जाने से प्रशंसकों और संस्कृति प्रेमियों में रोष है। लोगों ने चेताया कि अगर मास्टर नेकीराम की पुण्यतिथि 10 जून से पहले ये मांग पूरी नहीं हुई तो मुहिम को तेज किया जाएगा। गोष्ठी में मास्टर नेकीराम के नाम पर साहित्यिक पुरस्कार, आईजीयू मीरपुर में चेयर और शहर के किसी प्रमुख चौक का नामकरण करने के लिए प्रस्ताव पारित किए।
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इन संगठनों ने दिया समर्थन
गोष्ठी में मास्टर नेकीराम साहित्य और लोकनाट्य कला संरक्षण परिषद, माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, अखिल भारतीय मानव कष्ट निवारण समिति, सेवा स्तंभ, हजरस, आवाज फाउंडेशन हरियाणा, श्रीगुरु रविदास मंदिर और हॉस्टल, मेघवाल कल्याण सभा, दलित कष्ट निवारण समिति, मेघवाल समाज सभा, संतगुरु रविदास विश्व महापीठ, दलित उद्धारिनी संस्था, ठेकेदार यूनियन रेवाड़ी, मिशन इक्वलिटी आदि संगठनों ने समर्थन दिया।
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गोष्ठी में पूर्व मंत्री चौधरी जसवंत सिंह और पूर्व विधायक रामेश्वर दयाल ने कहा कि मास्टर नेकीराम प्रसिद्ध सांग सम्राट और लोक कवि थे। इन्होंने सांग कला के माध्यम से जन जागरण चलाया। कई दशकों तक जनहित के कार्य करते हुए हरियाणवी लोक संस्कृति और सांग कला को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए हरियाणा में अन्य लोक कवियों की भांति उनके नाम पर राज्यस्तरीय साहित्यिक पुरस्कार के लिए पिछले कई वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था के संस्थापक सदस्य और सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को भी कई बार मांग पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन वर्षों से लंबित मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई।
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हास्य कवि आलोक भांडोरिया के संचालन में हुई गोष्ठी में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि साधू सिंह, डॉ. संजय मेहरा, राजपाल सिंह बावल, डॉ. चित्र कुमार सांभरवाल, कमल निंबल, रजवंत डहिनवाल, रेखा दहिया, अमृतकला टिकानियां, नगर पार्षद प्रवीण चौधरी, सरिता सैनी, रंजना भारद्वाज ने भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा सांग सम्राट मास्टर नेकीराम को अभी तक उचित सम्मान नहीं दिए जाने से प्रशंसकों और संस्कृति प्रेमियों में रोष है। लोगों ने चेताया कि अगर मास्टर नेकीराम की पुण्यतिथि 10 जून से पहले ये मांग पूरी नहीं हुई तो मुहिम को तेज किया जाएगा। गोष्ठी में मास्टर नेकीराम के नाम पर साहित्यिक पुरस्कार, आईजीयू मीरपुर में चेयर और शहर के किसी प्रमुख चौक का नामकरण करने के लिए प्रस्ताव पारित किए।
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इन संगठनों ने दिया समर्थन
गोष्ठी में मास्टर नेकीराम साहित्य और लोकनाट्य कला संरक्षण परिषद, माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था, अखिल भारतीय मानव कष्ट निवारण समिति, सेवा स्तंभ, हजरस, आवाज फाउंडेशन हरियाणा, श्रीगुरु रविदास मंदिर और हॉस्टल, मेघवाल कल्याण सभा, दलित कष्ट निवारण समिति, मेघवाल समाज सभा, संतगुरु रविदास विश्व महापीठ, दलित उद्धारिनी संस्था, ठेकेदार यूनियन रेवाड़ी, मिशन इक्वलिटी आदि संगठनों ने समर्थन दिया।