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Rewari News: मंडी में बढ़ी बाजरे की आवक, समर्थन मूल्य पर खरीद का इंतजार
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रेवाड़ी। शहर स्थित अनाज मंडी में बाजरे की आवक बढ़ी है। इन दिनों रोजाना तीन हजार क्विंटल से अधिक बाजरा पहुंच रहा है। मंडी के तीनों फड़ों में बाजरे की ढेरियां देखी जा सकती हैं।
वहीं, मंडी में निजी दर किसानों को राहत देने वाले नहीं हैं। इस समय बाजरे का 1600 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिल रहे है जबकि सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2775 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
अभी तक एमएसपी दर पर खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। सरकारी खरीद 1 अक्तूबर से शुरू होने की संभावना है। किसानों का कहना है कि एमएसपी दर खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इस बार की भारी बारिश ने बाजरे की क्वालिटी को भी प्रभावित किया है। मंडी में पहुंच रहे अधिकांश बाजरे का रंग मटमैला है और अनाज गीला भी है। ऐसे में व्यापारियों ने इसकी कीमत कम कर दी है।
किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर समर्थन मूल्य पर खरीद समय पर शुरू नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में कम दाम पर ही फसल बेचनी पड़ेगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द खरीद प्रक्रिया शुरू कर उन्हें राहत दिलाई जाए।
मौजूदा समय में मौसम साफ हो चुका है। पिछले पूरे सप्ताह में तेज धूप निकलने के कारण बाजरा की कटाई शुरू हो चुकी है। इस सप्ताह आवक और बढ़ने की संभावना है।
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वहीं, मंडी में निजी दर किसानों को राहत देने वाले नहीं हैं। इस समय बाजरे का 1600 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिल रहे है जबकि सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2775 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
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अभी तक एमएसपी दर पर खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। सरकारी खरीद 1 अक्तूबर से शुरू होने की संभावना है। किसानों का कहना है कि एमएसपी दर खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इस बार की भारी बारिश ने बाजरे की क्वालिटी को भी प्रभावित किया है। मंडी में पहुंच रहे अधिकांश बाजरे का रंग मटमैला है और अनाज गीला भी है। ऐसे में व्यापारियों ने इसकी कीमत कम कर दी है।
किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर समर्थन मूल्य पर खरीद समय पर शुरू नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में कम दाम पर ही फसल बेचनी पड़ेगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द खरीद प्रक्रिया शुरू कर उन्हें राहत दिलाई जाए।
मौजूदा समय में मौसम साफ हो चुका है। पिछले पूरे सप्ताह में तेज धूप निकलने के कारण बाजरा की कटाई शुरू हो चुकी है। इस सप्ताह आवक और बढ़ने की संभावना है।