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Rewari News: वायु गुणवत्ता सूचकांक मापक यंत्र दस माह से बंद
Tue, 30 Sep 2025 12:00 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। औद्योगिक नगरी धारूहेड़ा में वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए नगरपालिका कार्यालय की छत पर लगाया गया एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) मापक यंत्र पिछले दस माह से बंद पड़ा है। इसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक का पता नहीं चल पा रहा है।
यंत्र का रखरखाव करने वाली कंपनी का ठेका पिछले साल नवंबर में समाप्त हो गया। इसके बाद से यंत्र बंद पड़ा है। वायु गुणवत्ता के आंकड़े दर्ज न होने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत जरूरी कदम भी नहीं उठा पा रहा है।
वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों पर रोक, पानी का छिड़काव और वाहनों पर नियंत्रण जैसे प्रतिबंध लागू किए जाते हैं लेकिन आंकड़े न होने से समय रहते निर्णय लेना मुश्किल है।
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दीपावली भी अगले माह है, ऐसे में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना बढ़ने की आशंका है। इसके बावजूद मशीन की मरम्मत और संचालन को लेकर विभाग गंभीर दिखाई नहीं दे रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी निपुण गुप्ता का कहना है कि पहले टेंडर खोला गया था, लेकिन केवल एक ही फर्म आने के कारण प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। अब दोबारा टेंडर जारी किए गए हैं। फिलहाल अस्थायी काम एक फर्म को सौंपा गया है और जल्द ही मशीन को चालू करा दिया जाएगा।
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धारूहेड़ा। औद्योगिक नगरी धारूहेड़ा में वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए नगरपालिका कार्यालय की छत पर लगाया गया एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) मापक यंत्र पिछले दस माह से बंद पड़ा है। इसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक का पता नहीं चल पा रहा है।
यंत्र का रखरखाव करने वाली कंपनी का ठेका पिछले साल नवंबर में समाप्त हो गया। इसके बाद से यंत्र बंद पड़ा है। वायु गुणवत्ता के आंकड़े दर्ज न होने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत जरूरी कदम भी नहीं उठा पा रहा है।
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वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों पर रोक, पानी का छिड़काव और वाहनों पर नियंत्रण जैसे प्रतिबंध लागू किए जाते हैं लेकिन आंकड़े न होने से समय रहते निर्णय लेना मुश्किल है।
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दीपावली भी अगले माह है, ऐसे में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना बढ़ने की आशंका है। इसके बावजूद मशीन की मरम्मत और संचालन को लेकर विभाग गंभीर दिखाई नहीं दे रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी निपुण गुप्ता का कहना है कि पहले टेंडर खोला गया था, लेकिन केवल एक ही फर्म आने के कारण प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। अब दोबारा टेंडर जारी किए गए हैं। फिलहाल अस्थायी काम एक फर्म को सौंपा गया है और जल्द ही मशीन को चालू करा दिया जाएगा।