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Rewari News: आर्म्स एक्ट के मामले में 50 हजार के निजी मुचलके पर आरोपी को मिली जमानत
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रेवाड़ी। आर्म्स एक्ट के तहत एक मामले की सुनवाई करते हुए सेशन जज जीएस वाधवा की अदालत ने 50 हजार के निजी मुचलके (पर्सनल बॉन्ड) पर आरोपी सुमित को जमानत दी है। सुमित की तरफ से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा था कि अभियुक्त निर्दोष है और उसने कोई अपराध नहीं किया है व उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
अभियुक्त के विरुद्ध कोई भी कथित अपराध नहीं बनता है। पुलिस ने अभियुक्त को वर्तमान मामले में गलत तरीके से घसीटा है। अभियुक्त 26 जून 2025 से न्यायिक हिरासत में है। उसके विरुद्ध कोई वसूली लंबित नहीं है। एफआईआर में मुख्य अभियुक्त के बयान में उसका नाम आया है। बयान का साक्ष्य मूल्य कमजोर है।
बहस के दौरान अभियुक्त के अधिवक्ता ने कहा कि मुख्य अभियुक्त रोहित को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सह-अभियुक्त लकी का नाम उसके कथन में आया है, इसे भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियुक्त द्वारा किसी भी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
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मामले की सुनवाई में काफी समय लग सकता है इसलिए अभियुक्त को और हिरासत में रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। सुनवाई लंबित रहने तक अभियुक्त को जमानत दी जाए। दूसरी ओर राज्य की तरफ से पेश लोक अभियोजक ने जमानत आवेदन पर जवाब दाखिल करके अभियुक्त की प्रार्थना का कड़ा विरोध किया था।
ये है पूरा मामला
2 जून 2025 को उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बनीपुर चौक पर थे। रोहित को अवैध हथियार के साथ पकड़ा। तलाशी लेने पर एक देसी रिवॉल्वर बरामद हुई। रिवॉल्वर में दो कारतूस थे। रिवॉल्वर और कारतूस को एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखा गया और उसका पार्सल तैयार किया गया। आरोपी सुमित के खिलाफ और सबूत मिलने पर उसे इस मामले में 26 जून 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपने बयान में कहा था कि अलवर के निवासी लकी कसाना से देसी रिवॉल्वर खरीदा था और रोहित को दिया था। इस मामले में अभियुक्त लखमी गुर्जर उर्फ लकी कसाना के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे 3 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया था।
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अभियुक्त के विरुद्ध कोई भी कथित अपराध नहीं बनता है। पुलिस ने अभियुक्त को वर्तमान मामले में गलत तरीके से घसीटा है। अभियुक्त 26 जून 2025 से न्यायिक हिरासत में है। उसके विरुद्ध कोई वसूली लंबित नहीं है। एफआईआर में मुख्य अभियुक्त के बयान में उसका नाम आया है। बयान का साक्ष्य मूल्य कमजोर है।
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बहस के दौरान अभियुक्त के अधिवक्ता ने कहा कि मुख्य अभियुक्त रोहित को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सह-अभियुक्त लकी का नाम उसके कथन में आया है, इसे भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियुक्त द्वारा किसी भी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
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मामले की सुनवाई में काफी समय लग सकता है इसलिए अभियुक्त को और हिरासत में रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। सुनवाई लंबित रहने तक अभियुक्त को जमानत दी जाए। दूसरी ओर राज्य की तरफ से पेश लोक अभियोजक ने जमानत आवेदन पर जवाब दाखिल करके अभियुक्त की प्रार्थना का कड़ा विरोध किया था।
ये है पूरा मामला
2 जून 2025 को उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बनीपुर चौक पर थे। रोहित को अवैध हथियार के साथ पकड़ा। तलाशी लेने पर एक देसी रिवॉल्वर बरामद हुई। रिवॉल्वर में दो कारतूस थे। रिवॉल्वर और कारतूस को एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखा गया और उसका पार्सल तैयार किया गया। आरोपी सुमित के खिलाफ और सबूत मिलने पर उसे इस मामले में 26 जून 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपने बयान में कहा था कि अलवर के निवासी लकी कसाना से देसी रिवॉल्वर खरीदा था और रोहित को दिया था। इस मामले में अभियुक्त लखमी गुर्जर उर्फ लकी कसाना के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे 3 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया था।