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झंडा फहराते हुए रखे आवश्यक सावधानियों का ध्यान, न हो अनादर : डीसी
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रेवाड़ी। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव में 13-14-15 अगस्त को ‘हर-घर तिरंगा’ अभियान प्रभावी रूप से सफल होगा। अभियान को लेकर देश प्रेम की अपार भावनाएं जिला वासियों में उन्माद कर रही हैं। यह बात डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कही। डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि वे तिरंगा झंडा फहराते हुए आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखें ताकि झंडे का किसी भी तरीके से निरादर न हो। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि भारतीय ध्वज संहिता का ध्यान रखें और सम्मान पूर्ण तरीके से हर घर तिरंगा अभियान में भाग लें।
राष्ट्रप्रेम की भावना है तिरंगे में समाहित
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि राष्ट्रध्वज हमारे देश के गौरव व सम्मान का प्रतीक है जो हमारे देश की स्वतंत्रता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम की भावना हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में पूर्ण रूप से समाहित हैं। डीसी ने कहा कि तिरंगा देश की अखंडता और लोगों में देशभक्ति की भावना को प्रेरित करता है, ऐसे में जरूरी है कि तिरंगे को लेकर निर्धारित नियमों व प्रावधानों का ध्यान रखते हुए सम्मान पूर्वक व गरिमा पूर्ण ढंग से इसका इस्तेमाल किया जाए।
निर्धारित नियमों की पालना भी जरूरी
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि भारतीय ध्वज संहिता-2002 में इससे संबंधित सभी नियमों, औपचारिकताओं और निर्देशों को एक साथ लाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि जब भी तिरंगा फहराया जाए तो उसे सम्मान पूर्ण स्थान दिया जाए और उसे ऐसी जगह लगाया जाए जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। सरकारी भवन पर तिरंगा रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जा सकता है। विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है। राष्ट्रीय ध्वज कभी भी फटा हुआ या मैला नहीं फहराया जाता है और इसे केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुकाकर रखा जाता है। किसी भी दूसरे ध्वज या पताका को राष्ट्रध्वज से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जा सकता और ना ही इस के बराबर में रखा जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए। डीसी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज सूती, पॉलिएस्टर, रेशम या खादी के कपड़े का बना हुआ फहरा सकते हैं। भारत की फ्लैग कोड ऑफ इंडिया वेबसाइट पर भी राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई है।
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हर स्थान पर फहरेगा 13 से 15 तक तिरंगा
डीसी गर्ग ने कहा कि आगामी 13 से 15 अगस्त तक सभी बोर्डों, निगमों, सरकारी विभागों के कार्यालय परिसरों, विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थाओं सहित निजी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज गरिमामयी ढंग से फहराया जाएगा। इस अभियान के साथ जिला के हर नागरिक को जोड़ने के लिए लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत को आजाद करवाने के लिए शहीदों के संघर्षों उनकी कुर्बानियों के बारे में जरूर जाने। उन्होंने कहा कि जब भी हम तिरंगा झंडा देखते है तो अपने आप में गर्व की अनुभूति होती है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए।
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राष्ट्रप्रेम की भावना है तिरंगे में समाहित
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि राष्ट्रध्वज हमारे देश के गौरव व सम्मान का प्रतीक है जो हमारे देश की स्वतंत्रता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम की भावना हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में पूर्ण रूप से समाहित हैं। डीसी ने कहा कि तिरंगा देश की अखंडता और लोगों में देशभक्ति की भावना को प्रेरित करता है, ऐसे में जरूरी है कि तिरंगे को लेकर निर्धारित नियमों व प्रावधानों का ध्यान रखते हुए सम्मान पूर्वक व गरिमा पूर्ण ढंग से इसका इस्तेमाल किया जाए।
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निर्धारित नियमों की पालना भी जरूरी
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि भारतीय ध्वज संहिता-2002 में इससे संबंधित सभी नियमों, औपचारिकताओं और निर्देशों को एक साथ लाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि जब भी तिरंगा फहराया जाए तो उसे सम्मान पूर्ण स्थान दिया जाए और उसे ऐसी जगह लगाया जाए जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। सरकारी भवन पर तिरंगा रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जा सकता है। विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है। राष्ट्रीय ध्वज कभी भी फटा हुआ या मैला नहीं फहराया जाता है और इसे केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुकाकर रखा जाता है। किसी भी दूसरे ध्वज या पताका को राष्ट्रध्वज से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जा सकता और ना ही इस के बराबर में रखा जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए। डीसी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज सूती, पॉलिएस्टर, रेशम या खादी के कपड़े का बना हुआ फहरा सकते हैं। भारत की फ्लैग कोड ऑफ इंडिया वेबसाइट पर भी राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई है।
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हर स्थान पर फहरेगा 13 से 15 तक तिरंगा
डीसी गर्ग ने कहा कि आगामी 13 से 15 अगस्त तक सभी बोर्डों, निगमों, सरकारी विभागों के कार्यालय परिसरों, विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थाओं सहित निजी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज गरिमामयी ढंग से फहराया जाएगा। इस अभियान के साथ जिला के हर नागरिक को जोड़ने के लिए लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत को आजाद करवाने के लिए शहीदों के संघर्षों उनकी कुर्बानियों के बारे में जरूर जाने। उन्होंने कहा कि जब भी हम तिरंगा झंडा देखते है तो अपने आप में गर्व की अनुभूति होती है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए।