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Rewari News: बहनों ने भाइयों की कलाई पर बंधी स्नेह की डोर
Tue, 20 Aug 2024 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 20 Aug 2024 01:27 AM IST
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फोटो: 7रेवाड़ी। शहर के सेक्टर-3 में यशवी और भाविका अपने छोटे भाई दर्श को राखी बांधती हुई। स
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। भाई व बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार सोमवार को जिले भर में मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट कर उनकी सुरक्षा का संकल्प दुहराया।
रक्षाबंधन के चलते बाजार में मिष्ठान, रेडीमेड करड़े और फल की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं और युवतियों ने खरीदारी की। रक्षाबंधन के दिन भी राखियों की बड़े पैमाने पर विक्री हुई। मिठाई की दुकानों पर नारियल, काजू कतली की बर्फी, रसगुल्ला, पेठा व कलाकंद की मांग अधिक थी। सोमवार की दोपहर तक भद्रा लगने के कारण राखी बांधने का मुहूर्त 1.30 बजे से शुरू हुआ। सुबह से ही भाइयों और बहनों में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर बहनों ने सुबह से ही भाइयों को राखी बांधनी शुरू कर दी तो वहीं अधिकतर स्थानों पर सुभ मुहूर्त में राखी बांधी गई। बहनें भाइयों के घर गईं और राखी बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार, शास्त्र सम्मत रक्षाबंधन पर राखी बांधने को लेकर इस बार दोपहर 1.30 बजे तक भद्रा का साया रहा। इसके बाद दिनभर राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। बहनें सुबह से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार कर रही थी।
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रेवाड़ी। भाई व बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार सोमवार को जिले भर में मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट कर उनकी सुरक्षा का संकल्प दुहराया।
रक्षाबंधन के चलते बाजार में मिष्ठान, रेडीमेड करड़े और फल की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं और युवतियों ने खरीदारी की। रक्षाबंधन के दिन भी राखियों की बड़े पैमाने पर विक्री हुई। मिठाई की दुकानों पर नारियल, काजू कतली की बर्फी, रसगुल्ला, पेठा व कलाकंद की मांग अधिक थी। सोमवार की दोपहर तक भद्रा लगने के कारण राखी बांधने का मुहूर्त 1.30 बजे से शुरू हुआ। सुबह से ही भाइयों और बहनों में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर बहनों ने सुबह से ही भाइयों को राखी बांधनी शुरू कर दी तो वहीं अधिकतर स्थानों पर सुभ मुहूर्त में राखी बांधी गई। बहनें भाइयों के घर गईं और राखी बांधकर उनकी दीर्घायु की कामना की। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार, शास्त्र सम्मत रक्षाबंधन पर राखी बांधने को लेकर इस बार दोपहर 1.30 बजे तक भद्रा का साया रहा। इसके बाद दिनभर राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। बहनें सुबह से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार कर रही थी।
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