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प्रदेश और जिले के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी साझा डेयरी योजना : डॉ. बनवारी लाल
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रेवाड़ी। सरकार ने प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि पिछली भाजपा सरकार में भी यह विभाग उनके पास ही था। मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने विशेषकर जिले में पेयजल के लिए अनेक परियोजनाएं सिरे चढ़ाई थीं, लेकिन अभी भी दक्षिण हरियाणा में पानी का अभाव है। ऐसे में देखना होगा कि वह कैसे यहां पानी की समस्या को दूर करेंगे। इसके अलावा सहकारिता विभाग में क्या विशेष योजनाएं हैं। इसे लेकर रविवार को अमर उजाला ने डॉ. बनवारी लाल से सवाल-जवाब के माध्यम से योजनाओं और समस्याओं के समाधान की जानकारी की। इस दौरान उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार साझा डेयरी योजना शुरू करने जा रही है। योजना के चलते प्रदेश और जिले के लोगों के लिए रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
सवाल : स्वरोजगार के लिए सरकार क्या विशेष कदम उठा रही है ?
जवाब : गांवों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए जल्द ही सरकार साझा डेयरी योजना लेकर आ रही है। इसमें ग्राम पंचायतों से लीज पर जमीन लेकर डेयरी के लिए शेड बनाए जाएंगे। डेयरी करने वालों को न केवल कैटल फीड बल्कि ऋण की व्यवस्था भी सरकार की ओर से कराई जाएगी। इससे लोगों को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।
सवाल : डेयरी संचालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या दूध को खपाने की होती है। ऐसे में सरकार क्या प्रयास कर रही है?
जवाब: सरकार डेयरी संचालकों की मदद के लिए उन्हें सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराएगी। उसके बाद डेयरी से निकलने वाले दूध को वीटा खरीदेगी। ऋण का किस्त को काटने के बाद जो राशि बचेगी उसे लौटा दिया जाएगा। इससे न तो ऋण की ग्रामीणों को न तो ऋण की अदायगी में परेशानी आएगी और न ही दूध की खपत करने में कोई बाधा रहेगी।
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सवाल : एक बार फिर जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिली है। आपकी क्या योजनाएं हैं?
जवाब : दक्षिणी हरियाणा में पानी की विशेष कमी रही है। इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। दक्षिण हरियाणा में से पानी की समस्या को खत्म करने की प्राथमिकता रहेगी। पिछले कार्यकाल में जो कार्य रह गए थे, उन्हें पूरा करने के लिए प्रयासरत हूं। इसके अलावा गांवों में अतिरिक्त वाटर टैंक बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायतों को पत्र लिखे जा चुके हैं।
सवाल : लंबे समय से जिले में पानी की कमी है। इसका समाधान कैसे होगा?
जवाब : सभी नहरों को ठीक किया जाएगा ताकि पानी की बर्बादी न हो। इसके अलावा सिंचाई विभाग से मिलकर जिले के हिस्से का पानी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों प्रत्येक तीन माह बाद खुला दरबार लगाने का निर्णय लिया है, जिसमें लोगों की विशेषकर पेयजल समस्याओं को सुना जाएगा। शुरूआती में विधानसभा स्तर पर रहेगा उसके बाद प्रदेशभर में लगाएंगे।
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सवाल : स्वरोजगार के लिए सरकार क्या विशेष कदम उठा रही है ?
जवाब : गांवों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए जल्द ही सरकार साझा डेयरी योजना लेकर आ रही है। इसमें ग्राम पंचायतों से लीज पर जमीन लेकर डेयरी के लिए शेड बनाए जाएंगे। डेयरी करने वालों को न केवल कैटल फीड बल्कि ऋण की व्यवस्था भी सरकार की ओर से कराई जाएगी। इससे लोगों को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।
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सवाल : डेयरी संचालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या दूध को खपाने की होती है। ऐसे में सरकार क्या प्रयास कर रही है?
जवाब: सरकार डेयरी संचालकों की मदद के लिए उन्हें सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराएगी। उसके बाद डेयरी से निकलने वाले दूध को वीटा खरीदेगी। ऋण का किस्त को काटने के बाद जो राशि बचेगी उसे लौटा दिया जाएगा। इससे न तो ऋण की ग्रामीणों को न तो ऋण की अदायगी में परेशानी आएगी और न ही दूध की खपत करने में कोई बाधा रहेगी।
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सवाल : एक बार फिर जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिली है। आपकी क्या योजनाएं हैं?
जवाब : दक्षिणी हरियाणा में पानी की विशेष कमी रही है। इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। दक्षिण हरियाणा में से पानी की समस्या को खत्म करने की प्राथमिकता रहेगी। पिछले कार्यकाल में जो कार्य रह गए थे, उन्हें पूरा करने के लिए प्रयासरत हूं। इसके अलावा गांवों में अतिरिक्त वाटर टैंक बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायतों को पत्र लिखे जा चुके हैं।
सवाल : लंबे समय से जिले में पानी की कमी है। इसका समाधान कैसे होगा?
जवाब : सभी नहरों को ठीक किया जाएगा ताकि पानी की बर्बादी न हो। इसके अलावा सिंचाई विभाग से मिलकर जिले के हिस्से का पानी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों प्रत्येक तीन माह बाद खुला दरबार लगाने का निर्णय लिया है, जिसमें लोगों की विशेषकर पेयजल समस्याओं को सुना जाएगा। शुरूआती में विधानसभा स्तर पर रहेगा उसके बाद प्रदेशभर में लगाएंगे।