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साइंस स्ट्रीम के विद्यार्थियों को मिलेगी वाहन सुविधा
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साइंस के लिए घर से 10 किलोमीटर तक दूर जाकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ऐसे विद्यार्थियों को वाहन सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इससे विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और आने-जाने का किराया शिक्षा विभाग से मिल सकेगा। इस योजना में अब शिक्षा विभाग ने विस्तार कर दिया है। पहले केवल छात्राओं को सुविधा मिलती थी अब छात्रोें को भी इसका सीधा लाभ होगा।
शिक्षा विभाग ने साइंस के प्रति विद्यार्थियों की रुचि पैदा करने के लिए राजकीय विद्यालयों में सुविधा उपलब्ध करवाई। कलस्टर स्तर पर साइंस स्कूल खोले गए ताकि विद्यार्थी साइंस पढ़ सकें। इन स्कूलों में साइंस लैब और विशेषज्ञ शिक्षक भी उपलब्ध करवाए गए लेकिन स्कूलों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को दूर-दराज के क्षेत्र से आना पड़ता है।
ऐसे में छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। शिक्षा विभाग ने योजना चलाई कि आठ से दस किलोमीटर दूर क्षेत्र से स्कूल आने वाली छात्राओं को किराया दिया जाएगा। लेकिन छात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिलता था। अब शिक्षा विभाग ने उन्हेें भी सुविधा दी है।
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अब आठ से 10 किलोमीटर दूर से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को आठ रुपये किलोमीटर की दर से किराया मिलेगा। विद्यार्थी अपने स्तर पर एकत्र होकर वाहन किराये पर अनुबंध कर सकते हैं। या आटोरिक्शा का प्रबंध कर सकते हैं। इससे उन विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा जो साइंस पढ़ने के इच्छुक हैं और घर से दूर के स्कूल में जाकर पढ़ते हैं। हालांकि कालेेज के विद्यार्थयों को सरकार बस पास सुविधा देती है, उसी तर्ज पर ये स्कीम शुरू की गई है।
साइंस पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को सरकार सुविधा देती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को किराया दिया जाता है। इसके लिए आठ रुपये किलोमीटर का रेट निर्धारित है। कोरोना काल में स्कूल बंद थे तो सुविधा नहीं मिली, अब स्कूल खुलने लगे हैं तो ये सुविधा दी जाएगी। -राजेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।
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शिक्षा विभाग ने साइंस के प्रति विद्यार्थियों की रुचि पैदा करने के लिए राजकीय विद्यालयों में सुविधा उपलब्ध करवाई। कलस्टर स्तर पर साइंस स्कूल खोले गए ताकि विद्यार्थी साइंस पढ़ सकें। इन स्कूलों में साइंस लैब और विशेषज्ञ शिक्षक भी उपलब्ध करवाए गए लेकिन स्कूलों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को दूर-दराज के क्षेत्र से आना पड़ता है।
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ऐसे में छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। शिक्षा विभाग ने योजना चलाई कि आठ से दस किलोमीटर दूर क्षेत्र से स्कूल आने वाली छात्राओं को किराया दिया जाएगा। लेकिन छात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिलता था। अब शिक्षा विभाग ने उन्हेें भी सुविधा दी है।
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अब आठ से 10 किलोमीटर दूर से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को आठ रुपये किलोमीटर की दर से किराया मिलेगा। विद्यार्थी अपने स्तर पर एकत्र होकर वाहन किराये पर अनुबंध कर सकते हैं। या आटोरिक्शा का प्रबंध कर सकते हैं। इससे उन विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा जो साइंस पढ़ने के इच्छुक हैं और घर से दूर के स्कूल में जाकर पढ़ते हैं। हालांकि कालेेज के विद्यार्थयों को सरकार बस पास सुविधा देती है, उसी तर्ज पर ये स्कीम शुरू की गई है।
साइंस पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को सरकार सुविधा देती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को किराया दिया जाता है। इसके लिए आठ रुपये किलोमीटर का रेट निर्धारित है। कोरोना काल में स्कूल बंद थे तो सुविधा नहीं मिली, अब स्कूल खुलने लगे हैं तो ये सुविधा दी जाएगी। -राजेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।