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महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने में कारगर सिद्ध हो रहा ग्रामीण आजीविका मिशन
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महिला सशक्तीकरण व स्वावलंबन को लेकर चलाया जा रहा हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने में कारगर सिद्ध हो रहा है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में अनेक महिलाओं ने योजना का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आजीविका मिशन से जुड़कर खंड नाहड़ के गांव टूमना निवासी रेणु यादव ने आर्थिक रूप से समृद्ध होते हुए योजना का सकारात्मक स्वरूप सभी के सामने रखा है। रेणु यादव ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते परेशानी झेली लेकिन आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह में भागीदार बनते हुए रेणु ने आरएसएसईटीआई कुंड-मनेठी से डेयरी प्रशिक्षण प्राप्त करने उपरांत ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लोन व सीआईएफ की राशि प्राप्त कर तीन भैंसों के साथ स्वयं का डेयरी का व्यवसाय शुरू किया।
रेणु यादव बताती हैं कि वर्तमान में उसके पास कुल 25 पशु हैं जिनमें 16 भैंस व 9 गाय हैं जिनसे लगभग 170 लीटर दूध की खपत होती है। भैंस के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर व गाय के दूध का मूल्य 50 रुपये प्रति लीटर है। रेणु दूध को पुलिस लाइन, सेक्टर 3 व 4, सनसिटी, होटल व लोकल एरिया में सप्लाई करती है जिससे उसकी प्रति माह एक लाख रुपये आय होती है। रेणु भविष्य में वर्मी कंपोस्ट (देसी खाद) की ट्रेनिंग लेकर इस व्यवसाय में कदम बढ़ाना चाहती है। रेणु का कहना है हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन ने उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हुए आर्थिक रूप से भी सुदृढ़ किया है।
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आजीविका मिशन बन रहा है जरूरतमंदों के लिए वरदान : सीईओ
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन निदेशक एवं सीईओ जिला परिषद रविंद्र यादव ने कहा कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान बन रही है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण परिवेश की महिलाएं जहां आत्मनिर्भर बन रही हैं वहीं अब वे परिवार को आर्थिक रूप से भी विकसित करने में सहभागी हो रही हैं।
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आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आजीविका मिशन से जुड़कर खंड नाहड़ के गांव टूमना निवासी रेणु यादव ने आर्थिक रूप से समृद्ध होते हुए योजना का सकारात्मक स्वरूप सभी के सामने रखा है। रेणु यादव ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते परेशानी झेली लेकिन आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह में भागीदार बनते हुए रेणु ने आरएसएसईटीआई कुंड-मनेठी से डेयरी प्रशिक्षण प्राप्त करने उपरांत ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लोन व सीआईएफ की राशि प्राप्त कर तीन भैंसों के साथ स्वयं का डेयरी का व्यवसाय शुरू किया।
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रेणु यादव बताती हैं कि वर्तमान में उसके पास कुल 25 पशु हैं जिनमें 16 भैंस व 9 गाय हैं जिनसे लगभग 170 लीटर दूध की खपत होती है। भैंस के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर व गाय के दूध का मूल्य 50 रुपये प्रति लीटर है। रेणु दूध को पुलिस लाइन, सेक्टर 3 व 4, सनसिटी, होटल व लोकल एरिया में सप्लाई करती है जिससे उसकी प्रति माह एक लाख रुपये आय होती है। रेणु भविष्य में वर्मी कंपोस्ट (देसी खाद) की ट्रेनिंग लेकर इस व्यवसाय में कदम बढ़ाना चाहती है। रेणु का कहना है हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन ने उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हुए आर्थिक रूप से भी सुदृढ़ किया है।
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आजीविका मिशन बन रहा है जरूरतमंदों के लिए वरदान : सीईओ
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन निदेशक एवं सीईओ जिला परिषद रविंद्र यादव ने कहा कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान बन रही है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण परिवेश की महिलाएं जहां आत्मनिर्भर बन रही हैं वहीं अब वे परिवार को आर्थिक रूप से भी विकसित करने में सहभागी हो रही हैं।