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नियम 134-ए: दाखिला तो मिला अब बस सेवा की समस्या
rewari
Updated Fri, 28 Apr 2017 11:56 PM IST
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नियम 134-ए: दाखिला तो मिला अब बस सेवा की समस्या
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134-ए की परीक्षा में सफल बच्चों के सामने समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। पहले बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
अब दाखिला मिलने के बाद बच्चों के सामने बस सेवा की समस्या खड़ी हो गई है। कुछ स्कूलों को छोड़कर करीब सभी स्कूलों में 134-ए वाले बच्चे स्कूल की बस सेवा से महरूम हैं।
इस नियम के तहत यह तो प्रावधान नहीं कि बच्चों को निजी स्कूल वाले निशुल्क बस सेवा देंगे। अभिभावक ट्रांसपोर्ट फीस देने को तैयार हैं, बावजूद इसके निजी स्कूल 134-ए के बच्चों को बस सेवा उपलब्ध कराने से मना कर रहे हैं। जिलेभर से 134-ए के 780 के करीब बच्चे निजी स्कूलों में निजी दाखिले के लिए सफल हुए थे। इनमें सर्वाधिक संख्या रेवाड़ी खंड से थी।
बस सेवा के लिए रखी दाखिला फीस की शर्त
मोहल्ला संघी का बास निवासी अभिभावक मेहर चंद ने बताया कि पटौदी रोड स्थित एक निजी स्कूल में उसकी बेटी जानवी का कक्षा छठी में निशुल्क दाखिला हुआ है। स्कूल वाले बच्ची को बस सेवा उपलब्ध कराने से मना कर रहे हैं। उनके मोहल्ले में स्कूल का बस स्टॉपेज है। इस बाबत जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बात की तो स्कूल वालों ने ट्रांसपोर्ट फीस से पहले 15 हजार रुपये दाखिला फीस जमा कराने की शर्त रखी। ऐसे में उन्हें मजबूरन टैंपो में बच्ची को स्कूल भेजना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग को निजी स्कूल द्वारा बस सुविधा मुहैया नहीं कराने की लगातार मिल रही शिकायतों से अधिकारियों ने संबंधित स्कूल और अभिभावकों के साथ मीटिंग रखने का फैसला लिया है। खंड स्तर पर बीईओ यह बैठक करेंगे और इस समस्या का निदान किया जाएगा।
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वर्जन
नियम 134-ए के तहत सफल बच्चों के लिए निजी स्कूलों को बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यदि इन बच्चों के अभिभावक ट्रांसपोर्ट फीस देेने को तैयार हैं तो स्कूल संचालकों को आपसी सामंजस्य बनाकर बच्चों को यह सुविधा देनी चाहिए। इसको लेकर जल्द ही स्कूल संचालक और अभिभावकों की बैठक की जाएगी। - सुभाष चंद, बीईओ, रेवाड़ी
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अब दाखिला मिलने के बाद बच्चों के सामने बस सेवा की समस्या खड़ी हो गई है। कुछ स्कूलों को छोड़कर करीब सभी स्कूलों में 134-ए वाले बच्चे स्कूल की बस सेवा से महरूम हैं।
इस नियम के तहत यह तो प्रावधान नहीं कि बच्चों को निजी स्कूल वाले निशुल्क बस सेवा देंगे। अभिभावक ट्रांसपोर्ट फीस देने को तैयार हैं, बावजूद इसके निजी स्कूल 134-ए के बच्चों को बस सेवा उपलब्ध कराने से मना कर रहे हैं। जिलेभर से 134-ए के 780 के करीब बच्चे निजी स्कूलों में निजी दाखिले के लिए सफल हुए थे। इनमें सर्वाधिक संख्या रेवाड़ी खंड से थी।
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बस सेवा के लिए रखी दाखिला फीस की शर्त
मोहल्ला संघी का बास निवासी अभिभावक मेहर चंद ने बताया कि पटौदी रोड स्थित एक निजी स्कूल में उसकी बेटी जानवी का कक्षा छठी में निशुल्क दाखिला हुआ है। स्कूल वाले बच्ची को बस सेवा उपलब्ध कराने से मना कर रहे हैं। उनके मोहल्ले में स्कूल का बस स्टॉपेज है। इस बाबत जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बात की तो स्कूल वालों ने ट्रांसपोर्ट फीस से पहले 15 हजार रुपये दाखिला फीस जमा कराने की शर्त रखी। ऐसे में उन्हें मजबूरन टैंपो में बच्ची को स्कूल भेजना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग को निजी स्कूल द्वारा बस सुविधा मुहैया नहीं कराने की लगातार मिल रही शिकायतों से अधिकारियों ने संबंधित स्कूल और अभिभावकों के साथ मीटिंग रखने का फैसला लिया है। खंड स्तर पर बीईओ यह बैठक करेंगे और इस समस्या का निदान किया जाएगा।
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नियम 134-ए के तहत सफल बच्चों के लिए निजी स्कूलों को बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यदि इन बच्चों के अभिभावक ट्रांसपोर्ट फीस देेने को तैयार हैं तो स्कूल संचालकों को आपसी सामंजस्य बनाकर बच्चों को यह सुविधा देनी चाहिए। इसको लेकर जल्द ही स्कूल संचालक और अभिभावकों की बैठक की जाएगी। - सुभाष चंद, बीईओ, रेवाड़ी