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Rewari News: सरकारी स्कूलों में अब होगी रोबोटिक्स और ड्रोन की पढ़ाई, विद्यार्थियों को मिलेगा एआई का प्रशिक्षण
Sat, 16 May 2026 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 16 May 2026 11:24 PM IST
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पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब। संवाद
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रेवाड़ी। जिले के सरकारी विद्यालयों में अब पढ़ाई आधुनिक और तकनीक पर आधारित होने जा रही है। विद्यार्थी किताबी पढ़ाई के अलावा रोबोट बनाने, ड्रोन उड़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बारीकियां भी सीखेंगे। नवाचार और विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत 11 सरकारी विद्यालयों में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब के संचालन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 से 30 मई तक पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना में आयोजित होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ शिक्षक अटल टिंकरिंग लैब में मौजूद आधुनिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी देंगे।
शिक्षकों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और नवाचार को पाठ्यक्रम से जोड़ने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और आईओटी उपकरणों के संचालन की जानकारी दी जाएगी।
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साथ ही विद्यार्थियों से प्रोजेक्ट तैयार करवाने की तकनीक भी बताई जाएगी। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।
छठी से 12वीं तक के विद्यार्थी इन लैब में अपने नए आइडिया पर काम कर सकेंगे। प्रत्येक लैब के संचालन और गतिविधियों के लिए हर वर्ष दो लाख रुपये का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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अटल टिंकरिंग लैब के लिए शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग ने जिले के विद्यालयों में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब के सफल संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। 26 मई से 30 मई तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 4:30 बजे तक प्रशिक्षण चलेगा। पहले दिन अटल टिंकरिंग लैब की अवधारणा और नीति पर चर्चा होगी। इसके बाद अगले चार दिनों तक प्रायोगिक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें शिक्षकों को लैब उपकरणों के संचालन और प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंतिम दिन शिक्षकों से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करवाए जाएंगे। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को नवाचार और तकनीकी शिक्षा से जोड़ सकेंगे। प्रशिक्षण में 11 स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ पीएमश्री विद्यालयों के मुखिया हिस्सा लेंगे। भविष्य में पीएमश्री स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना है।
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इन विद्यालयों में है अटल टिंकरिंग लैब
जिले के 10 राजकीय विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की सुविधा शुरू की गई है। इन स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीकानेर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल शहबाजपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संगवाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुर्जर माजरी, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल तेजू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रतनथल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसली, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झाड़ौदा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगथला शामिल हैं।
वर्जन
शिक्षा विभाग का लक्ष्य अधिकाधिक स्कूलों में टिंकरिंग कल्चर विकसित करना है। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी निजी स्कूलों के बच्चों की तरह राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक विद्यार्थियों को नए आइडिया पर काम करने के लिए प्रेरित कर पाएंगे। बच्चे ड्रोन, स्मार्ट डस्टबिन, ऑटोमेटिक इरिगेशन सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट बना रहे हैं। - रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी अटल टिंकरिंग लैब।
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यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 से 30 मई तक पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना में आयोजित होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ शिक्षक अटल टिंकरिंग लैब में मौजूद आधुनिक उपकरणों के उपयोग की जानकारी देंगे।
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शिक्षकों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और नवाचार को पाठ्यक्रम से जोड़ने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और आईओटी उपकरणों के संचालन की जानकारी दी जाएगी।
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साथ ही विद्यार्थियों से प्रोजेक्ट तैयार करवाने की तकनीक भी बताई जाएगी। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।
छठी से 12वीं तक के विद्यार्थी इन लैब में अपने नए आइडिया पर काम कर सकेंगे। प्रत्येक लैब के संचालन और गतिविधियों के लिए हर वर्ष दो लाख रुपये का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अटल टिंकरिंग लैब के लिए शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग ने जिले के विद्यालयों में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब के सफल संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। 26 मई से 30 मई तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 4:30 बजे तक प्रशिक्षण चलेगा। पहले दिन अटल टिंकरिंग लैब की अवधारणा और नीति पर चर्चा होगी। इसके बाद अगले चार दिनों तक प्रायोगिक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें शिक्षकों को लैब उपकरणों के संचालन और प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंतिम दिन शिक्षकों से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करवाए जाएंगे। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को नवाचार और तकनीकी शिक्षा से जोड़ सकेंगे। प्रशिक्षण में 11 स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ पीएमश्री विद्यालयों के मुखिया हिस्सा लेंगे। भविष्य में पीएमश्री स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना है।
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इन विद्यालयों में है अटल टिंकरिंग लैब
जिले के 10 राजकीय विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की सुविधा शुरू की गई है। इन स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीकानेर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल शहबाजपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संगवाड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुर्जर माजरी, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल तेजू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रतनथल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोसली, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झाड़ौदा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगथला शामिल हैं।
वर्जन
शिक्षा विभाग का लक्ष्य अधिकाधिक स्कूलों में टिंकरिंग कल्चर विकसित करना है। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी निजी स्कूलों के बच्चों की तरह राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक विद्यार्थियों को नए आइडिया पर काम करने के लिए प्रेरित कर पाएंगे। बच्चे ड्रोन, स्मार्ट डस्टबिन, ऑटोमेटिक इरिगेशन सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट बना रहे हैं। - रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी अटल टिंकरिंग लैब।