{"_id":"6ac41592632b492a860544ba","slug":"roadways-bus-trips-on-local-routes-to-increase-during-the-festive-season-rewari-news-c-198-1-rew1001-246628-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: त्योहारी सीजन में लोकल रूटों पर बढ़ेंगे रोडवेज बसों के फेरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: त्योहारी सीजन में लोकल रूटों पर बढ़ेंगे रोडवेज बसों के फेरे
विज्ञापन
रेवाड़ी बस स्टैंड पर खड़े यात्री। संवाद
रेवाड़ी। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेवाड़ी रोडवेज लोकल रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। जिन मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक यात्रीभार रहता है, वहां बसों के बीच का अंतर कम किया जाएगा।
जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाने के साथ मौजूदा बसों के फेरों में भी बढ़ोतरी की जाएगी। इससे यात्रियों को बस के लिए अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था नवरात्र से शुरू होने की संभावना है।
रेवाड़ी से नारनौल और महेंद्रगढ़ जाने वाले यात्रियों की संख्या त्योहारी सीजन में बढ़ने की संभावना है। इन रूटों पर मांग के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाने अथवा मौजूदा बसों के फेरों के बीच का अंतर कम करने की योजना है। इसके अलावा कोसली, धारूहेड़ा, गुरुग्राम और झज्जर रूट पर भी यात्रीभार के अनुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे।
विज्ञापन
त्योहारों के दौरान बाजारों, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में आवाजाही बढ़ने से स्थानीय रूटों पर बसों में भीड़ बढ़ जाती है। खासकर सुबह और शाम के समय यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।
अधिक यात्रीभार वाले रूटों पर घटेगा बसों के बीच का अंतर
रोडवेज की ओर से ऐसे रूटों की पहचान की जा रही है, जहां एक बस के जाने के बाद अगली बस के लिए यात्रियों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। इन मार्गों पर बसों के बीच का अंतर कम किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कम यात्रीभार वाले समय के फेरों को समायोजित कर अधिक मांग वाले समय में अतिरिक्त फेरे लगाए जा सकते हैं।
यात्रीभार के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी बसें
त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। बसों में क्षमता से अधिक भीड़ न हो और यात्रियों को समय पर बस मिल सके, इसके लिए रूटवार यात्रीभार पर नजर रखी जाएगी। मांग सामने आने के बाद फेरे बढ़ाने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होने पर भी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें लगाने की व्यवस्था रखी जाएगी।
135 बसें ही नियमित रूप से सड़कों पर
जिले में रोजाना 22 हजार से अधिक यात्री रोडवेज बसों से सफर करते हैं, जबकि त्योहारों के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 35 हजार तक पहुंच जाती है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद रेवाड़ी रोडवेज डिपो में बसों की उपलब्धता जरूरत के मुकाबले कम है। डिपो में 177 बसों की जरूरत है, जबकि करीब 155 बसें उपलब्ध हैं। इनमें से लगभग 135 बसें ही नियमित रूप से सड़कों पर चल रही हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
वर्जन
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए लोकल रूटों पर सर्वे कराया जा रहा है। यात्रीभार के अनुसार स्थानीय रूटों पर बसों के समय का अंतर कम कर फेरे बढ़ाने की योजना है। जरूरत पड़ने पर अन्य प्रदेशों को जाने वाली बसों के फेरों को भी अस्थायी रूप से समायोजित किया जाएगा।
निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो
विज्ञापन
जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाने के साथ मौजूदा बसों के फेरों में भी बढ़ोतरी की जाएगी। इससे यात्रियों को बस के लिए अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था नवरात्र से शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन
रेवाड़ी से नारनौल और महेंद्रगढ़ जाने वाले यात्रियों की संख्या त्योहारी सीजन में बढ़ने की संभावना है। इन रूटों पर मांग के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाने अथवा मौजूदा बसों के फेरों के बीच का अंतर कम करने की योजना है। इसके अलावा कोसली, धारूहेड़ा, गुरुग्राम और झज्जर रूट पर भी यात्रीभार के अनुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे।
विज्ञापन
त्योहारों के दौरान बाजारों, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में आवाजाही बढ़ने से स्थानीय रूटों पर बसों में भीड़ बढ़ जाती है। खासकर सुबह और शाम के समय यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।
अधिक यात्रीभार वाले रूटों पर घटेगा बसों के बीच का अंतर
रोडवेज की ओर से ऐसे रूटों की पहचान की जा रही है, जहां एक बस के जाने के बाद अगली बस के लिए यात्रियों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। इन मार्गों पर बसों के बीच का अंतर कम किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कम यात्रीभार वाले समय के फेरों को समायोजित कर अधिक मांग वाले समय में अतिरिक्त फेरे लगाए जा सकते हैं।
यात्रीभार के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी बसें
त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। बसों में क्षमता से अधिक भीड़ न हो और यात्रियों को समय पर बस मिल सके, इसके लिए रूटवार यात्रीभार पर नजर रखी जाएगी। मांग सामने आने के बाद फेरे बढ़ाने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होने पर भी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें लगाने की व्यवस्था रखी जाएगी।
135 बसें ही नियमित रूप से सड़कों पर
जिले में रोजाना 22 हजार से अधिक यात्री रोडवेज बसों से सफर करते हैं, जबकि त्योहारों के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 35 हजार तक पहुंच जाती है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद रेवाड़ी रोडवेज डिपो में बसों की उपलब्धता जरूरत के मुकाबले कम है। डिपो में 177 बसों की जरूरत है, जबकि करीब 155 बसें उपलब्ध हैं। इनमें से लगभग 135 बसें ही नियमित रूप से सड़कों पर चल रही हैं।
वर्जन
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए लोकल रूटों पर सर्वे कराया जा रहा है। यात्रीभार के अनुसार स्थानीय रूटों पर बसों के समय का अंतर कम कर फेरे बढ़ाने की योजना है। जरूरत पड़ने पर अन्य प्रदेशों को जाने वाली बसों के फेरों को भी अस्थायी रूप से समायोजित किया जाएगा।
निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो