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डेढ़ साल बाद चार नेशनल हाईवे के बीच होगा म्हारा शहर, खुलेंगे विकास के द्वार
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एनएच- 8 के इस प्वाइंट पर मिलेंगे चार हाईवे।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। मंगलवार का दिन जिले के लिए काफी शुभ रहा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हजारों करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें रेवाड़ी जिले को तीन सौगात मिली है। पानीपत-रेवाड़ी एनएच-71, दिल्ली-जयपुर एनएच-8 को जोड़ने वाले बांबड से शुरू होकर हरिनगर तक बनने वाले 14 किमी. आउटर बाईपास निर्माण से जहां शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं शहर के चारों ओर आउटर सर्कल पूरा होने से विकास को भी पंख लग सकेंगे।
डेढ़ साल के भीतर प्रोजेक्ट पूरा करने की समय सीमा तय की गई है, ऐसे में डेढ़ साल बाद शहर एनएच-11, एनएच- 8, रेवाड़ी-पटौदी-गुुुरुग्राम एनएच- 352 डब्ल्यू व एनएच 71 के बीच आ जाएगा। चार हाईवे के बीच शहर आने से विकास के पंख लगेंगे। शिलान्यास के दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने जहां दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कापड़ीवास व बावल चौक पर फ्लाईओवर निर्माण को बेहद जरूरी बताया, वहीं सीएम मनोहरलाल ने पंजाब व हरियाणा के बीच एसवाईएल नहर विवाद के समाधान के लिए गडकरी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए समाधान की मांग की। बता दें कि एसवाईएल मुद्दे के समाधान से सबसे ज्यादा दक्षिण हरियाणा खासकर रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ को लाभ मिलेगा। पूरी तरह से बारिश पर निर्भर जमीन को पानी मिलने से यहां पर खुशहाली के द्वार खुल जाएंगे।
इन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
बाईपास : लागत 958 करोड़, डेढ़ साल में होगा काम पूरा
दिल्ली और गुरुग्राम की ओर से राजस्थान के सीकर से लेकर बीकानेर तक जाने के लिए रेवाड़ी से होकर गुजरना पड़ता है। प्रत्येक दिन शहर के अंदर से दो हजार से अधिक वाहन निकलते हैं, इसके चलते जाम लगा रहता है। इतना ही नहीं डंपर के चपेट में आने से तीन लोगों की मौत बीते एक साल में हो चुकी है। बाईपास निर्माण से शहर की दो लाख आबादी ही नहीं महेंद्रगढ़, नारनौल व राजस्थान के लोगों को भी लाभ मिलेगा। बाईपास पर 958 करोड़ रुपये की लागत आएगी, इसकी घोषणा वर्ष 2015 में हुई थी। अब डेढ़ साल के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
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रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाईवे, 46.11 किमी. 1524 करोड़ खर्च
रेवाड़ी से पटौदी व गुरुग्राम जाने के लिए यूं तो पहले से ही दो लेन का सड़क मार्ग था, लेकिन यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थीं। इतना ही नहीं एनएच-8 पर जाम आदि की स्थिति में इसकी जरूरत महसूस की जाती रही है। इसकी घोषणा भी वर्ष 2016 में हुई थी, अब 15 जून को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को शिलान्यास कर दिया गया है। 46.11 किमी. लंबे एनएच- 352 डब्ल्यू निर्माण पर करीब 1524 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पाकिस्तान सीमा को जोड़ने वाला सामरिक दृष्टि से अहम एनएच-11
रेवाड़ी से लेकर सीकर तक एनएच-11 का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। राजस्थान की ओर नारनौल तक दो चरणों का काम लगभग पूरा हो चुका है। लॉकडाउन से पहले रेवाड़ी-अटेली एनएच-11 30.5 किमी. लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब इसका शिलान्यास नहीं हो सका था, जो कि मंगलवार को किया गया है। यहां पर अब तेजी से काम चल रहा है। इस सेक्शन पर करीब 1057 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेवाड़ी में एनएच-8 व एनएच-71 व एनएच- 352 डब्ल्यू को जोड़ने वाला एनएच-11 व सामरिक दृष्टि से भी अहम है। पहले बीकानेर होते हुए पाकिस्तान सीमा पर जाने के लिए आगरा हाईवे को उपयोग में लाया जाता रहा है, लेकिन अब एनएच-11 से होते हुए बीकानेर तक पहले के मुकाबले कम समय में पहुंचा जा सकता है।
नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ शुरू
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिले के तीनों प्रोजेक्ट विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में नेताओं में भी श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत समर्थकों ने बीते 15 दिन से पोस्टर, हॉर्डिंग व सोशल साइट पर बडे प्रोजेक्ट का श्रेय लेने के लिए अभियान चलाया हुआ है। वहीं मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में लोकनिर्माण मंत्री रहे राव नरबीर समर्थकों की ओर से भी सोशल साइट से लेकर अन्य माध्यमों से रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम सहित अन्य प्राजेक्ट का श्रेय लिया जा रहा है।
मील का पत्थर साबित होंगी परियोजनाएं: राव
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि ये सड़क परियोजनाएं प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। राव ने कहा कि गडकरी के सामने कापडीवास चौक, बावल चौक, बिलासपुर चौक व मानेसर एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने की मांग को रखा गया है। गडकरी ने सहमति जताते हुए कहा कि इस पर कार्य चल रहा है और जल्द ही इनको भी सिरे चढ़ाया जाएगा।
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डेढ़ साल के भीतर प्रोजेक्ट पूरा करने की समय सीमा तय की गई है, ऐसे में डेढ़ साल बाद शहर एनएच-11, एनएच- 8, रेवाड़ी-पटौदी-गुुुरुग्राम एनएच- 352 डब्ल्यू व एनएच 71 के बीच आ जाएगा। चार हाईवे के बीच शहर आने से विकास के पंख लगेंगे। शिलान्यास के दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने जहां दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कापड़ीवास व बावल चौक पर फ्लाईओवर निर्माण को बेहद जरूरी बताया, वहीं सीएम मनोहरलाल ने पंजाब व हरियाणा के बीच एसवाईएल नहर विवाद के समाधान के लिए गडकरी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए समाधान की मांग की। बता दें कि एसवाईएल मुद्दे के समाधान से सबसे ज्यादा दक्षिण हरियाणा खासकर रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ को लाभ मिलेगा। पूरी तरह से बारिश पर निर्भर जमीन को पानी मिलने से यहां पर खुशहाली के द्वार खुल जाएंगे।
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इन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
बाईपास : लागत 958 करोड़, डेढ़ साल में होगा काम पूरा
दिल्ली और गुरुग्राम की ओर से राजस्थान के सीकर से लेकर बीकानेर तक जाने के लिए रेवाड़ी से होकर गुजरना पड़ता है। प्रत्येक दिन शहर के अंदर से दो हजार से अधिक वाहन निकलते हैं, इसके चलते जाम लगा रहता है। इतना ही नहीं डंपर के चपेट में आने से तीन लोगों की मौत बीते एक साल में हो चुकी है। बाईपास निर्माण से शहर की दो लाख आबादी ही नहीं महेंद्रगढ़, नारनौल व राजस्थान के लोगों को भी लाभ मिलेगा। बाईपास पर 958 करोड़ रुपये की लागत आएगी, इसकी घोषणा वर्ष 2015 में हुई थी। अब डेढ़ साल के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
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रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाईवे, 46.11 किमी. 1524 करोड़ खर्च
रेवाड़ी से पटौदी व गुरुग्राम जाने के लिए यूं तो पहले से ही दो लेन का सड़क मार्ग था, लेकिन यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थीं। इतना ही नहीं एनएच-8 पर जाम आदि की स्थिति में इसकी जरूरत महसूस की जाती रही है। इसकी घोषणा भी वर्ष 2016 में हुई थी, अब 15 जून को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को शिलान्यास कर दिया गया है। 46.11 किमी. लंबे एनएच- 352 डब्ल्यू निर्माण पर करीब 1524 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पाकिस्तान सीमा को जोड़ने वाला सामरिक दृष्टि से अहम एनएच-11
रेवाड़ी से लेकर सीकर तक एनएच-11 का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। राजस्थान की ओर नारनौल तक दो चरणों का काम लगभग पूरा हो चुका है। लॉकडाउन से पहले रेवाड़ी-अटेली एनएच-11 30.5 किमी. लंबे सेक्शन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब इसका शिलान्यास नहीं हो सका था, जो कि मंगलवार को किया गया है। यहां पर अब तेजी से काम चल रहा है। इस सेक्शन पर करीब 1057 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेवाड़ी में एनएच-8 व एनएच-71 व एनएच- 352 डब्ल्यू को जोड़ने वाला एनएच-11 व सामरिक दृष्टि से भी अहम है। पहले बीकानेर होते हुए पाकिस्तान सीमा पर जाने के लिए आगरा हाईवे को उपयोग में लाया जाता रहा है, लेकिन अब एनएच-11 से होते हुए बीकानेर तक पहले के मुकाबले कम समय में पहुंचा जा सकता है।
नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ शुरू
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिले के तीनों प्रोजेक्ट विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में नेताओं में भी श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत समर्थकों ने बीते 15 दिन से पोस्टर, हॉर्डिंग व सोशल साइट पर बडे प्रोजेक्ट का श्रेय लेने के लिए अभियान चलाया हुआ है। वहीं मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में लोकनिर्माण मंत्री रहे राव नरबीर समर्थकों की ओर से भी सोशल साइट से लेकर अन्य माध्यमों से रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम सहित अन्य प्राजेक्ट का श्रेय लिया जा रहा है।
मील का पत्थर साबित होंगी परियोजनाएं: राव
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि ये सड़क परियोजनाएं प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। राव ने कहा कि गडकरी के सामने कापडीवास चौक, बावल चौक, बिलासपुर चौक व मानेसर एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने की मांग को रखा गया है। गडकरी ने सहमति जताते हुए कहा कि इस पर कार्य चल रहा है और जल्द ही इनको भी सिरे चढ़ाया जाएगा।