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Rewari News: एक माह पहले तोड़कर छोड़ दी गई धारूहेड़ा को जोड़ने वाली सड़क, लोगों की बढ़ी परेशानी

Mon, 22 Jun 2026 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 22 Jun 2026 11:30 PM IST
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Road connecting to Dharuhera dug up and left unfinished a month ago; residents face increased inconvenience.
एक माह से उखड़ी पड़ी धारूहेड़ा को जोड़ने वाली सड़क। संवाद
धारूहेड़ा। मानसून की दस्तक से पहले ही धारूहेड़ा को एनएच-48 से जोड़ने वाली रेवाड़ी-पलवल रोड लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। एक माह पहले सड़क के आरसीसी हिस्से को तोड़ दिया गया था लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। यह सड़क उखड़ी पड़ी है। इस रोड से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इसके बाद भी सड़क का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
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धारूहेड़ा शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली यह सड़क भगत सिंह चौक, उप तहसील कार्यालय, नंदरामपुर बास रोड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भिवाड़ी रोड और मुख्य बाजारों को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जोड़ती है। सड़क के एक हिस्से को पूरी तरह उखाड़ दिया गया है जबकि दूसरी ओर भी जगह-जगह कटाव कर सड़क को क्षतिग्रस्त अवस्था में छोड़ दिया गया है।
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ऐसे में वाहन चालक धूल, गड्ढों और जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। मानसून सिर पर खड़ा है और ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति भविष्य की बड़ी समस्या का संकेत दे रही है। बारिश शुरू होते ही उखड़े हुए हिस्सों में जलभराव होना तय माना जा रहा है।
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यदि ऐसा हुआ तो न केवल यातायात प्रभावित होगा बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी कई गुना बढ़ जाएगा। विडंबना यह है कि हर वर्ष जलभराव और खराब सड़कों की शिकायतों के बावजूद विभाग समय रहते सबक लेने को तैयार नहीं दिख रहा।
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देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की
सबसे बड़ा सवाल पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। रेवाड़ी-पलवल रोड की देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास है, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का पुनर्निर्माण किया जाना था तो पहले उसकी स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए थी। सड़क को तोड़ना आसान है लेकिन उसे समय पर बनाना विभाग की जिम्मेदारी है, जिससे वह बचता दिखाई दे रहा है।

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निर्माण कार्य की समय-सीमा क्या है ?
स्थानीय निवासी राजू जेलदार, राजबीर नांगलिया, अशोक मिस्त्री, सुमित कुमार ने बताया कि सड़क को तोड़ने के बाद कार्य ठप पड़ा हुआ है। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर निर्माण कार्य की समय-सीमा क्या है, देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं और यदि मानसून के दौरान किसी दुर्घटना या जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी। विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को राहत देना होता है, लेकिन यहां हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। सड़क उखाड़कर छोड़ दी गई है और लोग रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर हैं।

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वर्जन
एनएच-48 से धारूहेड़ा को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य मजदूरों की कमी के चलते प्रभावित हुआ था। अब यह समस्या दूर कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य को गति देते हुए सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। प्रयास है कि कार्य को निर्धारित समय में पूरा कर लोगों को राहत प्रदान की जाए।-प्रदीप संधू, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी नूंह।
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