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नैचाना सरपंच पर मनमर्जी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:23 AM IST
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panchayat
- फोटो : Bureau
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रेवाड़ी के नैचाना में गांव में पंचों ने सरपंच पर मनमर्जी करने का आरोप लगाया है। पंचों का आरोप है कि सरपंच बिना पंचों की सहमति के ही प्रस्ताव पास कर देता है। यही नहीं पंचों ने बैठक कर सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पास कर दिया है।
बृहस्पतिवार को क्षेत्र के पंचों द्वारा एक बैठक का आयोजन क्षेत्र स्थित हरिजन चौपाल में किया गया। जिसमें पंचों की ओर से सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव किया गया और सरपंच को बर्खास्त करने की मांग को लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष चंद को शिकायत पत्र भी सौंपा गया। पंच बीरसिंह, पंच मनोज, पंच प्रमिला, पंच सजना, पंच रेनू देवी, मंजू देवी, पंच पवन आदि ने बताया कि सरपंच कर्मबीर बिना पंचों की सलाह के प्रस्ताव पास करके विकास कार्य करवाता हैं। सरपंच व ग्राम सचिव मनमर्जी प्रस्ताव पास करवाकर क्षेत्र में विकास कार्य शुरू करवा देते हैं। वहीं इस बाबत सरपंच ने गांव में अभी तक किसी तरह का विकास कार्य न कराने और पंचों पर ही जबरन फंसाने का आरोप लगाया है।
जबरदस्ती हस्ताक्षर के लिए बनाया दबाव
पंचों के मुताबिक सरपंच ने 27 जुलाई की शाम को ही एजेंडा पास किया तथा बैठक में ही उनके पर जबरदस्ती प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। लेकिन जब प्रस्ताव पर सभी पंचों ने हस्ताक्षर करने से मना किया तो उन्हें पैसों का भी लालच दिया गया। तो वहीं पचों ने ग्राम सचिव जयभगवान पर भी हाजिरी नहीं लगाने का आरोप लगाया। पंचों का कहना है कि सरपंच एससी कैटेगरी से हैं। वह सरपंच से प्रस्ताव पास करने के बारे में कुछ भी बातचीत करते हैं तो सरपंच उन्हें एससीएसटी एक्ट के तहत फंसवाने तथा बंद करवाने की धमकी देते हैं।
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सरपंच मनमर्जी के कार्य करता है। सरपंच अपने आप ही प्रस्ताव पारित करता हैं और प्रस्ताव पर पंचों के ऊपर जबरदस्ती हस्ताक्षर करने का दबाव बनाता है।
कैलाश, पंच
पंचों के द्वारा उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा हैं। उनके द्वारा गांव में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया गया हैं। पूर्व सरपंच के कार्यकाल के दौरान जो कार्य लंबित रह गए थे। वहीं कार्य ही चल रहे हैं। उनके द्वारा एक रास्ते का निर्माण करवाया गया हैं। जिसकी राशि विधायक ने भेजी थी।
कर्मबीर, सरपंच
सरपंच को हटाने का ऐसा अभी तक कोई कानून नहीं बना है। अगर उपायुक्त डॉ. यश गर्ग बैठक कर उन्हें कोई निर्देश देते हैं तो उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
सुभाष चंद, बीडीपीओ, बावल
बृहस्पतिवार को क्षेत्र के पंचों द्वारा एक बैठक का आयोजन क्षेत्र स्थित हरिजन चौपाल में किया गया। जिसमें पंचों की ओर से सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव किया गया और सरपंच को बर्खास्त करने की मांग को लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष चंद को शिकायत पत्र भी सौंपा गया। पंच बीरसिंह, पंच मनोज, पंच प्रमिला, पंच सजना, पंच रेनू देवी, मंजू देवी, पंच पवन आदि ने बताया कि सरपंच कर्मबीर बिना पंचों की सलाह के प्रस्ताव पास करके विकास कार्य करवाता हैं। सरपंच व ग्राम सचिव मनमर्जी प्रस्ताव पास करवाकर क्षेत्र में विकास कार्य शुरू करवा देते हैं। वहीं इस बाबत सरपंच ने गांव में अभी तक किसी तरह का विकास कार्य न कराने और पंचों पर ही जबरन फंसाने का आरोप लगाया है।
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जबरदस्ती हस्ताक्षर के लिए बनाया दबाव
पंचों के मुताबिक सरपंच ने 27 जुलाई की शाम को ही एजेंडा पास किया तथा बैठक में ही उनके पर जबरदस्ती प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। लेकिन जब प्रस्ताव पर सभी पंचों ने हस्ताक्षर करने से मना किया तो उन्हें पैसों का भी लालच दिया गया। तो वहीं पचों ने ग्राम सचिव जयभगवान पर भी हाजिरी नहीं लगाने का आरोप लगाया। पंचों का कहना है कि सरपंच एससी कैटेगरी से हैं। वह सरपंच से प्रस्ताव पास करने के बारे में कुछ भी बातचीत करते हैं तो सरपंच उन्हें एससीएसटी एक्ट के तहत फंसवाने तथा बंद करवाने की धमकी देते हैं।
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सरपंच मनमर्जी के कार्य करता है। सरपंच अपने आप ही प्रस्ताव पारित करता हैं और प्रस्ताव पर पंचों के ऊपर जबरदस्ती हस्ताक्षर करने का दबाव बनाता है।
कैलाश, पंच
पंचों के द्वारा उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा हैं। उनके द्वारा गांव में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया गया हैं। पूर्व सरपंच के कार्यकाल के दौरान जो कार्य लंबित रह गए थे। वहीं कार्य ही चल रहे हैं। उनके द्वारा एक रास्ते का निर्माण करवाया गया हैं। जिसकी राशि विधायक ने भेजी थी।
कर्मबीर, सरपंच
सरपंच को हटाने का ऐसा अभी तक कोई कानून नहीं बना है। अगर उपायुक्त डॉ. यश गर्ग बैठक कर उन्हें कोई निर्देश देते हैं तो उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
सुभाष चंद, बीडीपीओ, बावल