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आईजीयूः पीएचडी प्रवेश सूची पर विवाद गहराया

Mon, 23 Dec 2019 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2019 12:06 AM IST
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rewari indira gandhi univercity
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) में पीएचडी प्रवेश की अंतिम सूची आने से पहले ही विवाद बढ़ने लगा है। प्रवेश परीक्षा कराए बिना ही जेआरफ व नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को वरीयता देने को लेकर छात्र संगठनों ने विरोध की आशंका जताई जा रही है। वहीं, विवि अधिकारियों का कहना है कि यूजीसी के नियमों के तहत ही प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुसार प्रदेश में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है। जबकि आईजीयू ने पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं कराई। प्रवेश के समय एमडीयू द्वारा जेआरफ उत्तीर्ण अभ्यर्थी को 30 अंक व नेट क्वालीफाई अभ्यर्थी को 25 अंक प्रदान किए जाते हैं।
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नियमानुसार जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) , नेशनल एलिजबेल्टी टेस्ट (नेट) में अधिकतम पांच अंकों का ही अंतर होता है। इसके उलट आईजीयू में जेआरएफ को 30 व नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी को 20 नंबर दिए जा रहे हैं। पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा कराता तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकता था। इसी वजह से प्रवेश प्रक्रिया पर उंगली उठ रही हैं।
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बता दें कि विवि में कॉमर्स में 17, इकोनोमिक्स में 6, मैथ में 7, मैनेजमेंट में 4 व कंप्यूटर साइंस में पीएचडी के लिए 10 सीटें निर्धारित हैं। विश्वविद्यालय में इससे पूर्व वर्ष 2016 में पीएचडी के प्रवेश हुए थे। हालांकि जेआरएफ भी पेंच फंसा हुआ है। नियमानुसार जेआरएफ क्वालीफाई करने के बाद यदि कोई विद्यार्थी स्कॉलरशिप नहीं लेता है तो पीएचडी में एडमिशन के समय उसको नेट के बराबर ही नंबर दिए जाएंगे।
गेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रक्रिया में शामिल ही नहीं
यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार पीएचडी के लिए जेआरएफ, नेट व ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) पास विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। आईजीयू ने गेट उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रक्रिया में शामिल नहीं किया। ऐसे में अनेक योग्य विद्यार्थी पीएचडी में प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे। इसके जिस श्रेणी से जेआरएफ व नेट पास किया होता है, पीएचडी में एडमिशन के दौरान भी उसी श्रेणी को ध्यान में रख प्रक्रिया पूरी की जाती है, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं किया जा रहा है।
रेगुलर ही की जा सकती है पीएचडी, यहां लाइन में सहायक प्रोफेसर भी
विवि में प्रवेश के लिए परास्नातक के साथ जेआरएफ व नेट पास कर चुके विद्यार्थी ही नहीं, विवि व कॉलेजों में स्थाई बतौर सहायक प्रोफेसर की जॉब कर रहे अध्यापक भी हैं। वर्ष 2016 की यूजीसी गाइड लाइन के अनुसार पीएचडी रेगुलर ही की जा सकती है। जो व्यक्ति जॉब कर रहे हैं, उनको छुट्टी लेकर पीएचडी पूरी करनी पड़ेगी। लेकिन विवि में यूजीसी के नियमों की पालना की जाएगी, इस पर भी बड़ा सवाल है।

प्रवेश परीक्षा न कराने से बढ़ा संदेह
आईजीयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव ने कहा कि कुछ लोगों को लाभ देने के लिए क्षेत्र के विद्यार्थियों के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के संविधान में स्पष्ट है कि पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं कराया गया। वहीं दूसरी ओर गेट पास विद्यार्थियों को भी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया।
फाइनल लिस्ट सोमवार को आएगी: प्रो. चाहर
विवि में शैक्षणिक विभाग के अधिष्ठाता प्रो. एसएस चाहर ने कहा कि फाइनल लिस्ट सोमवार को आएगी। प्रक्रिया यूजीसी गाइड लाइन के तहत ही पूरी की जाएगी।
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