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Rewari News: पटवारियों की हड़ताल से 2 करोड़ का राजस्व नुकसान
Wed, 03 Jan 2024 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:26 PM IST
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रेवाड़ी। राजीव चौक के पास धरने पर बैठे पटवारी एवं कानूनगो। संवाद
रेवाड़ी। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को जिपे के पटवारी एवं कानूनगो ने राजीव चौक के निकट धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। एसोसिएशन के सदस्यों के हड़ताल पर रहने के कारण कार्यालयों में पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह सांकेतिक धरना आगामी दो दिन तक जारी रहेगी।
यूनियन के जिला प्रधान बलजीत यादव ने बताया कि उनकी मांग पटवारी-कानूनगो के बढ़ाए गए वेतनमान को 1 जनवरी 2016 से नोटिफिकेशन व 25 जनवरी 2023 से वास्तविक रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार की 3 साल से लंबित विभागीय परीक्षा व पटवारियों की स्थायी भर्ती आदि को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांग नहीं मानी तो वे इस हड़ताल को आगे भी बढ़ा सकते हैं। फिलहाल 3 से 5 जनवरी तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो इस हड़ताल को आगे बढ़ा सकते हैं।
यह नहीं हुए काम
हड़ताल के कारण जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, फसलों की वेरिफिकेशन, डोमिसाइल, जाति, रिहायशी प्रमाण पत्रों से संबंधित काम नहीं हुए। प्रमाणपत्र बनने से पहले पटवारियों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। पटवार भवन में लोग अपने कार्यों को आए और वापस चले गए। जो लोग ग्रामीण क्षेत्र से आए थे उनको ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि शहर में आने में भी काफी समय लगता है। बाद में जब उन्हें मालूम चला कि पटवारी हड़ताल पर हैं तो मायूस लौट गए। जिले में 67 पटवारी व 16 कानूनगो कार्यरत हैं। करीब 2 करोड़ के आसपास का राजस्व का नुकसान हुआ है।
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रोजाना होती है 150 के आसपास रजिस्ट्री
नए कलेक्टर रेट जो जारी होने थे, फिलहाल वह फैसला सरकार ने अभी टाल दिया है। ऐसे में पुरानी दर पर रजिस्ट्री होनी थी, मगर पटवारियों की हड़ताल की वजह से रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
पुराने रेट पर ही रजिस्ट्री होने की वजह से रजिस्ट्री की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। क्योंकि बाद में अगर कलेक्टर रेट बढ़ते हैं तो लोगों की जेब और ज्यादा ढीली हो सकती है। जिले में करीब 150 के आसपास रजिस्ट्री रोजाना होती है। रियल स्टेट के कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिन में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या भी बढ़ सकती है। क्योंकि अधिकतर लोगों को यही था कि अब कलेक्टर रेट बढ़ जाएंगे। जिन लोगों को यह जानकारी हो रही है कि कलेक्टर अभी नहीं बढ़ेंगे वह रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
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यूनियन के जिला प्रधान बलजीत यादव ने बताया कि उनकी मांग पटवारी-कानूनगो के बढ़ाए गए वेतनमान को 1 जनवरी 2016 से नोटिफिकेशन व 25 जनवरी 2023 से वास्तविक रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार की 3 साल से लंबित विभागीय परीक्षा व पटवारियों की स्थायी भर्ती आदि को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांग नहीं मानी तो वे इस हड़ताल को आगे भी बढ़ा सकते हैं। फिलहाल 3 से 5 जनवरी तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो इस हड़ताल को आगे बढ़ा सकते हैं।
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यह नहीं हुए काम
हड़ताल के कारण जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, फसलों की वेरिफिकेशन, डोमिसाइल, जाति, रिहायशी प्रमाण पत्रों से संबंधित काम नहीं हुए। प्रमाणपत्र बनने से पहले पटवारियों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। पटवार भवन में लोग अपने कार्यों को आए और वापस चले गए। जो लोग ग्रामीण क्षेत्र से आए थे उनको ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि शहर में आने में भी काफी समय लगता है। बाद में जब उन्हें मालूम चला कि पटवारी हड़ताल पर हैं तो मायूस लौट गए। जिले में 67 पटवारी व 16 कानूनगो कार्यरत हैं। करीब 2 करोड़ के आसपास का राजस्व का नुकसान हुआ है।
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रोजाना होती है 150 के आसपास रजिस्ट्री
नए कलेक्टर रेट जो जारी होने थे, फिलहाल वह फैसला सरकार ने अभी टाल दिया है। ऐसे में पुरानी दर पर रजिस्ट्री होनी थी, मगर पटवारियों की हड़ताल की वजह से रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
पुराने रेट पर ही रजिस्ट्री होने की वजह से रजिस्ट्री की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। क्योंकि बाद में अगर कलेक्टर रेट बढ़ते हैं तो लोगों की जेब और ज्यादा ढीली हो सकती है। जिले में करीब 150 के आसपास रजिस्ट्री रोजाना होती है। रियल स्टेट के कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिन में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या भी बढ़ सकती है। क्योंकि अधिकतर लोगों को यही था कि अब कलेक्टर रेट बढ़ जाएंगे। जिन लोगों को यह जानकारी हो रही है कि कलेक्टर अभी नहीं बढ़ेंगे वह रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंच रहे हैं।