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Rewari News: रिपोर्ट... फसलों में फंगस लगने का प्रमुख कारण अधिक तापमान व नमी

Thu, 28 Nov 2024 11:34 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 11:34 PM IST
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Report...The main reason for fungus growth in crops is high temperature and moisture.
रेवाड़ी। जिले में लगातार सरसों की फसल को नुकसान होने के कारण कृषि विशेषज्ञों की टीम ने पिछले सप्ताह आकर सैंपल लिए थे। वहीं, अब सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार फसलों में फंगस लगने का प्रमुख कारण अधिक तापमान व अधिक नमी है। इस बार जिले में 10 दिन पहले तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा था। खेतों में नमी अधिक होने के कारण इस बार फसल फंगस की चपेट में आई है। दरअसल, किसानों की शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन और कृषि व किसान कल्याण विभाग की संयुक्त टीम की तरफ से एक दर्जन के करीब गांवों में सरसों व गेहूं की फसल का निरीक्षण किया गया था। सरसों की फसल के सैंपल लेकर जांच के लिए फरीदाबाद लैब में भेजे गए थे। रिपोर्ट अब कृषि विभाग के अधिकारियों के पास पहुंची है। सैंपल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि फंगस लगने के कारण सरसों की फसल सूख रही है। बीमारी की जानकारी नहीं होने के कारण कृषि विभाग के विशेषज्ञ भी बचाव के उपाय नहीं बता पा रहे थे। अब कृषि विभाग के विशेषज्ञों की तरफ से किसानों को सरसों की फसल के बचाव के लिए सुझाव दिए गए हैं।
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75 हजार हेक्टेयर में होती है सरसों की खेती

केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन फरीदाबाद व कृषि और किसान कल्याण विभाग रेवाड़ी की संयुक्त टीम की ओर से खंड रेवाड़ी के गांव भाड़ावास, खोल ब्लॉक के गांव गोलियाकी व बावल खंड के गांव नैचाना का दौरा किया था। बता दें कि जिले में इस बार 75 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की गई है। इसमें पहले ही जमवार के समय ही पौधों में धोलिया रोग लगने के कारण कई गांवों में 40 से 50 हेक्टेयर में किसानों ने दोबारा भी बिजाई करनी पड़ गई थी।
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टीम में ये थे मौजूद

इस टीम में कृषि विभाग से डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. योगेश बीटीएम बावल, डॉ. शीतल बावल व रिक्षपाल सुपरवाइजर तथा केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन संस्थान से रामजीत मौर्य सहायक (एपीपीओ), रिया राठी एसए व कुमारी रुबि एसए के अलावा गांव के नंबरदार सुभाष, किसान धर्मबीर, चांदसिंह, सतीश व सुखबीर आदि मौजूद थे।
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वर्जन:

पिछले दिनों भेजी गई सैंपल की रिपोर्ट लैब से आ चुकी है। फंगस लगने के कारण सरसों की फसल को नुकसान हो रहा था। अब किसानों को दवाई छिड़काव के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि सरसों की फसल अच्छी हो सके।

-डॉ. अनिल यादव, खंड कृषि अधिकारी
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