{"_id":"67e3057d0344349cf9003978","slug":"relief-from-epilepsy-is-possible-with-regular-treatment-rewari-news-c-198-1-rew1001-216959-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: नियमित इलाज से मिर्गी से छुटकारा संभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: नियमित इलाज से मिर्गी से छुटकारा संभव
Wed, 26 Mar 2025 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 26 Mar 2025 01:05 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मिर्गी लाइलाज बीमारी नहीं है। नागरिक अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है। चिकित्सक के परामर्श से नियमित इलाज कराने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। मिर्गी से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्पल डे हर वर्ष 26 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को मिर्गी से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है।
चिकित्सकों ने बताया कि मिर्गी से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 26 मार्च को पर्पल डे मनाया जाता है। मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है और दौरे का कारण बनती है। पर्पल डे का लक्ष्य मिर्गी के बारे में लोगों की समझ बढ़ाना है। पर्पल डे की स्थापना 2008 में कैसिडी मेगन ने की थी, जो कनाडा की एक युवा लड़की है और खुद मिर्गी से पीड़ित है। उसने बैंगनी रंग इसलिए चुना क्योंकि लैवेंडर को अक्सर मिर्गी से जोड़कर देखा जाता है, जो
चिकित्सकों के अनुसार नागरिक अस्पताल के मनोरोग ओपीडी में रोजाना 10 से 15 मिर्गी के मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ मिर्गी से बचाव के लिए मरीजों को एहतियात बरतने देते हैं।
विज्ञापन
-
कई तरह की होती है मिर्गी
चिकित्सकों का कहना है कि मिर्गी भी कई तरह की होती है। कई बार एमआरआई जांच में भी दिमाग में हो रही गड़बड़ी के बारे में पता नहीं चल पाता है। ईईजी मशीन का इस्तेमाल मस्तिष्क की चोटों, नींद संबंधी विकारों, मिर्गी और अन्य मस्तिष्क की स्थितियों के निदान के लिए किया जाता है। ईईजी से स्मृति हानि और बेहोशी जैसे लक्षणों के कारणों का भी पता चलता है। यह कोमा में पड़े किसी व्यक्ति की मस्तिष्क गतिविधि भी दिखा सकता है।
वर्जन
मिर्गी के मरीजों को ज्यादा नींद लेनी चाहिए। तनाव कम करना जरूरी है। समय से दवाएं लेनी चाहिए। मिर्गी लाइलाज बीमारी नहीं है। नागरिक अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है। मिर्गी के मरीज चिकित्सक के परामर्श से इलाज लें तो जल्द इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।- डॉ. पवन, मनोरोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
रेवाड़ी। मिर्गी लाइलाज बीमारी नहीं है। नागरिक अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है। चिकित्सक के परामर्श से नियमित इलाज कराने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। मिर्गी से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्पल डे हर वर्ष 26 मार्च को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को मिर्गी से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है।
चिकित्सकों ने बताया कि मिर्गी से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 26 मार्च को पर्पल डे मनाया जाता है। मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है और दौरे का कारण बनती है। पर्पल डे का लक्ष्य मिर्गी के बारे में लोगों की समझ बढ़ाना है। पर्पल डे की स्थापना 2008 में कैसिडी मेगन ने की थी, जो कनाडा की एक युवा लड़की है और खुद मिर्गी से पीड़ित है। उसने बैंगनी रंग इसलिए चुना क्योंकि लैवेंडर को अक्सर मिर्गी से जोड़कर देखा जाता है, जो
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार नागरिक अस्पताल के मनोरोग ओपीडी में रोजाना 10 से 15 मिर्गी के मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ मिर्गी से बचाव के लिए मरीजों को एहतियात बरतने देते हैं।
विज्ञापन
-
कई तरह की होती है मिर्गी
चिकित्सकों का कहना है कि मिर्गी भी कई तरह की होती है। कई बार एमआरआई जांच में भी दिमाग में हो रही गड़बड़ी के बारे में पता नहीं चल पाता है। ईईजी मशीन का इस्तेमाल मस्तिष्क की चोटों, नींद संबंधी विकारों, मिर्गी और अन्य मस्तिष्क की स्थितियों के निदान के लिए किया जाता है। ईईजी से स्मृति हानि और बेहोशी जैसे लक्षणों के कारणों का भी पता चलता है। यह कोमा में पड़े किसी व्यक्ति की मस्तिष्क गतिविधि भी दिखा सकता है।
वर्जन
मिर्गी के मरीजों को ज्यादा नींद लेनी चाहिए। तनाव कम करना जरूरी है। समय से दवाएं लेनी चाहिए। मिर्गी लाइलाज बीमारी नहीं है। नागरिक अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है। मिर्गी के मरीज चिकित्सक के परामर्श से इलाज लें तो जल्द इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।- डॉ. पवन, मनोरोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।