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रंगोत्सव सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम : सुंदर
Tue, 22 Jul 2025 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 22 Jul 2025 11:47 PM IST
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फोटो : 6जिला समग्र शिक्षा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम का दृश्य। स्रोत : विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत मंगलवार को जिला समग्र शिक्षा कार्यालय में जिलास्तरीय रंगोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायक परियोजना समन्वयक सुंदर सिंह ने कहा कि रंगोत्सव सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि रंगोत्सव जैसे कार्यक्रम न केवल शिक्षकों की छिपी प्रतिभाओं को उजागर करते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई को भी विद्यार्थियों एवं समाज के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉकों से आए प्रतिभाशाली शिक्षकों ने पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, दृश्य कला, गायन इत्यादि में शानदार प्रस्तुतियां दीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धता झलकती रही।
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प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में वोकल म्यूजिक में बरी शर्मा, ट्रेडीशनल म्यूजिक में सुधीर और निशा, लोक नृत्य में पूनम यादव व जितेन्द्र, विजुअल आर्ट में सुरेन्द्र कुमार, पूजा रानी, भूपेन्द्र व सरोज वर्मा शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में निहित विविध कलात्मक प्रतिभाओं को उजागर करना और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को मंच प्रदान करना था। इस मौके पर अमन कुमार, वीरेंद्र कुमार, सतीश मस्तान, हेमंत और आनंद उपस्थित रहे।
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रेवाड़ी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत मंगलवार को जिला समग्र शिक्षा कार्यालय में जिलास्तरीय रंगोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहायक परियोजना समन्वयक सुंदर सिंह ने कहा कि रंगोत्सव सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि रंगोत्सव जैसे कार्यक्रम न केवल शिक्षकों की छिपी प्रतिभाओं को उजागर करते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई को भी विद्यार्थियों एवं समाज के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
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कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉकों से आए प्रतिभाशाली शिक्षकों ने पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, दृश्य कला, गायन इत्यादि में शानदार प्रस्तुतियां दीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धता झलकती रही।
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प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में वोकल म्यूजिक में बरी शर्मा, ट्रेडीशनल म्यूजिक में सुधीर और निशा, लोक नृत्य में पूनम यादव व जितेन्द्र, विजुअल आर्ट में सुरेन्द्र कुमार, पूजा रानी, भूपेन्द्र व सरोज वर्मा शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में निहित विविध कलात्मक प्रतिभाओं को उजागर करना और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को मंच प्रदान करना था। इस मौके पर अमन कुमार, वीरेंद्र कुमार, सतीश मस्तान, हेमंत और आनंद उपस्थित रहे।