फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   rain, farmar, field, wheat, distick

ओलों से फीका पड़ा होली का रंग

Sat, 11 Mar 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 11 Mar 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
rain, farmar, field, wheat, distick
water
 तेज बारिश के साथ गिरे बेर के आकार के ओलों ने होली से पहले ही किसानों के रंग को फीका कर दिया। ओलावृष्टि से खेतों में पककर खड़ी सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि अभी जिलेभर में नुकसान का पूरा आंकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन किसानों के चेहरे पर छाई शिकन इसे साफ बता रही है।
विज्ञापन

पिछले दो दिन से आसमान में छाए हल्के बादलों के बाद शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। आसमान से ओलों के रूप में गिरती आफत को देख किसान सहम गए और खेतों में अपनी फसल को बचाने के लिए दौड़ पड़े। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार को भी क्षेत्र में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 17 से 20 मार्च के बीच भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया।
विज्ञापन


गेहूं की फसल खराब होने की आशंका
जिले भर में सरसों 67.5 हजार हेक्टेयर व गेहूं की 4700 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई है। इसमें से करीब 40 प्रतिशत सरसों की कटाई हो चुकी है जबकि गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। ओलावृष्टि से सरसों की कटी फसल में नमी बन जाएगी। वहीं गेहूं की बालियां टूट गई हैं जिससे गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका बन गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रेवाड़ी में सर्वाधिक ओलावृष्टि
सर्वाधिक ओलावृष्टि रेवाड़ी में हुई। वहीं बावल और खोल में भी कुछ जगह ओलावृष्टि हुई। कोसली क्षेत्र में ओलावृष्टि नहीं हुई। यहां हल्की बूंदाबांदी हुई।

यह करे किसान
ओलावृष्टि से रबी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिन किसानों ने अपनी सरसों की फसल की कटाई कर ली है वे मौसम बिगड़ता देख फसल को ढक लें। खिली धूप में इसे धूप भी लगने दे। वहीं गेहूं में अब बारिश के चलते पानी देने की जरूरत नहीं है।
सड़कों पर भरा पानी
एक घंटे की बारिश में शहर की सड़कें लबालब हो गई। निचले इलाकों मेें घरों में पानी भर गया। त्योहार को लेकर बाजारों में भी खासी परेशानी हुई। वाहन चालकों को भी खासी परेशानी हुई। लोग बारिश थमने के बाद घरों और दुकानों से पानी निकालते दिखे।

चिंता में डूबे किसान
खोल। नांगल मूंदी क्षेत्र में तेज ओलावृष्टि एवं बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में फसल की कटाई जोरों पर चल रही है। किसान जयसिंह वर्मा, संतू शर्मा, नरेश मांढइया, शेर सिंह, उदमीराम आदि ने बताया कि बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल का दाना मर सकता है।  

यह बोले किसान
मैंने अपनी दो एकड़ में गेहूं और सरसों की फसल लगाई थी। शुक्रवार को हुई ओलावृष्टि से सरसों की फलियां टूट गई। गेहूं की फसल को भी नुकसान है। -रिंकू यादव, रालियावास

रामजी जी मार दियो। ओलों से सरसों को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है। फसल कटकर तैयार थी। समझ ही नहीं आ रहा क्या करें। बहुत नुकसान हुआ है। -शमशेर सिंह, किसान

मैंने तीन एकड़ में सरसों और गेहूं की बुवाई की है। अब फसल के कटने का समय है। ऐसे में ओलावृष्टि और बारिश ने समस्या बढ़ा दी है। सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है।- महेंद्र, जड़थल

पहले हुई अच्छी बारिश से इस बार अच्छी पैदावार होने की संभावना थी। लेकिन फसल के अंतिम चरण में बारिश और ओलावृष्टि से पूरी मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। यदि मौसम आगे भी ऐसा रहा तो गेहूं की फसल भी पूरी तरह चौपट हो जाएगी।-महेश, बावल


इस समय बारिश और ओलावृष्टि का होना किसानों के लिए चिंता का विषय है। लेकिन किसान घबराए नहीं। वे अपनी कटी सरसों को ढंक कर रखें। गेहूं में अब पानी लगाने की जरूरत नहीं है। धूप खिलने पर खेतों में एकत्रित सरसों की फसल को जरूर सुखाएं।
-डॉ. रोहताश, उपनिदेशक, कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed