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Rewari News: रक्षाबंधन पर बस अड्डों पर उमड़ी भीड़, सीट के लिए महिलाओं में दिखी होड़
Fri, 28 Aug 2026 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:41 AM IST
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बस स्टैंड पर जुटी यात्रियों की भीड़। संवाद
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की दी गई सौगात का बहनों ने भरपूर लाभ उठाया। भाइयों के घर राखी बांधने के लिए जाने के लिए महिलाओं वीरवार की दोपहर बस अड्डे पर उमड़ पड़ीं। भीड़ इतनी रही कि बसें तत्काल भर जा रही थीं। भीड़ के चलते कई महिलाओं को बसों में बैठने की जगह नहीं मिली।
रक्षाबंधन पर वीरवार की दोपहर 12 बजे से शुक्रवार की मध्य रात्रि तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा महिलाओं को दी गई है। महिलाएं अपने साथ 15 वर्ष तक के बच्चों को भी ले जा सकती हैं।
इस सुविधा के चलेत बस अड्डे पर भीड़ रही। पहले छह घंटे में ही निशुल्क बस सेवा की व्यवस्था हांफती नजर आई। बूथों पर बस के पहुंचते ही महज पांच मिनट के भीतर सीटें भर गईं। दोपहर बाद ग्रामीण रूटों पर यात्रियों की संख्या और बढ़ने से बसों की कमी साफ नजर आई। महिलाओं को अगली बस के इंतजार में काफी समय तक खड़ा रहना पड़ा।
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शहर के बस अड्डे के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों पर भी यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक रही। बस आते ही महिलाओं में सीट पाने के लिए होड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ रूटों पर बसों के पहुंचने के कुछ ही मिनट में सभी सीटें भर गईं।
ग्रामीण क्षेत्रों से रेवाड़ी आने और यहां से गांवों की ओर जाने वाली बसों में सबसे अधिक भीड़ रही। कई बूथों पर महिलाएं बस का इंतजार करती दिखाई दीं। कुछ रूटों पर एक बस के जाने के बाद अगली बस आने में काफी समय लगा। इससे महिलाओं के साथ बच्चों को भी परेशानी हुई।
दोपहर बाद भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि दस बसें रिजर्व में रखी गई थी जिन रूटों पर अधिक यात्री भार था उन रूटों पर बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। साथ ही रूटों पर समय-सारणी के अनुसार संचालन के अलावा भी समय घटाते हुए बसें चली।
निजी बस संचालकों ने उठाया फायदा
सरकारी बसों में भीड़ बढ़ने का फायदा निजी परमिट बस संचालकों ने भी उठाया। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक रही, वहां निजी बसों में भी बड़ी संख्या में यात्री सफर करते नजर आए। यात्रियों का कहना था कि रक्षाबंधन पर भीड़ का अनुमान पहले से था, इसके बावजूद कई ग्रामीण रूटों पर अतिरिक्त बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। वहीं, गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी में महिलाओं ने निजी बसों में भी सफर किया। निजी बसों में किसी प्रकार की छूट नहीं रही।
निजी वाहनों की भीड़ बढ़ने से रहे जाम जैसे हालात
शहर के मुख्य मार्गों पर सुबह से ही यातायात का अत्यधिक दबाव होने के कारण जाम जैसे हालात रहे। विशेषकर राव तुलाराम मार्ग, बस स्टैंड, झज्जर रोड, रेलवे रोड, बस स्टैंड रोड, सर्कुलर रोड, आंबेडकर चौक, धारूहेड़ा चुंगी, दिल्ली बाइपास, बावल चौक पर दिनभर वाहन रेंगते रहे। हालांकि पुलिस कर्मचारियों की मुस्तैदी से जाम नहीं लगा।
फेरे और समय में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रक्षाबंधन के दिन सभी बसों को निर्धारित समय और फेरों के अनुसार चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जो निजी परमिट बस संचालक निर्धारित फेरे पूरे नहीं करेंगे या समय का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों के संचालन पर निगरानी रखी जा रही है। भीड़ वाले रूटों पर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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रक्षाबंधन पर वीरवार की दोपहर 12 बजे से शुक्रवार की मध्य रात्रि तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा महिलाओं को दी गई है। महिलाएं अपने साथ 15 वर्ष तक के बच्चों को भी ले जा सकती हैं।
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इस सुविधा के चलेत बस अड्डे पर भीड़ रही। पहले छह घंटे में ही निशुल्क बस सेवा की व्यवस्था हांफती नजर आई। बूथों पर बस के पहुंचते ही महज पांच मिनट के भीतर सीटें भर गईं। दोपहर बाद ग्रामीण रूटों पर यात्रियों की संख्या और बढ़ने से बसों की कमी साफ नजर आई। महिलाओं को अगली बस के इंतजार में काफी समय तक खड़ा रहना पड़ा।
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शहर के बस अड्डे के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों पर भी यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक रही। बस आते ही महिलाओं में सीट पाने के लिए होड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ रूटों पर बसों के पहुंचने के कुछ ही मिनट में सभी सीटें भर गईं।
ग्रामीण क्षेत्रों से रेवाड़ी आने और यहां से गांवों की ओर जाने वाली बसों में सबसे अधिक भीड़ रही। कई बूथों पर महिलाएं बस का इंतजार करती दिखाई दीं। कुछ रूटों पर एक बस के जाने के बाद अगली बस आने में काफी समय लगा। इससे महिलाओं के साथ बच्चों को भी परेशानी हुई।
दोपहर बाद भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि दस बसें रिजर्व में रखी गई थी जिन रूटों पर अधिक यात्री भार था उन रूटों पर बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। साथ ही रूटों पर समय-सारणी के अनुसार संचालन के अलावा भी समय घटाते हुए बसें चली।
निजी बस संचालकों ने उठाया फायदा
सरकारी बसों में भीड़ बढ़ने का फायदा निजी परमिट बस संचालकों ने भी उठाया। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक रही, वहां निजी बसों में भी बड़ी संख्या में यात्री सफर करते नजर आए। यात्रियों का कहना था कि रक्षाबंधन पर भीड़ का अनुमान पहले से था, इसके बावजूद कई ग्रामीण रूटों पर अतिरिक्त बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। वहीं, गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी में महिलाओं ने निजी बसों में भी सफर किया। निजी बसों में किसी प्रकार की छूट नहीं रही।
निजी वाहनों की भीड़ बढ़ने से रहे जाम जैसे हालात
शहर के मुख्य मार्गों पर सुबह से ही यातायात का अत्यधिक दबाव होने के कारण जाम जैसे हालात रहे। विशेषकर राव तुलाराम मार्ग, बस स्टैंड, झज्जर रोड, रेलवे रोड, बस स्टैंड रोड, सर्कुलर रोड, आंबेडकर चौक, धारूहेड़ा चुंगी, दिल्ली बाइपास, बावल चौक पर दिनभर वाहन रेंगते रहे। हालांकि पुलिस कर्मचारियों की मुस्तैदी से जाम नहीं लगा।
फेरे और समय में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रक्षाबंधन के दिन सभी बसों को निर्धारित समय और फेरों के अनुसार चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जो निजी परमिट बस संचालक निर्धारित फेरे पूरे नहीं करेंगे या समय का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों के संचालन पर निगरानी रखी जा रही है। भीड़ वाले रूटों पर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।