फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   PWD department had given assurance to the people in the High Court, now again the measurement was wrong

Rewari News: पीडब्ल्यूडी विभाग ने हाईकोर्ट में लोगों को दिया था आश्वासन, अब फिर पैमाईश कर दी गलत

Sat, 19 Apr 2025 12:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
PWD department had given assurance to the people in the High Court, now again the measurement was wrong
फोटो : 04-एचपीपीए स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को सीएम के नाम पत्र सौंपते लोग। स्रोत : प - फोटो : इमरजेंसी वार्ड के बाहर इंट्री प्वाइंट के बाहर से लापता जानकारी देता बोर्ड।
रेवाड़ी। एलसी-59 फाटक पर बन रहे बूढ़पुर बेरली कोसली ओवरब्रिज का मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया है। बेरली रोड पर रहने वाले कंवर सिंह, ओमप्रकाश, आशा, सुभराम, रतिराम, हरेंद्र, पिंकेश समेत कई लोगों ने एचपीपीए स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला से उनके कार्यालय पर मिले और सीए के नाम पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि 23 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट से पीडब्ल्यूडी विभाग ने समझौता की बात कहकर मामला वापस करवा दिया था, अब फिर पैमाईश गलत कर दी।
विज्ञापन


इसलिए ठीक करवाने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि गलत पैमाईश से पंद्रह मकान टूटते हैं। मौके पर सड़क बनी हुई है, उसी पर पुल बनता है तो दोनों तरफ बराबर जगह निकलती है। अगर गलत पैमाईश पर पुल बनता है तो 6 फीट से 20 फीट का अंतर आता है जो टेढ़ा भी दिखेगा ओर मकान भी टूटेंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी को लिखे मांग पत्र में लोगों ने कहा है कि बरेली बूढ़पुर रोड का अधिग्रहण 1974 में हुआ था जोकि कागजों में ग्यारह क्रम है और ग्राउंड पर तेरह क्रम है। नापतोल करके ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क बनाई थी। आमजन इसको 50 साल से इस्तेमाल कर रहा है। इसी साइड सीवर लाइन भी डली हुई है तथा पानी की बड़ी लाइन है जो बूस्टरों को जाती है। बिजली की दो बड़ी लाइन है जिसे विभाग अपनी जगह मान रहा है। उसके बाद साल 2006 में इसका नवीनीकरण हुआ उस समय भी नापतोल हुआ था। उसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने दोनों तरफ बरसाती नाले भी बनाए, वह भी पैमाइश करके ही बनाए गए थे तथा इस रोड को चार लाइन भी बनाया गया था। उस समय भी इसकी पैमाइश की गई थी। पीडब्ल्यूडी विभाग अब भी अपने द्वारा बनाई गई सड़क को गलत बता रहा है।
विज्ञापन


------------
लोग बोले- विभाग बहुत परेशान कर रहा
लोगों का कहना है कि विभाग बहुत परेशान कर रहा है। इसके लिए हाईकोर्ट में भी यह मामला गया, वहां पर भी पीडब्ल्यूडी विभाग ने एक मौका पैमाईश का ओर देने के लिए कहा। कोर्ट में दोनों की सहमति से केस वापस लिया गया। लिटिगेशन एक्ट 1963 के मुताबिक 12 साल जिसका कब्जा है उसको मालिकाना हक का प्रावधान है। इसका मतलब जहां रोड बना है वहीं पुल बने कोई एतराज नहीं होगा। नागरिकों के 30 साल से ज्यादा पुराने मकान बनाए हो गए हैं। इसलिए निवेदन है कि इस पर दखल करके सही पैमाइश करवाकर जहां जो काबिज है इस पर ही पुल बनाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed