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Rewari News: 51,899 क्विंटल बाजरे की खरीद, 25 हजार का हुआ उठान
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रेवाड़ी। जिले की रेवाड़ी, कोसली के साथ बावल अनाज मंडी में बाजरा खरीद जोर-शोर से चल रही है। शनिवार को तीनों मंडियों में 1654 किसानों के टोकन काटे गए, जबकि 51,899 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। वहीं करीब 25 हजार क्विंटल बाजरे का उठान भी किया गया है। इसके अलावा मंडियों में अभी तक करीब 4 लाख क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। रविवार को अवकाश होने के कारण मंडी में खरीद बंद रखी जाएगी। दो दिन से बावल की अनाज मंडी में भी हैफेड के माध्यम से बाजरा खरीद हो रही है। इससे रेवाड़ी की मंडी में कुछ हद तक भीड़ कम हो गई। इससे पहले बावल क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसान बाजरा बेचने के लिए रेवाड़ी मंडी में लेकर आ रहे थे। इस कारण मंडी में उथल-पुथल की स्थिति रहती थी। पिछले दो दिनों से रेवाड़ी की अनाज मंडी में गेट पास कटवाने के लिए किसानों की लंबी कतार नहीं लग रही हैं। बावल में बाजरा खरीद शुरू हुई तो हुई तो किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन भी समाप्त हो गया। रेवाड़ी मंडी में अभी तक हैफेड की ओर से एक लाख 80 हजार क्विंटल बाजरा को खरीद की जा चुकी है। इनमें से दो लाख बैग का उठान भी हो चुका है। अभी मंडी में करीब 1.25 लाख बैग का उठान बाकी है। उठान कार्य 24 घंटे चल रहा है। कई दिन पहले टोकन कटवा चुके किसानों का बाजरा अब बिक्री होने लगा है।
भावांतर भरपाई की घोषणा का इंतजार
हालांकि काफी संख्या में किसान बाजरा बाजार भाव में बेच चुके हैं। 23 सितंबर को हैफेड ने बाजरा खरीद शुरू की थी। इससे पहले किसान आढ़तियों को बाजरा बेच चुके थे। हैफेड जहां नमी की मात्रा और साफ सुथरा बाजरा 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आढ़तियों के माध्यम से खरीद कर रहा है वहीं इससे पहले किसान 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में आढ़तियों को बेच चुके हैं। वहीं सरकार ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल सरकारी समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, लेकिन अभी तक न तो भावांतर भरपाई की घोषणा की गई है और न ही सरकारी खरीदकर रही है। किसान अब सरकारी खरीद होने का इंतजार नहीं कर रहे हैं। बाजरा बेचने के बाद फसलों के बिजाई भी करनी है।
मौसम खराब होने की भी संभावना
मौसम विभाग ने नौ और 10 अक्टूबर को मौसम में बदलाव आने की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण इस दौरान आंशिक बादलवाई होने तथा कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। इसके बाद 11 अक्तूबर से उत्तर पश्चिमी हवा चलने से रात के तापमान में गिरावट तथा मौसम खुश्क संभावित है। ऐसे में किसान किसी प्रकार का जोखिम उठाना नहीं चाहते।
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भावांतर भरपाई की घोषणा का इंतजार
हालांकि काफी संख्या में किसान बाजरा बाजार भाव में बेच चुके हैं। 23 सितंबर को हैफेड ने बाजरा खरीद शुरू की थी। इससे पहले किसान आढ़तियों को बाजरा बेच चुके थे। हैफेड जहां नमी की मात्रा और साफ सुथरा बाजरा 2200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आढ़तियों के माध्यम से खरीद कर रहा है वहीं इससे पहले किसान 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में आढ़तियों को बेच चुके हैं। वहीं सरकार ने 2500 रुपये प्रति क्विंटल सरकारी समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, लेकिन अभी तक न तो भावांतर भरपाई की घोषणा की गई है और न ही सरकारी खरीदकर रही है। किसान अब सरकारी खरीद होने का इंतजार नहीं कर रहे हैं। बाजरा बेचने के बाद फसलों के बिजाई भी करनी है।
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मौसम खराब होने की भी संभावना
मौसम विभाग ने नौ और 10 अक्टूबर को मौसम में बदलाव आने की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण इस दौरान आंशिक बादलवाई होने तथा कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। इसके बाद 11 अक्तूबर से उत्तर पश्चिमी हवा चलने से रात के तापमान में गिरावट तथा मौसम खुश्क संभावित है। ऐसे में किसान किसी प्रकार का जोखिम उठाना नहीं चाहते।
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