{"_id":"5e692d8d8ebc3ec75f4f7ab1","slug":"private-schools-not-given-avlavle-seat-in-rule-134-a-rewari-news-rtk546410224","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी स्कूलों ने नहीं दर्शाई रिक्त सीटों की संख्या, जरूरतमंद बच्चों के अभिभावक परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी स्कूलों ने नहीं दर्शाई रिक्त सीटों की संख्या, जरूरतमंद बच्चों के अभिभावक परेशान
विज्ञापन
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रेवाड़ी।
- फोटो : Rewari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों द्वारा रिक्त सीटों की संख्या नहीं दर्शाने व पोर्टल पर बार-बार किए जाने वाले बदलावों के कारण जरूरतमंद बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जरूरतमंदों के पास आवेदन करने के लिए केवल 9 दिन का समय शेष बचा है।
बता दें कि फॉर्म भरते समय किसी कारण से प्रिंट लेना रह जाए तो बाद में पोर्टल पर प्रिंट लेने के लिए कोई ऑप्शन नहीं दिया गया है। इसके कारण पंजीकरण नंबर डालकर दोबारा प्रिंट आउट लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा न ही मोबाइल पर फार्म भरने से संबंधित कोई सूचना आती है। अभिभावक व बच्चों के समक्ष आने वाली परेशानियों के समाधान के लिए दिए गए टोल फ्री नंबर पर भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से किया जाएगा जागरूक
जिला मौलिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर के जिला उपायुक्तों को पत्र भेजकर नियम 134-ए के तहत म्यूनिशिपल काउंसिल, कमेटी एवं यूनियनों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर अधिक से अधिक फार्म भरवाने के लिए कहा गया है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक कर फार्म भरवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
विज्ञापन
आवेदन के लिए लगाया निशुल्क कैंप
मिशन ऑफ एजुकेशन द्वारा नियम 134-ए के आवेदन के लिए नि:शुल्क सहायता कैंप लगाया हुआ है। कैलाशचंद एडवोकेट ने बताया कि पिछले 25 फरवरी से 20 मार्च तक पोर्टल पर आवेदन किए जाने थे। लेकिन निजी स्कूलों द्वारा पोर्टल पर रिकार्ड व रिक्त सीटों की संख्या नहीं दर्शाने के कारण बार-बार पोर्टल को बंद किया जा रहा है। अब केवल 9 दिन शेष हैं। बुधवार को 15 जरूरतमंदों के आवेदन कराए गए हैं।
विज्ञापन
बता दें कि फॉर्म भरते समय किसी कारण से प्रिंट लेना रह जाए तो बाद में पोर्टल पर प्रिंट लेने के लिए कोई ऑप्शन नहीं दिया गया है। इसके कारण पंजीकरण नंबर डालकर दोबारा प्रिंट आउट लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा न ही मोबाइल पर फार्म भरने से संबंधित कोई सूचना आती है। अभिभावक व बच्चों के समक्ष आने वाली परेशानियों के समाधान के लिए दिए गए टोल फ्री नंबर पर भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से किया जाएगा जागरूक
जिला मौलिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर के जिला उपायुक्तों को पत्र भेजकर नियम 134-ए के तहत म्यूनिशिपल काउंसिल, कमेटी एवं यूनियनों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर अधिक से अधिक फार्म भरवाने के लिए कहा गया है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक कर फार्म भरवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
विज्ञापन
आवेदन के लिए लगाया निशुल्क कैंप
मिशन ऑफ एजुकेशन द्वारा नियम 134-ए के आवेदन के लिए नि:शुल्क सहायता कैंप लगाया हुआ है। कैलाशचंद एडवोकेट ने बताया कि पिछले 25 फरवरी से 20 मार्च तक पोर्टल पर आवेदन किए जाने थे। लेकिन निजी स्कूलों द्वारा पोर्टल पर रिकार्ड व रिक्त सीटों की संख्या नहीं दर्शाने के कारण बार-बार पोर्टल को बंद किया जा रहा है। अब केवल 9 दिन शेष हैं। बुधवार को 15 जरूरतमंदों के आवेदन कराए गए हैं।