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Rewari News: प्राइवेट बस संचालक गुरुग्राम की बजाय उतार रहे धारूहेड़ा
Tue, 09 Apr 2024 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 09 Apr 2024 01:08 AM IST
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रेवाड़ी। रेवाड़ी बस स्टैंड पर बस पकड़ने के लिए खड़े यात्री। संवाद
रेवाड़ी। प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी की वजह से इन दिनों लोग काफी परेशान हैं। दरअसल, प्राइवेट बस संचालक गुरुग्राम लेकर जाने की बात कहकर लोगों को धारूहेड़ा में उतार देते हैं। धारूहेड़ा में यात्रियों को गुरुग्राम जाने के लिए फिर से बस पकड़नी पड़ती है। इस दौरान लोगों को जो परेशानी होती है उसकी बात ही अलग है। रेवाड़ी से गुरुग्राम तक जाने के लिए 70 रुपये किराया लगता है। यह किराया प्राइवेट और रोडवेज एक ही किराया लेते हैं। जब लोग गुरुग्राम जाने के लिए प्राइवेट बसों में बैठते हैं तो मौके पर यही बोलकर लेकर जाया जाता है कि गुरुग्राम छोड़ा जाएगा। मगर जब टिकट काटने की बारी आती है तो उस दौरान 30 रुपये लेकर बस कंडक्टर द्वारा यह कहा जाता है कि यह बस केवल धारूहेड़ा ही जाएगी। धारूहेड़ा से दोबारा बस पकड़ने पर 50 रुपये गुरुग्राम के लिए खर्च करना पड़ता है। ऐसे में प्रत्येक यात्री को 10 रुपये अतिरिक्त देना पड़ता है। जबकि रेवाड़ी से गुरुग्राम के लिए 70 रुपये की टिकट है। प्रत्येक यात्री को 80 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
परिवार समेत जाने वाले लोगों को होती है अधिक परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को होती है जो बाहर के होते हैं। लोग गुरुग्राम जाने को लेकर प्राइवेट बसों में बैठ तो जाते हैं। जब धारूहेड़ा उतरते हैं तो और ज्यादा समस्या होती है। रोहित ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गुरुग्राम जा रहा था। साथ में 3 से 4 बैग भी थे। धारूहेड़ा में प्राइवेट बस ने उतार दिया। इस दौरान बस पकड़ने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। साथ में बच्चे भी थे। काफी परेशानी होती है, सीधी बस मिलनी चाहिए।
विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं कंडक्टर
प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी को लेकर जब लोग आवाज उठाते हैं तो कंडक्टर मारपीट को भी उतारू हो जाते हैं। राजेश और पुनीत ने बताया कि वह रेवाड़ी से गुरुग्राम के लिए रोजाना सफर करते हैं। कई बार जब 10 रुपये अतिरिक्त देने की बात आती है तो उसका विरोध किया जाता है। मगर कंडक्टर सुनने को तैयार नहीं होता है और बीच रास्ते में रोककर गाड़ी से बाहर निकालने के लिए भी कहा जाता है।
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हमारे पास अभी तक किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। प्राइवेट बस संचालकों का अपना अलग मामला होता है। देवदत्त, जीएम, रोडवेज रेवाड़ी।
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परिवार समेत जाने वाले लोगों को होती है अधिक परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को होती है जो बाहर के होते हैं। लोग गुरुग्राम जाने को लेकर प्राइवेट बसों में बैठ तो जाते हैं। जब धारूहेड़ा उतरते हैं तो और ज्यादा समस्या होती है। रोहित ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गुरुग्राम जा रहा था। साथ में 3 से 4 बैग भी थे। धारूहेड़ा में प्राइवेट बस ने उतार दिया। इस दौरान बस पकड़ने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। साथ में बच्चे भी थे। काफी परेशानी होती है, सीधी बस मिलनी चाहिए।
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विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं कंडक्टर
प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी को लेकर जब लोग आवाज उठाते हैं तो कंडक्टर मारपीट को भी उतारू हो जाते हैं। राजेश और पुनीत ने बताया कि वह रेवाड़ी से गुरुग्राम के लिए रोजाना सफर करते हैं। कई बार जब 10 रुपये अतिरिक्त देने की बात आती है तो उसका विरोध किया जाता है। मगर कंडक्टर सुनने को तैयार नहीं होता है और बीच रास्ते में रोककर गाड़ी से बाहर निकालने के लिए भी कहा जाता है।
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हमारे पास अभी तक किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। प्राइवेट बस संचालकों का अपना अलग मामला होता है। देवदत्त, जीएम, रोडवेज रेवाड़ी।