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गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हुई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
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जाटूसाना स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अपने स्वास्थ्य की जा
- फोटो : Rewari
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केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सहित देशभर में महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के साथ-साथ विशेषकर गर्भवती महिलाओं के कल्याण के लिए शुरू की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। गर्भवती महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण कराकर योजना का बखूबी लाभ उठा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधीन चल रही इस कल्याणकारी योजना से लिंगानुपात में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों से परामर्श दिलाकर उनका फ्री इलाज कराना है। इतना ही नहीं ऐसी गर्भवती महिलाओं को योजना के अनुरूप पोषण सामग्री भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिससे गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान किसी प्रकार की परेशानी ना उठानी पड़े। ऐसी महिलाओं की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की जाती है, ताकि डिलीवरी के समय जज्जा व बच्चा स्वस्थ रहें।
उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने कहा कि बेटा-बेटी के अंतर को दूर करने व बेटियों को शिक्षित करना चाहिए। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं,ऐसे में कन्याओं को पूरा मान सम्मान देना होगा। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति भेदभाव और लिंगानुपात के अंतर को कम करने की ठोस शुरूआत हुई है, वहीं बेटियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में सुधार लाना हम सबका परम कर्तव्य है। उपायुक्त ने कहा कि जिला के जिन गांवों में लिंगानुपात की स्थिति चिंताजनक है, उनमें अगर समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाली पीढिय़ां प्रभावित होंगी। इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी वर्कर,स्वास्थ्य विभाग की एएनएम और एलएचवी आवश्यक कदम उठाएं।
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इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों से परामर्श दिलाकर उनका फ्री इलाज कराना है। इतना ही नहीं ऐसी गर्भवती महिलाओं को योजना के अनुरूप पोषण सामग्री भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिससे गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान किसी प्रकार की परेशानी ना उठानी पड़े। ऐसी महिलाओं की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की जाती है, ताकि डिलीवरी के समय जज्जा व बच्चा स्वस्थ रहें।
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उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने कहा कि बेटा-बेटी के अंतर को दूर करने व बेटियों को शिक्षित करना चाहिए। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं,ऐसे में कन्याओं को पूरा मान सम्मान देना होगा। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति भेदभाव और लिंगानुपात के अंतर को कम करने की ठोस शुरूआत हुई है, वहीं बेटियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में सुधार लाना हम सबका परम कर्तव्य है। उपायुक्त ने कहा कि जिला के जिन गांवों में लिंगानुपात की स्थिति चिंताजनक है, उनमें अगर समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाली पीढिय़ां प्रभावित होंगी। इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी वर्कर,स्वास्थ्य विभाग की एएनएम और एलएचवी आवश्यक कदम उठाएं।
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