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Rewari News: डाकिया खोलेगा खाता, टीबी मरीजों को मिलेगी राहत राशि
Thu, 06 Jun 2024 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 06 Jun 2024 12:04 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में टीबी के मरीजों को सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। अब ऐसे मरीज जिन्होंने खाता नहीं खुलवाया है, उन मरीजों के घर पर जाकर ही डाकिया खाता खोलेगा। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग का डाक विभाग के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ है।
दरअसल खाते से वंचित मरीजों के खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली राशि का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में इस समय 1500 से ज्यादा टीबी के मरीज हैं, जिनकी दवाइयां चल रही हैं। इनमें बिगड़ी टीबी के मरीज भी शामिल हैं। इस नई सुविधा से मरीजों को भी राहत मिलेगी। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों की डाक विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विस्तार से बताया गया। बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसे लेकर जिले में भी टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है।
प्रति माह 500 रुपये की सहायता राशि बेहतर पोषण के लिए जाती है भेजी
निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों के बैंक खाते में इलाज जारी रहने तक प्रति माह 500 रुपये की सहायता राशि बेहतर पोषण के लिए भेजी जाती है। योजना के तहत टीबी मरीजों के बैंक खाते में इलाज जारी रहने तक प्रतिमाह 500 रुपये मिलता है। इसके लिए डीबीटी अकाउंट खुलता है। इस समय जिले में 15 फीसदी पीड़ितों के अकाउंट नहीं खुले थे, इससे उनके खाते में पैसे नहीं जारी हो रहे थे। खाता खुलने से वह भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
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जीरो बैलेंस पर खुलेगा खाता : नोडल अधिकारी
डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला क्षय रोग नोडल अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि जिन मरीजों ने अकाउंट नहीं खुलवाया है, उन मरीजों के घर पर ही डाकिया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से ऐसे मरीजों की लिस्ट डाक विभाग को सौंपी जाएगी। जिन इलाकों में मरीजों के खाते नहीं हैं वहां डाकिये घर जाकर उनका खाता खोलेंगे। इसके लिए मरीज का आधार कार्ड अनिवार्य है। पैन कार्ड भी होना चाहिए, लेकिन अगर नहीं है तो आधार कार्ड से ही खाता खुल सकता है। इसके लिए पोस्ट ऑफिस से ही नोडल अधिकारी बनाया गया है। अकाउंट जीरो बैलेंस पर खोला जाएगा।
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दरअसल खाते से वंचित मरीजों के खाते में निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली राशि का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में इस समय 1500 से ज्यादा टीबी के मरीज हैं, जिनकी दवाइयां चल रही हैं। इनमें बिगड़ी टीबी के मरीज भी शामिल हैं। इस नई सुविधा से मरीजों को भी राहत मिलेगी। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों की डाक विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विस्तार से बताया गया। बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसे लेकर जिले में भी टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है।
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प्रति माह 500 रुपये की सहायता राशि बेहतर पोषण के लिए जाती है भेजी
निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों के बैंक खाते में इलाज जारी रहने तक प्रति माह 500 रुपये की सहायता राशि बेहतर पोषण के लिए भेजी जाती है। योजना के तहत टीबी मरीजों के बैंक खाते में इलाज जारी रहने तक प्रतिमाह 500 रुपये मिलता है। इसके लिए डीबीटी अकाउंट खुलता है। इस समय जिले में 15 फीसदी पीड़ितों के अकाउंट नहीं खुले थे, इससे उनके खाते में पैसे नहीं जारी हो रहे थे। खाता खुलने से वह भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
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जीरो बैलेंस पर खुलेगा खाता : नोडल अधिकारी
डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला क्षय रोग नोडल अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि जिन मरीजों ने अकाउंट नहीं खुलवाया है, उन मरीजों के घर पर ही डाकिया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से ऐसे मरीजों की लिस्ट डाक विभाग को सौंपी जाएगी। जिन इलाकों में मरीजों के खाते नहीं हैं वहां डाकिये घर जाकर उनका खाता खोलेंगे। इसके लिए मरीज का आधार कार्ड अनिवार्य है। पैन कार्ड भी होना चाहिए, लेकिन अगर नहीं है तो आधार कार्ड से ही खाता खुल सकता है। इसके लिए पोस्ट ऑफिस से ही नोडल अधिकारी बनाया गया है। अकाउंट जीरो बैलेंस पर खोला जाएगा।