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Rewari News: डेढ़ दशक में 2 लाख बढ़ी आबादी, परिवहन सुविधाओं का नहीं हुआ विस्तार

Sat, 12 Sep 2026 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 12 Sep 2026 11:20 PM IST
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Population increased by 200,000 in a decade and a half; transport facilities did not expand.
बस पकड़ने के लिए संघर्ष करते लोग। संवाद
रेवाड़ी। डेढ़ दशक में रेवाड़ी की आबादी में दो लाख से अधिक बढ़ी है। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। बावजूद इसके परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं किया गया। वर्ष 2011 में जिले की आबादी 9,00,332 थी, जो 2026 तक बढ़कर अनुमानित 11 लाख से अधिक हो गई है। इस वृद्धि के पीछे औद्योगिक विकास, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और आसपास के क्षेत्रों से बढ़ता आवागमन प्रमुख कारण हैं।
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यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद परिवहन सुविधाओं में वृद्धि नहीं हुई है। रेवाड़ी रोडवेज के पास फिलहाल 155 बसें हैं, जबकि डिपो के लिए 177 बसों का बेड़ा स्वीकृत है। बेड़े में 22 बसें कम हैं। 2011 में भी यही स्थिति थी। अब भी यही है। रोडवेज की बसों से रोजाना 20 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।
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रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से जिले की परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। धारूहेड़ा और बावल के औद्योगिक क्षेत्रों में 1500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, जिनमें करीब 80 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।
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महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, झज्जर, मेवात सहित राजस्थान सीमा से लगते क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार और अन्य कार्यों के लिए रोजाना रेवाड़ी पहुंचते हैं।
स्थिति यह है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में प्रमुख रूटों की बसों में यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। कई बार बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती। दूसरी ओर दोपहर के समय कई रूटों पर बस सेवाएं कम होने से यात्रियों को निजी बस, ऑटो और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

रेवाड़ी डिपो में 221 पदों में से 120 रिक्त
रेवाड़ी डिपो में कर्मचारियों की कमी भी परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। विभिन्न श्रेणियों के 221 स्वीकृत पदों में से 120 पद खाली हैं। उपनिरीक्षक के 30 पदों में केवल सात भरे हैं और 23 रिक्त हैं। निरीक्षक के 20 पदों में पांच कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 15 खाली हैं। मुख्य निरीक्षक का एकमात्र पद रिक्त है। स्टेशन सुपरवाइजर के दोनों पद, डीजल पंप लिपिक के तीनों पद, सहायक कैशियर के दो, कैशियर के दो और स्टोर कीपर के तीन पद भी खाली हैं। तकनीकी स्टाफ में भी कमी है। हेल्पर, चौकीदार, स्टोरमैन, माली, स्वीपर के पदों पर भी पर्याप्त नियमित कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।

नए भवन का निर्माण भी धीमा
बढ़ती आबादी और यात्रियों के दबाव के बाद भी रेवाड़ी डिपो के नए भवन और धारूहेड़ा बस स्टैंड भवन का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बस संचालन को बेहतर करने के साथ यात्रियों को सुविधाएं देने और नए रूटों पर सेवाएं बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं कोसली सब डिपो के लिए टेंडर लगाया जा चुका है।

भविष्य में इस प्रोजेक्ट से हैं उम्मीदें
केंद्र सरकार ने दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर को फिर बहरोड़ तक विस्तार देने की तैयारी शुरू कर दी है। परियोजना पर करीब 8 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी। इसके लिए वित्त मंत्रालय से बजट मांगा गया है। प्रस्तावित विस्तार में बावल से नीमराणा तक करीब 36 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें चार स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम कम करने और रेवाड़ी-राजस्थान के यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना पिछले 15 वर्षों से कई बदलावों के कारण अटकी हुई है। भविष्य में इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें हैं।

वर्जन
जिले में रेवाड़ी सब डिपो का नया आधुनिक भवन व धारूहेड़ा बस स्टैंड के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में परिवहन सुविधाओं में विस्तार होगा।- निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी।
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