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Rewari News: पुलिस ने आमजन को नए कानूनों की दी जानकारी
Thu, 04 Jul 2024 02:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 04 Jul 2024 02:51 AM IST
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रेवाड़ी। लोगों को नए कानूनों के प्रति जागरूक करते पुलिस की टीम। स्रोत : पीआरओ
रेवाड़ी। 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। आमजन को नए कानूनों की जानकारी देने के लिए जिला पुलिस ने प्रत्येक थाना, चौकी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान पर्यवेक्षण अधिकारी, प्रबंधक थाना व चौकी इंचार्ज ने आमजन को नए कानूनों के बारे में बताया।
कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के सरपंच, कॉलोनी व गांवों के मौजिज व्यक्ति मौजूद रहे। एसपी गौरव ने बताया कि नए कानून में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने लिए एफआईआर से लेकर फैसले तक को समय सीमा में बांधा गया है। शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज करने, जांच पूरी करने, न्यायालय के संज्ञान लेने, दस्तावेज दाखिल करने और ट्रायल पूरा होने के बाद फैसला सुनाने तक की समय सीमा तय है।
नए कानूनों के लागू होने पर ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिक से अधिक तीन साल में देना होगा। महिला विरुद्ध अपराध से संबंधित मामलों में 60 दिन के अंदर-अंदर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश करना होगा। दोषी द्वारा चालान की प्रति प्राप्त करने उपरांत 60 दिन के अंदर अंदर न्यायालय में चार्जशीट करना अनिवार्य होगा। कानून के अनुसार इलेक्ट्रानिक्स व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही रिकार्ड की जा सकेगी। मुकदमे में बहस व दलीलें पूर्ण होने उपरांत न्यायालय द्वारा 30 दिन में फैसला देना अनिवार्य होगा। इससे अधिकतम 45 दिनों की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है। अन्य संगीन मामलों में 90 दिन में जांच पूरी कर चालान पेश करना होगा।
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कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के सरपंच, कॉलोनी व गांवों के मौजिज व्यक्ति मौजूद रहे। एसपी गौरव ने बताया कि नए कानून में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने लिए एफआईआर से लेकर फैसले तक को समय सीमा में बांधा गया है। शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज करने, जांच पूरी करने, न्यायालय के संज्ञान लेने, दस्तावेज दाखिल करने और ट्रायल पूरा होने के बाद फैसला सुनाने तक की समय सीमा तय है।
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नए कानूनों के लागू होने पर ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिक से अधिक तीन साल में देना होगा। महिला विरुद्ध अपराध से संबंधित मामलों में 60 दिन के अंदर-अंदर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश करना होगा। दोषी द्वारा चालान की प्रति प्राप्त करने उपरांत 60 दिन के अंदर अंदर न्यायालय में चार्जशीट करना अनिवार्य होगा। कानून के अनुसार इलेक्ट्रानिक्स व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही रिकार्ड की जा सकेगी। मुकदमे में बहस व दलीलें पूर्ण होने उपरांत न्यायालय द्वारा 30 दिन में फैसला देना अनिवार्य होगा। इससे अधिकतम 45 दिनों की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है। अन्य संगीन मामलों में 90 दिन में जांच पूरी कर चालान पेश करना होगा।
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