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जिले में पेड़ों की गिनती करने में वन विभाग का सहयोग करें लोग : डीसी
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रेवाड़ी। जिले में वन विभाग पेड़ों की गिनती करा रहा है। इस कार्य के पूर्ण होने के बाद जिले में हरियाली की स्थिति एवं पेड़ों की असल संख्या वन विभाग को पता चल जाएगी। विभाग यह भी पता लगाएगा कि व्यक्तिगत, सार्वजनिक और पंचायत भूमि पर किनने पेड़ लगे हुए हैं। उक्त बातें डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कही हैं।
उन्होंने लोगों से यह आग्रह किया है कि वे जिला वन विभाग के कार्य में सहयोग दें। प्रदेश सरकार ने अब जिले सहित प्रदेश भर में सभी पेड़ों की गणना कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत तहत पंचायत भूमि, निजी भूमि, वन भूमि, सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों की भूमि में लगे हर प्रकार के पेड़ों की गणना की जा रही है। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य, यह जानकारी एकत्रित करना है कि जिले में किस गांव या शहर में कितना हरित क्षेत्र है। इस आधार पर आगामी पौधरोपण व पौध संरक्षण योजना बनेगी। डीसी के अनुसार पेड़ों की गणना के इस कार्य से जिलेभर में पेड़ों की मलकीयत (मालिकाना हक) की सटीक जानकारी भी मिल पाएगी। इस संबंध में वन विभाग से आमजन से जुड़े जरूरी बिंदुओं पर अहम जानकारियां मांगी जा रही हैं।
जिला वन अधिकारी सुंदर लाल सांभरिया ने लोगों से आग्रह किया है कि वृक्षों गिनती कराने का उद्देश्य गांव, पंचायत और निजी भूमि पर लगे पेड़ों की जानकारी लेनी है। इसके आधार पर उस गांव के लिए भावी पौधरोपण कार्यक्रम बनाए जाएंगे। जहां पौधे लगे हैं, उन क्षेत्रों को छोड़कर आगे पौधरोपण कराया जाएगा। इस कार्य का यह उद्देश्य कतई नहीं कि जो भी पेड़, चाहे वह निजी भूमि पर हो या पंचायत की भूमि पर हो, उस पर वन विभाग भविष्य में अपना अधिकार जता दे। उन्होंने कहा कि जो पेड़, जहां है, उस जगह के मालिक की मलकीयत रहेगा। उन्होंने सभी जिलावासियों से आग्रह किया कि वे वन विभाग के कार्य में सहयोग करें।
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उन्होंने लोगों से यह आग्रह किया है कि वे जिला वन विभाग के कार्य में सहयोग दें। प्रदेश सरकार ने अब जिले सहित प्रदेश भर में सभी पेड़ों की गणना कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत तहत पंचायत भूमि, निजी भूमि, वन भूमि, सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों की भूमि में लगे हर प्रकार के पेड़ों की गणना की जा रही है। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य, यह जानकारी एकत्रित करना है कि जिले में किस गांव या शहर में कितना हरित क्षेत्र है। इस आधार पर आगामी पौधरोपण व पौध संरक्षण योजना बनेगी। डीसी के अनुसार पेड़ों की गणना के इस कार्य से जिलेभर में पेड़ों की मलकीयत (मालिकाना हक) की सटीक जानकारी भी मिल पाएगी। इस संबंध में वन विभाग से आमजन से जुड़े जरूरी बिंदुओं पर अहम जानकारियां मांगी जा रही हैं।
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जिला वन अधिकारी सुंदर लाल सांभरिया ने लोगों से आग्रह किया है कि वृक्षों गिनती कराने का उद्देश्य गांव, पंचायत और निजी भूमि पर लगे पेड़ों की जानकारी लेनी है। इसके आधार पर उस गांव के लिए भावी पौधरोपण कार्यक्रम बनाए जाएंगे। जहां पौधे लगे हैं, उन क्षेत्रों को छोड़कर आगे पौधरोपण कराया जाएगा। इस कार्य का यह उद्देश्य कतई नहीं कि जो भी पेड़, चाहे वह निजी भूमि पर हो या पंचायत की भूमि पर हो, उस पर वन विभाग भविष्य में अपना अधिकार जता दे। उन्होंने कहा कि जो पेड़, जहां है, उस जगह के मालिक की मलकीयत रहेगा। उन्होंने सभी जिलावासियों से आग्रह किया कि वे वन विभाग के कार्य में सहयोग करें।
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