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कानूनी सुरक्षा देने के लिए पेटेंट और डिजाइन पंजीकरण जरूरी : राजू
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केएलपी कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज
रेवाड़ी। केएलपी कॉलेज के आईक्यूएसी और रिसर्च सेल की ओर से इनोवेशन टू प्रोटेक्शन आईपीआर एंड पेटेंट डिजाइन फाइलिंग विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कुमार राजू ने अपने व्याख्यान में नवाचारों की सुरक्षा में बौद्धिक संपदा अधिकारों की भूमिका को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किसी भी नए आविष्कार, डिजाइन या रचनात्मक कार्य को कानूनी सुरक्षा देने के लिए पेटेंट और डिजाइन पंजीकरण बेहद महत्वपूर्ण है।
साथ ही पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और इसके लाभों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. कविता गुप्ता रहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार और अनुसंधान शिक्षा का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है ताकि वे अपने नवाचारों को सुरक्षित रख सकें और समाज के विकास में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक महाविद्यालय प्रबंधकारिणी के अध्यक्ष रिपुदमन गुप्ता रहे जबकि संरक्षक के रूप में उपाध्यक्ष संदीप खंडेलवाल, महासचिव अरविंद गुप्ता और कोषाध्यक्ष उषा रुस्तगी ने मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. अनुराधा दीपक, डॉ. दिनेश कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों से करीब 700 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया।
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इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. कविता गुप्ता ने 10-11 अप्रैल को होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस विकसित भारत 2047 के फ्लायर और वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट देने की जानकारी दी गई।
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साथ ही पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और इसके लाभों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. कविता गुप्ता रहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार और अनुसंधान शिक्षा का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है ताकि वे अपने नवाचारों को सुरक्षित रख सकें और समाज के विकास में योगदान दे सकें।
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कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक महाविद्यालय प्रबंधकारिणी के अध्यक्ष रिपुदमन गुप्ता रहे जबकि संरक्षक के रूप में उपाध्यक्ष संदीप खंडेलवाल, महासचिव अरविंद गुप्ता और कोषाध्यक्ष उषा रुस्तगी ने मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. अनुराधा दीपक, डॉ. दिनेश कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों से करीब 700 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया।
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इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. कविता गुप्ता ने 10-11 अप्रैल को होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस विकसित भारत 2047 के फ्लायर और वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट देने की जानकारी दी गई।