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Rewari News: बीएस-6 बसों में खराबी से यात्री हो रहे परेशान
Mon, 01 Apr 2024 05:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 01 Apr 2024 05:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बीस बीएस -6 बसों की बार-बार खराबी के चलते दिल्ली रूट पर बसों की संख्या कम हो गई है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। रेवाड़ी डिपो में कुल बीएस-6 की 46 बसें हैं। इनमें से 20 बसें रह-रह कर खराब हो जा रही हैं। ऐसे में कभी 26 तो कभी 30 बसें दिल्ली जाती है।
तीन सप्ताह पूर्व खराब डीजल के कारण रोडवेज डिपो की बीएस-6 बसों में खराबी आ गई थी जिससे इनका संचालन प्रभावित हो गया था। बीएस-6 की 25 बसें धुआं देने लगी थीं। जब इसकी जांच कराई गई तो पता चला कि कम गुणवत्ता के डीजल के चलते बसें धुआं दे रही हैं। इसके बाद ये बसें वर्कशॉप में खड़ी कर दी गईं। मैकेनिकों ने बसों के फिल्टर साफ करने के बाद आईओसी से मंगाए गए दूसरे डीजल से बसों को चलाना शुरू किया लेकिन बसों के सेंसर और फिल्टर यूनिट में खराबी आई गई। गड़बड़ियां पूरी तरीके से ठीक नहीं होने के कारण इन बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
बीएस-6 बसें अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं। इनमें सेंसर डिवाइस तक लगी हुई है। रोडवेज वर्कशॉप के कर्मचारियों को इन बसों की तकनीकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में मैकेनिक इन बसों को ठीक करने के लिए पुराने तरीके का इस्तेमाल ही कर रहे हैं, जिससे बसें सही ढंग से नहीं चल पा रही हैं। कुछ चालकों ने परेशान होकर अपनी बसों को अधिकृत वर्कशॉप पर चेक कराया। अधिकृत वर्कशॉप पर इन बसों को पूरी तरह ठीक करने के लिए प्रति बस लगभग मोटा खर्च बताया गया है। इसमें सेंसर से लेकर फिल्टर यूनिट तक बदलना शामिल है। विभाग बसों पर इतना पैसा खर्च करने की स्थिति में नहीं है। इन बसों का हाल बेहाल हो चुका है। एक बस पर करीब 2 से 3 लख रुपये खर्च बताया जा रहा है।
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डीजल के सैंपल की रिपोर्ट आईओसीएल से अभी तक नहीं मिली है। सैंपल रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।- देवदत्त, जीएम रोडवेज
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रेवाड़ी। बीस बीएस -6 बसों की बार-बार खराबी के चलते दिल्ली रूट पर बसों की संख्या कम हो गई है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। रेवाड़ी डिपो में कुल बीएस-6 की 46 बसें हैं। इनमें से 20 बसें रह-रह कर खराब हो जा रही हैं। ऐसे में कभी 26 तो कभी 30 बसें दिल्ली जाती है।
तीन सप्ताह पूर्व खराब डीजल के कारण रोडवेज डिपो की बीएस-6 बसों में खराबी आ गई थी जिससे इनका संचालन प्रभावित हो गया था। बीएस-6 की 25 बसें धुआं देने लगी थीं। जब इसकी जांच कराई गई तो पता चला कि कम गुणवत्ता के डीजल के चलते बसें धुआं दे रही हैं। इसके बाद ये बसें वर्कशॉप में खड़ी कर दी गईं। मैकेनिकों ने बसों के फिल्टर साफ करने के बाद आईओसी से मंगाए गए दूसरे डीजल से बसों को चलाना शुरू किया लेकिन बसों के सेंसर और फिल्टर यूनिट में खराबी आई गई। गड़बड़ियां पूरी तरीके से ठीक नहीं होने के कारण इन बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
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बीएस-6 बसें अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं। इनमें सेंसर डिवाइस तक लगी हुई है। रोडवेज वर्कशॉप के कर्मचारियों को इन बसों की तकनीकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में मैकेनिक इन बसों को ठीक करने के लिए पुराने तरीके का इस्तेमाल ही कर रहे हैं, जिससे बसें सही ढंग से नहीं चल पा रही हैं। कुछ चालकों ने परेशान होकर अपनी बसों को अधिकृत वर्कशॉप पर चेक कराया। अधिकृत वर्कशॉप पर इन बसों को पूरी तरह ठीक करने के लिए प्रति बस लगभग मोटा खर्च बताया गया है। इसमें सेंसर से लेकर फिल्टर यूनिट तक बदलना शामिल है। विभाग बसों पर इतना पैसा खर्च करने की स्थिति में नहीं है। इन बसों का हाल बेहाल हो चुका है। एक बस पर करीब 2 से 3 लख रुपये खर्च बताया जा रहा है।
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डीजल के सैंपल की रिपोर्ट आईओसीएल से अभी तक नहीं मिली है। सैंपल रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।- देवदत्त, जीएम रोडवेज