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Rewari News: सर्व कर्मचारी संघ का एक दिवसीय धरना आज
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रेवाड़ी। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जिला रेवाड़ी की ओर से मंगलवार को कर्मचारियों की मांगों को लेकर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान धनराज करेंगे। जिला सचिव सुमित्रा देवी ने सभी विभागीय यूनियनों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे सुबह 10 बजे नेहरू पार्क में एकत्रित होकर सभा में भाग लें। सभा के बाद सभी कर्मचारी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे, जिसे जिला प्रशासन हरियाणा सरकार को अग्रेषित करेगा।
सुमित्रा देवी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, आठवां वेतन आयोग लागू करना, पीएफआरडीएफ एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करना, श्रम कानूनों में कटौती कर बनाए गए चार नए श्रम कानूनों को रद्द करना तथा एनपीएस और यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करना शामिल है।
इसके अलावा ईपीएस-95 के अनुसार कर्मचारियों को लाभ प्रणाली में शामिल करना, सभी पार्ट टाइम और अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करना, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और दिहाड़ी प्रथा समाप्त करना, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरना और सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाना भी प्रमुख मांगों में शामिल है।
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संघ ने यह भी मांग रखी है कि सरकारी विभागों का विस्तार जनसंख्या के आधार पर किया जाए, प्रत्येक पांच वर्ष में वेतन संशोधन अनिवार्य हो, महंगाई भत्ते (डीए) में समयानुसार बढ़ोतरी की जाए और कोरोना काल में रोके गए डीए का तुरंत भुगतान किया जाए। संघ ने नई शिक्षा नीति को रद्द करने की भी अपील की है।
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सुमित्रा देवी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, आठवां वेतन आयोग लागू करना, पीएफआरडीएफ एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करना, श्रम कानूनों में कटौती कर बनाए गए चार नए श्रम कानूनों को रद्द करना तथा एनपीएस और यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करना शामिल है।
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इसके अलावा ईपीएस-95 के अनुसार कर्मचारियों को लाभ प्रणाली में शामिल करना, सभी पार्ट टाइम और अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करना, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और दिहाड़ी प्रथा समाप्त करना, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरना और सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाना भी प्रमुख मांगों में शामिल है।
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संघ ने यह भी मांग रखी है कि सरकारी विभागों का विस्तार जनसंख्या के आधार पर किया जाए, प्रत्येक पांच वर्ष में वेतन संशोधन अनिवार्य हो, महंगाई भत्ते (डीए) में समयानुसार बढ़ोतरी की जाए और कोरोना काल में रोके गए डीए का तुरंत भुगतान किया जाए। संघ ने नई शिक्षा नीति को रद्द करने की भी अपील की है।
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