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खेड़ा बॉर्डर पर तनाव के बीच बढ़ी अर्द्धसैनिक बलों की तादाद

Fri, 29 Jan 2021 11:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:44 PM IST
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Number of paramilitary forces increased amid tension on Kheda border
रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को हटवाने के लिए शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों ने गांव खेड़ा में पंचायत आयोजित कर दो दिन में हाईवे खाली करने का अल्टीमेटम दिया। प्रत्येक गांव के पांच-पांच लोगों की कमेटी बनाकर रविवार को महापंचायत करने का निर्णय लिया। वहीं स्थानीय ग्रामीणों के रोष को देखते हुए हरियाणा में अर्द्धसैनिक बलों की तीन अतिरिक्त कंपनियों (300 अर्द्धसैनिक बल) को तैनात किया गया है। दूसरी ओर आंदोलित किसानों की सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस के जवानों को बॉर्डर पर तैनात कर दिया गया है। किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर राजस्थान सरकार ने खेड़ा बॉर्डर पर एडीएम व एएसपी रैंक के अधिकारियों को चौबीसों घंटे तैनात कर दिया है। अर्द्धसैनिक बलों की तीन अतिरिक्त कंपनियां के साथ खेड़ा बॉर्डर पर इनकी संख्या 8 हो गई है।
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बता दें कि कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर राजस्थान-हरियाणा सहित अनेक राज्यों के किसान 13 दिसंबर को हाईवे के रास्ते दिल्ली कूच कर रहे थे, लेकिन हरियाणा पुलिस ने खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड व कंटेनर लगाकर यहीं रोक दिया गया। इसके बाद से ही खेड़ा बार्डर स्थित करीब डेढ सौ पेट्रोल पंप और 500 से अधिक दुकानदारों का काम ठप हो गया था। हाईवे से आंदोलित किसानों को हटवाने के लिए आसपास के पेट्रोल पंप संचालक दुकानदार और ग्रामीणों के साथ मिलकर लामबंद हो गए थे। शुक्रवार को आयोजित पंचायत में किसानों को हाईवे से हटवाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है तथा रविवार को महापंचायत करने का निर्णय लिया है। इस पंचायत में प्रत्येक गांव में पांच-पांच लोगों की कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है। पांच-पांच लोगों की कमेटी घर-घर जाकर लोगों से पंचायत में पहुंचने का आग्रह करेगी।
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बॉर्डर पर किसानों का धरना जारी
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। राजस्थान की सीमा में बैठे किसानों ने कहा कि सरकार एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम कर रही है। अभी तक सरकार की ओर से रची गई सभी साजिशें नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते वे अपने घर नहीं जाएंगे।
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किसानों को पीछे कर राजस्थान पुलिस बनी ढाल
खेड़ा बॉर्डर राजस्थान की सीमा में धरना पर बैठे किसानों व हरियाणा के स्थानीय ग्रामीणों के बीच तनाव को देेखते हुए राजस्थान प्रशासन की ओर से आंदोलित किसानों को करीब 50 मीटर पीछे कर दिया है। ढाल के तौर पर राजस्थान पुलिस के जवानों की आगे तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही हरियाणा की ओर से जाने वाले लोगों से पूरी जांच पड़ताल की जा रही है।

ऐहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बलों को बढ़ाया
बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान राजस्थान की सीमा में बैठे हुए, लेकिन हाईवे बंद होने से परेशान ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। रेवाड़ी प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाया है। फिलहाल ऐहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बलों की तीन कंपनियां बढ़ा दी गई हैं।
-राजेश कुमार, डीएसपी
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