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अब गैर संक्रामक बीमारियों का रखा जाएगा रिकॉर्ड
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रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग आने वाले समय में गैर संक्रामक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसके लिए विशेष हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है। नागरिक अस्पताल में इसके लिए पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। अस्पताल के नए भवन स्थित कमरा नंबर 101बी में गैर संक्रामक रोग क्लीनिक स्थापित किया है। इसमें 30 वर्ष या इससे अधिक आयु के महिला और पुरुष के हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, कैंसर, मधुमेह, अल्जाइमर रोग, मोतियाबिंद सहित गैर संक्रामक बीमारियों के मरीजों का रिकार्ड रखा जाएगा। इन मरीजों को हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा जिसमें चिकित्सक द्वारा दिया गया परामर्श, रक्तचाप, मधुमेह की स्थिति और लिखी गई दवा का विवरण उल्लेखित होगा। एक बार हेल्थ कार्ड बनने के बाद उनका रिकॉर्ड हर बार ऑनलाइन दर्ज होगा। इस हेल्थ कार्ड में मरीज का पंजीकरण नंबर के साथ नाम, किसी स्वास्थ्य केंद्र पर कौन चिकित्सक जांच कर रहे हैं, क्या तकलीफ थी कितने समय में कितना सुधार हुआ आदि विवरण उल्लेखित होगा। इसका रिकार्ड मरीज को प्रदान किए जाने वाले हेल्थ कार्ड के साथ नागरिक अस्पताल में कंप्यूटर पर भी ऑनलाइन दर्ज होगा।
हर बार मरीज को साथ लाना होगा कार्ड
एक बार यह कार्ड बनने के बाद इसे हर बार साथ लेकर आना होगा। चिकित्सक पिछली बार की दी दवा और परामर्श के साथ रक्तचाप, मधुमेह और अन्य जांच रिपोर्ट देखकर उसके आधार पर सुधार हुआ या नहीं इसको जान सकेंगे तथा उसके अनुसार ही आगे उपचार दिया जा सकेगा।
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अधिकारी का वर्जन
गैर संक्रामक बीमारियों के मरीजों का रिकॉर्ड रखने के लिए अभी तक आधिकारिक रूप से इस पर काम नहीं हो रहा था। अब ऐसे मरीजों का संपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इससे अगले साल पता चलेगा कि किस बीमारी से कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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डॉ. धर्मेंद्र कुमार, उप सिविल सर्जन
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हर बार मरीज को साथ लाना होगा कार्ड
एक बार यह कार्ड बनने के बाद इसे हर बार साथ लेकर आना होगा। चिकित्सक पिछली बार की दी दवा और परामर्श के साथ रक्तचाप, मधुमेह और अन्य जांच रिपोर्ट देखकर उसके आधार पर सुधार हुआ या नहीं इसको जान सकेंगे तथा उसके अनुसार ही आगे उपचार दिया जा सकेगा।
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अधिकारी का वर्जन
गैर संक्रामक बीमारियों के मरीजों का रिकॉर्ड रखने के लिए अभी तक आधिकारिक रूप से इस पर काम नहीं हो रहा था। अब ऐसे मरीजों का संपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इससे अगले साल पता चलेगा कि किस बीमारी से कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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डॉ. धर्मेंद्र कुमार, उप सिविल सर्जन