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यातायात जाम करने में भूमिका निभाने वाले दो दर्जन अस्पतालों को नोटिस
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सरकुलर रोड पर जाम का सबब बनने वाले बैंकों व निजी अस्पतालों की अब शामत आ गई है। उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। सरकुलर रोड पर जाम की खबर अमर उजाला में 6 मई को ‘किनारे खड़े वाहन कर रहे सरकुलर रोड जाम‘ शीर्षक से प्रकाशित होने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। इस बाबत यातायात निरीक्षक ने करीब दो दर्जन अस्पतालों व बैंकों को नोटिस जारी कर हिदायत दी है कि 15 दिनों के अंदर पार्किंग की व्यवस्था कर लें वर्ना एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, शहर के सरकुलर रोड पर जाम को लेकर अमर उजाला ने कुछ दिनों पहले ही अभियान चलाया था। इसका सुपरिणाम यह है कि पुलिस प्रशासन ने जाम का कारण बनने वाले दो दर्जन से भी अधिक बैंकों व निजी अस्पतालों को नोटिस थमा दिए गए हैं। साथ ही सपाट हिदायतें नोटिस में लिखित तौर पर दी गई हैं कि 15 दिन में उन्होंने पार्किंग की व्यवस्था नहीं की और उनके बैंक व अस्पताल के सामने रोड पर वाहन खड़े मिले तो फिर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये नोटिस यातायात निरीक्षक बहादुर सिंह ने दिए हैं।
सरकुलर रोड है शहर की लाइफ लाइन
सरकुलर रोड का दायरा करीब पांच किलो मीटर में फैला हुआ है। इस सड़क को शहर का लाइफ लाइन भी कहा जाता है। पुराना शहर इसी सरकुलर रोड के अंदर बसा हुआ है। इस रोड पर बड़ी संख्या में बैंक व खासतौर पर निजी अस्पताल हैं। इनमें से ज्यादातर के पास पार्किंग की अपनी व्यवस्था नहीं है। इसलिए अस्पताल या बैंक आने वाले लोग उनके सामने ही रोड पर अपने वाहन खड़ा करते हैं। इसका दुष्परिणाम यह है कि पूरे रोड पर भयंकर जाम लग जाता है। लोग घंटों परेशान रहते हैं। चूंकि, इसी रोड से रेलवे स्टेशन पहुंचा जाता है ऐसे में कइयों की ट्रेनें तक छूट जाती है। शहर में कुछ प्वाइंट ऐसे हैं जहां जाम अधिक लगता हैं। इनमें आंबेडकर चौक पर, नाईवाली चौक, कानोड़ गेट, स्टेशन रोड के पास जाम रहता है। इसके अलावा बावल चौक और बस स्टेंड के सामने अतिक्रमण जाम की मुख्य वजह है।
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लोगों के हित में बैंकों व निजी अस्पतालों को नोटिस थमाए गए हैं। पुलिस ने उनसे कहा है कि वे पार्किंग की व्यवस्था कर लें। वरना एक्ट के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी क्योंकि, उनकी मंशा शहर के लोगों को जाम मुक्त सड़क देने की है।
-बहादुर सिंह, यातायात निरीक्षक।
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बता दें, शहर के सरकुलर रोड पर जाम को लेकर अमर उजाला ने कुछ दिनों पहले ही अभियान चलाया था। इसका सुपरिणाम यह है कि पुलिस प्रशासन ने जाम का कारण बनने वाले दो दर्जन से भी अधिक बैंकों व निजी अस्पतालों को नोटिस थमा दिए गए हैं। साथ ही सपाट हिदायतें नोटिस में लिखित तौर पर दी गई हैं कि 15 दिन में उन्होंने पार्किंग की व्यवस्था नहीं की और उनके बैंक व अस्पताल के सामने रोड पर वाहन खड़े मिले तो फिर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये नोटिस यातायात निरीक्षक बहादुर सिंह ने दिए हैं।
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सरकुलर रोड है शहर की लाइफ लाइन
सरकुलर रोड का दायरा करीब पांच किलो मीटर में फैला हुआ है। इस सड़क को शहर का लाइफ लाइन भी कहा जाता है। पुराना शहर इसी सरकुलर रोड के अंदर बसा हुआ है। इस रोड पर बड़ी संख्या में बैंक व खासतौर पर निजी अस्पताल हैं। इनमें से ज्यादातर के पास पार्किंग की अपनी व्यवस्था नहीं है। इसलिए अस्पताल या बैंक आने वाले लोग उनके सामने ही रोड पर अपने वाहन खड़ा करते हैं। इसका दुष्परिणाम यह है कि पूरे रोड पर भयंकर जाम लग जाता है। लोग घंटों परेशान रहते हैं। चूंकि, इसी रोड से रेलवे स्टेशन पहुंचा जाता है ऐसे में कइयों की ट्रेनें तक छूट जाती है। शहर में कुछ प्वाइंट ऐसे हैं जहां जाम अधिक लगता हैं। इनमें आंबेडकर चौक पर, नाईवाली चौक, कानोड़ गेट, स्टेशन रोड के पास जाम रहता है। इसके अलावा बावल चौक और बस स्टेंड के सामने अतिक्रमण जाम की मुख्य वजह है।
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लोगों के हित में बैंकों व निजी अस्पतालों को नोटिस थमाए गए हैं। पुलिस ने उनसे कहा है कि वे पार्किंग की व्यवस्था कर लें। वरना एक्ट के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी क्योंकि, उनकी मंशा शहर के लोगों को जाम मुक्त सड़क देने की है।
-बहादुर सिंह, यातायात निरीक्षक।